Read latest updates about "वे कहते हैं" - Page 4

  • राष्ट्ररंग: यह रोना है, कोई हंसी नहीं, थमेगी थमते-थमते

    पंजाब नेशनल बैक (पी.एन.बी.) में हुए 11356 करोड़ के घोटाले को लेकर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी और दूसरे विरोधी दल प्रधानमंत्री मोदी पर तरह-तरह के आरोप लगा रहे हैं, कुछ इस अंदाज में कि जैसे घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी को उनका संरक्षण रहा हो और उन्होंने ही नीरव मोदी को...

  • राजनीति: ऐसी बानी बोलिए

    किसी भी इंसान की भाषा उसके किरदार का आईना हुआ करती है। उसकी भाषा से, उसके शब्दों से न सिर्फ उसके विचारों का पता चलता है बल्कि उसके संस्कार भी प्रदर्शित हो जाते हैं। अच्छे लोग, संस्कारी लोग गुस्से में भी अपशब्दों को इस्तेमाल नहीं करते। दरअसल, भाषा एक आग है। वह सभ्यता की बुनियाद है तो...

  • मुद्दा: आधार कार्ड बन गया मुसीबत कार्ड

    एक तरफ आधार योजना की वैधता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस दीपक मिश्र की अध्यक्षता में पांच जजों की संविधान पीठ सुनवाई कर रही है, वहीं दूसरी तरफ सरकार आधार कार्ड को लेकर तेजी में है। वह स्कूल में बच्चों के दाखिले से लेकर खाने के लिए राशन तक में आधार कार्ड को जरूरी बनाती जा रही है। सरकार को...

  • बहस: क्या पकोड़े बेचना रोजगार नहीं है.......?

    किसी ने क्या कहा है और उसका क्या मतलब है, इसका अर्थ हर व्यक्ति अपनी मानसिकता के अनुसार निकालता है। अगर आपकी मानसिकता में नकारात्मकता भरी हुई है तो आप अच्छी से अच्छी बात में भी बुराई ढूंढ सकते हैं लेकिन सकारात्मक सोच वाले हर बुराई में भी भलाई ढूंढ निकालते हैं। मोदी जी ने जब कहा कि क्या पकोड़े बेचना...

  • पीएनबी घोटाला: आरोप-प्रत्यारोप के बदले तथ्यों पर जवाब दें सत्ता पक्ष-विपक्ष

    पिछले ही दिनों प्रकाश में आए पी एन बी के 11500 करोड़ के घोटाले ने सम्पूर्ण देश को सकते में डाल दिया है। जहाँ एक ओर देश की बैंकिंग व्यवस्था की विश्वसनीयता कसौटी पर है, वहीं घोटाले के मास्टर माइंड ज्वेलरी कारोबारी का मामला संज्ञान में आने के कुछ हफ्ते पहले ही देश छोड़ भाग जाना वर्तमान केन्द्रीय सरकार...

  • सेना प्रमुख के इशारों को समझने की कोशिश कीजिए

    विगत दिनों भारतीय थल सेना अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत के बयान पर बड़ा बखेड़ा खड़ा किया गया। जिस तरीके से समाचार माध्यमों ने सेना प्रमुख रावत के बयान की व्याख्या की, मैं समझता हूं शायद सेना प्रमुख के बोलने का अर्थ वैसा नहीं होगा। किस परिप्रेक्ष्य और कौन से दृष्टिकोण के साथ सेना प्रमुख जनरल रावत ने...

  • क्या आतंकवाद के बुझते चिराग की भड़कती लौ हैं ये हमले?

    कश्मीर में चली आ रही पचास वर्षों की परम्परा को तोड़ते हुए कश्मीर की घाटी में आतंकवादी हमलों की संख्या में अभिवृद्धि समीक्षकों को आश्चर्यचकित कर रही है। आमतौर पर जब पहाडिय़ां और घुसपैठ के सरल रास्ते बर्फ से ढंक जाते थे तो आतंकवाद की घटनाओं में निश्चित रूप से कमी आती देखी जाती थी किन्तु इस बार का...

  • विश्लेषण: मोदी सरकार की साख गिराएगा बैंक घोटाला

    एक तरफ प्रधानमंत्री देश में आर्थिक भ्रष्टाचार रोकने के प्रयासरत हैं लेकिन पंजाब नेशनल बैंक की मुंबई की एक शाखा में करीब साढ़े ग्यारह हजार करोड़ के घोटाले ने मोदी सरकार के इन सभी प्रयासों पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। पंजाब नेशनल बैंक देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक है, इसलिए आर्थिक जगत में इसका...

  • भ्रष्टाचार के खिलाफ इंकलाब करने वाले बाबा रामदेव

    सुंदरता और जवानी का उपभोग करने का आकर्षण जिस तरह मनचलों के मन में होता है, वैसे ही किसी की शोहरत को अपनी कुर्सी के लिए भुनाने का लोभ राजनेताओं के मन में होता है। फिल्मी अभिनेताओं और अभिनेत्रियों को अपनी सभा में राजनीतिक दल वाले इसलिए लाते हैं कि उनकी सभा में भीड़ जुटे। राजनीति भीड़ तंत्र पर चलती...

  • जस अपजस विधि हाथ

    राम चरित मानस में एक प्रसंग है, राम के बनवास के बाद भरत जब अपनी ननिहाल से लौट कर अयोध्या आए तो वहां के हालात को देख कर बहुत विचलित हुए और उन्होंने महर्षि वशिष्ठ से पूछा प्रभु आप तो संसार के सबसे श्रेष्ठ मुनि और महाज्ञानी हैं। आपने राम के राजतिलक का ऐसा मुहूर्त कैसे निकाल दिया कि महाराज दशरथ की...

  • पटेल की जीत से कांग्रेस को मिली मनोवैज्ञानिक बढ़त

    गुजरात राज्य सभा चुनाव ने देश के राजनीति का तापमान बढ़ाने का काम किया है। राज्यसभा की एक सीट के लिये मीडिया, आम जनता और राजनीतिक क्षेत्र में भारी उत्सुकता का माहौल था। कई दिन चली ड्रामेबाजी और उतार-चढ़ाव और जोड़-तोड के बाद आखिर कांग्रेस के चाणक्य अहमद पटेल अपनी सीट जीतने में कामयाब रहे। इस चुनाव को...

  • क्या आप भ्रष्ट नहीं हैं?

    भ्रष्टाचार का कोई पैमाना ऐसा नहीं है कि उसे थर्मामीटर या पैरामीटर से हम नाप लें। भ्रष्टाचार उस आचरण को कहते हैं जो नैतिकता, सामाजिकता एवं धार्मिकता सभी कसौटियों पर गलत साबित होता है। भ्रष्टाचार एक प्रकार से अत्याचार के ही करीब है। आज ऐसा कौन सा विभाग है जहां भ्रष्टाचार नहीं है। कार्यपालिका,...

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