किसानों को तोहफा---खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में ऐतिहासिक वृद्धि

किसानों को तोहफा---खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में ऐतिहासिक वृद्धि

नई दिल्ली। सरकार ने खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में ऐतिहासिक वृद्धि करते हुए धान सामान्य का एमएसपी 2 रुपये प्रति कुन्तल बढाकर 175 रुपये कर दिया है, जबकि मूंग की कीमत में 14 रुपये और सूरजमुखी की कीमत में 1288 रुपये प्रति कुन्तल की वृद्धि की गयी है।
ज्वार की एमएसपी में पिछले साल की कीमत की तुलना में 73 रुपये प्रति कुन्तल, बाजरे में 525 रुपये, मक्का में 275 रुपये और कपास के एमएसपी में 113 रुपये प्रति कुन्तल की वृद्धि की गई है। रागी का एमएसपी 997 रुपये प्रति कुन्तल, तिल का 949 रुपये, रामतिल का 1827 रुपये, सोयाबीन का 349 रुपये, मूंगफली में 44 रुपये अरहर का 225 रुपये और उड़द का एमएसपी प्रति कुन्तल 2 रुपये बढाया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की आज यहां हुई बैठक में खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य कृषि लागत एवं मूल्य निर्धारण आयोग (सीएसीपी) द्वारा तय फसल लागत का डेढ गुना करने के कृषि मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। धान का एमएसपी 175 रुपये प्रति कुन्तल, तिल का 6249 रुपये, उड़द का 56 रुपये तथा सोयाबीन का 3399 रुपये प्रति कुन्तल तय किया गया है। ज्वार का एमएसपी 243 रुपये, मूंग का 6975 रुपये, अरहर का 5675 रुपये, रागी का 2897 रुपये, मूंगफली छिलका का 489 रुपये, सूरजमुखी का 5388 रुपये और रामतिल का 5877 रुपये प्रति कुन्तल किया गया है। कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य 515 रुपये निर्धारित किया गया है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में बैठक में लिये गये फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने किसानों को उनकी लागत का डेढ गुना एमएसपी देने का वादा किया था, जिसे आज पूरा किया गया है। उन्होंने इसे ऐतिहासिक वृद्धि बताते हुए कहा कि आजादी के बाद पहली बार फसलों के एमएसपी में इतनी वृद्धि की गई है। इससे किसानों की क्रय शक्ति बढेगी और उनका आत्मविश्वास बढेगा। श्री सिंह ने कहा कि सरकार किसानों की आय 222 तक दोगुनी करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। संवाददाता सम्मेलन में कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल तथा विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद भी मौजूद थे। भारतीय जनता पार्टी ने अपने चुनाव घोषणापत्र मेंं किसानों को फसलों की लागत का डेढ गुना मूल्य दिलाने का वादा किया था। इसके बाद मोदी सरकार ने किसानों की आय 222 तक दोगुना करने का संकल्प व्यक्त किया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले सप्ताह किसान प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात के दौरान कहा था कि उनकी सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और खरीफ फसलों के लिए लागत का डेढ गुना समर्थन मूल्य मंत्रिमंडल की अगली बैठक में घोषित कर दिया जाएगा। सरकार ने अपने इस वादे को आज पूरा किया है। सरकार के अनुसार एमएसपी में जो वृद्धि की गयी है उसमें फसल की पूरी लागत का ध्यान रखा गया है। इसमें मजदूरों की मजदूरी तथा बैल, टै्रक्टर एवं मशीनों का किराया, जमीन का किराया और खाद, बीज, सिंचाई खर्च, पारिवारिक पारिश्रमिक तथा अन्य छुटकर खर्चे शामिल हैं। पूर्व में दलहनों के समर्थन मूल्य में की गई वृद्धि का असर अच्छा देखा गया और इसके कारण किसानों ने पिछले सालों में इनकी भरपूर पैदावार ली जिसके कारण इसके आयात में भारी कमी आयी। दलहनों की खेती से जमीन की उर्वरा शक्ति भी बढी। अब सरकार तिलहनों के लिए भी इसी तरह का प्रयास कर रही है। भारतीय खाद्य निगम और अन्य एजेंसियां दलहनों और तिलहनों की किसानों से खरीद जारी रखेंगी। किसानों की फसलों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चलायी जा रही है तथा किसानों को फसलों का उचित मूल्य दिलाने के लिए ई-नाम योजना भी चल रही है। खेतों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना तथा किसानों की आय में वृद्धि के लिए कई अन्य कार्यक्रम भी चलाये जा रहे हैं।

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