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  • राजनीति: छात्र नेता जो राजनीति में शिखर पर पहुंचे

    वैसे तो देश की राजनीति हर व्यवसाय, वर्ग या कहें सबके लिए के लिए खुली है परन्तु वंशवाद की इसमें गहरी छाप देखी जा सकती है। इस सबके बाद भी हमारे देश में कई ऐसे नेता हैं जो छात्र राजनीति के मार्ग से देश की मुख्यधारा की राजनीति में प्रवेश हुए और सफल हुए। देश के अलग-अलग विश्वविद्यालयों से चुने गए कई...

  • राजनीति: कैसे हर दल का समीकरण बना-बिगाड़ सकती है प्रियंका की एंट्री

    देश की राजनीति में राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी की एंट्री यूपी में बड़े सियासी समीकरण बना और बिगाड़ सकती है। ऐसे में राहुल के इस अप्रत्याशित फैसले से यूपी में भाजपा के अलावा सपा-बसपा का गठजोड़ बनाने वालों को नए सिरे से रणनीति बनाने को मजूबर होना पड़ सकता है। प्रियंका के सक्रिय राजनीति में...

  • क्या सत्ता के संग्राम में उलझेगी देश की जांच एजेंसी?

    वाह रे देश की राजनीति, देश में चुनाव का मौसम आते ही सभी प्रकार के राजनीतिक जिन्न जादुई बोतलों से बाहर आ जाते हैं। जनता के बीच प्रश्न यह उठता है कि जिन मुद्दों पर पहले ही कार्यवाही होनी चाहिए थी उन मुद्दों को संभालकर क्यों रखा जाता है। क्या उन सभी प्रकार के मुद्दों को चुनाव के मौसम के इंतजार में ही...

  • राजनीति: प्रियंका क्या इंदिरा गांधी सिद्ध हो पाएंगी?

    प्रियंका गांधी की तुलना उनकी दादी इंदिरा से की जाती है क्योंकि रूप और कद-काठी में वो बहुत हद तक इंदिरा गांधी जैसी दिखती हैं। इस बात को कांग्रेस भी अच्छी तरह जानती है इसलिए पार्टी में प्रियंका की महासचिव के रूप में लांचिंग का प्रस्ताव रखा गया और लांच किया गया किन्तु अब प्रश्न यह उठता है कि क्या...

  • राजनीति : कठिन है सबरीमाला की राजनीतिक राह

    भारतीय समाज की संरचना में जिस तरह से दलित और आदिवासी सामाजिक रूप से उपेक्षा के शिकार रहे हैं ठीक उसी तरह से यहां की पचास फीसदी आबादी यानी नारी जगत भी उपेक्षित रहा हैं। भारत में पुरूष प्रधान समाज होने के चलते अभी भी नारियों को अपने धार्मिक अधिकारों की स्वतंत्रतता नहीं है। भारतीय पुरूषों में महिलाओं...

  • मुद्दा: नदियों पर बांध - विकास या विनाश?

    भारत में बीसवीं शताब्दी के दौरान हुई प्रगति को देखते हुए अब कहा जा सकता है कि बांधों ने खाद्यान्न उत्पादन की वृद्धि में योगदान दिया है। जलविद्युत क्षमता में वृद्धि की है, घरेलू नगरीय और औद्योगिक उपयोगों के लिए पानी मुहैय्या कराया है और बाढ़ों पर नियंत्रण में कुछ हद तक सहायता की है किंतु कतिपय...

  • राजनीति: आज के राजनीतिक दर्पण का सच

    देश के कुछ दिलजले, कुछ चोर, कुछ उचक्के, कुछ महाभ्रष्टाचारी, कुछ ब्लैकमेलर, कुछ प्रधान मंत्री पद के महत्त्वाकांक्षी एक साथ कोलकाता में इकटठे हुए, एक सूत्रीय कार्यक्रम नरेंद्र मोदी को हटाने के लिए। अच्छा है लेकिन यक्ष प्रश्न यह है कि दल तो मिले लेकिन दिल भी मिले क्या। जाहिर है नहीं मिले। ये सभी 22...

  • राजनीति: अब छोटी पार्टियां मोदी के लिए बनेगी सिरदर्द

    देश में जैसे-जैसे केन्द्र के चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं वैसे-वैसे राजनीतिक दलों की रणनीति हर प्रदेश में तेजी से बदल रही है। छोटी पार्टियों और क्षेत्रीय दलों के एक मंच पर आने से मोदी व भाजपा में बेचैनी साफ देखी जा सकती है। जब से यूपी में बसपा और सपा के बीच गठबंधन हुआ है, तब से भाजपा नेताओं में काफी...

  • राजनीति: कितनी कारगर साबित होगी विपक्षी दलों की एकजुटता

    एक तरफ चुनाव आयोग की ओर से मार्च के शुरू में 17वीं लोकसभा के लिए चुनाव की तारीखें घोषित किए जाने के संकेत मिल चुके हैं, दूसरी ओर आम चुनाव में भाजपा को परास्त करने के लिए लंबे अरसे से चल रही विपक्षी एकता की मुहिम को ताकत प्रदान करने के प्रयास अंतिम चरण में हैं। इसी उद्देश्य से गत 19 जनवरी को कोलकाता...

  • राजनीति: मायावती और यादव परिवार

    उत्तर प्रदेश और बिहार के दोनों यादव परिवार सचमुच बहुत मुश्किल में हैं। एक तो भ्रष्टाचार की लत के चलते सी बी आई की मार , दूसरे अस्तित्व का संकट। एक यादव परिवार के रोशन चिराग अखिलेश यादव ने पिता मुलायम के अपमान को दरकिनार कर मायावती के जन्म-दिन के पहले ही मायावती शरणम गच्छामि किया तो दूसरे यादव...

  • व्यंग्य: यह जो किसान है न!

    यह जो किसान है न भाई,अजीबो-गरीब कामेडियन टाइप का जीव है। न मरता है न मोटाता है, फिर भी यह किसानी नामी गलीज धंधा है कि उससे छूटता नहीं। 'लागी नहीं छूटे रामा,चाहे जिया जाए।' कभी सुना है कि किसी किसान के खेत की फसल ने लहलहाकर ऋण-ग्रस्त दुकालू से उसे आलूमल सेठ बना दिया। अजीब बिजनेस है उसका। छोटी-मोटी...

  • राजनीति: जीत तो है बड़ी, आगे चुनौतियां कड़ी

    हालिया राज्य चुनाव परिणामों का विश्लेषण करें तो कुल मिलाकर कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं कि हार के बावजूद भाजपा ने भले सरकार खो दी हो लेकिन राजनीतिक धरातल से कांग्रेस , भाजपा को बिलकुल बेदखल नहीं कर पायी है । वहीं भाजपा को जनता ने सरकार से बाहर करके एक करारा झटका जरूर दिया है लेकिन जनता ने भाजपा को...

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