Read latest updates about "वे कहते हैं" - Page 3

  • मुद्दा: नल से दूर होता जल और हमारी लापरवाही

    गत मास विश्व जल दिवस मनाया गया। जिस जल के बिना एक दिन भी रहना मुश्किल है, उसके लिए वर्ष में केवल एक दिन होना सवाल खड़े करता है क्योंकि विश्व बहुत तेजी से डे जीरो की ओर बढ़ रहा है। डे जीरो का मतलब है- वह दिन जब नल से जल आना बंद हो जाएगा। 'डे जीरो' कोरी कल्पना नहीं है। इन दिनों विश्व के सबसे खूबसूरत...

  • भारत की तालिबानी पंचायतें

    उत्तरप्रदेश के बुलन्दशहर में एक ऐसी घटना घटी हैं जिसने सोचने के लिये मजबूर कर दिया कि हमारे देश में तालिबान बेशक न हो लेकिन तालिबानी सोच के लोगों की संख्या बहुत ज्यादा है । अफगानिस्तान में तालिबान ने एक युवती को प्रेम प्रसंग के शक में कोड़े मारने की सजा दी थी जिसके कारण पूरे विश्व में उसे आलोचना का...

  • मुद्दा: ध्वस्त होना चाहिए टेरर फंडिंग नेटवर्क

    पिछले दिनों उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते ने ऐसे दस लोगों को गिरफ्तार किया है जो आतंकियों को पैसा पहुंचाने का काम करते थे। यह पैसा पाकिस्तान से आता था। आतंकियों के लिए काम करने वाला यह गिरोह उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में ज्यादा सक्रिय है। यह कोई पहला मौका...

  • राष्ट्ररंग: बांटने की एक और साजिश

    कर्नाटक विधानसभा चुनाव के अवसर पर राजनैतिक लाभ की कामना से लिंगायत समुदाय को अलग धर्म का दर्जा देना अनेक प्रश्न उत्पन्न करता है। आमजन को भी विचार करना होगा कि राजनीति के लिए देश और समाज को बांटने की नीति कहां तक सहनीय है! अल्पसंख्यकवाद क्या है, तुच्छ लाभ के लिए स्वयं को मुख्य धारा से अलग करना उस...

  • भाजपा को उत्तर प्रदेश में गठबंधन से चुनौती मिलेगी

    गुजरात विधानसभा के बाद राजस्थान और अब उत्तर प्रदेश उपचुनावों के बाद भारतीय जनता पार्टी को अपना जनाधार टूटता दिखने लगा है। 2019 के लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में पिछले लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन को दोहरा पाना सबसे बड़ी चुनौती होगी। निकाय चुनाव में प्रदेश के कस्बों और गांवों में भाजपा को पहले जैसे...

  • कांग्रेस अधिवेशन में राहुल गांधी का भाषण

    वर्षों बाद आयोजित कांग्रेस अधिवेशन में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के भाषण की चर्चा इन दिनों हो रही है। राहुल गांधी का जोशीला उद्बोधन उनके आत्मविश्वास को तो दर्शाता है लेकिन देश की आम आदमी की समस्याओं और ज्वलंत मुद्दों पर पार्टी की नीतियों को जनता के समक्ष साफ तौर पर रखने में राहुल गांधी का भाषण...

  • मुद्दा: आईएसआईएस की हैवानियत के शिकार बेकसूर हिन्दुस्तानी

    इस खबर ने हर भारतीय को भीतर तक झकझोर कर रख दिया है कि रोजी-रोटी की तलाश में इराक गये 39 भारतीय मारे जा चुके हैं। तीन साल से सरकार उनके जीवित होने का जिस तरह भरोसा दिला रही थी, अब उनके मरने के बयान पर परिजन और देशवासी सहज विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने पिछले...

  • राष्ट्ररंग: क्या सच में भ्रष्टाचार खत्म हो जायेगा?

    हमेशा हमारे मन में एक सवाल गूंजता रहता है कि क्या एक दिन हमारा यह देश भ्रष्टाचार विहीन हो पायेगा ? हमारे जड़ तक जमी हुई अमीरी और गरीबी की खाई क्या एक दिन मिट जायेगी ? क्या पानी की तरह पसीना बहाकर मेहनत करने वाले मजदूर व किसान कभी उतने पैसे कमा पायेंगे जिससे उसे अपनी आम जरूरतों को पूरी करने के लिये...

  • मुद्दा: बलात्कार पर फांसी की सजा कितनी जायज

    हरियाणा सरकार ने आखिरकार बढ़ती बलात्कार और यौनिक हिंसा से निपटने के लिए फांसी का सहारा लिया है। राज्य की खट्टर सरकार ने राज्य विधानसभा में इस तरह का बिल पारित किया है। इस बिल के आने से यह देश का तीसरा राज्य बन गया है जबकि इस तरह के कानून मध्य प्रदेश और राजस्थान में पहले से बने हैं। नये विधेयक में...

  • दागी नेताओं की वजह से ही बढ़ता भ्रष्टाचार..

    केन्द्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में पेश हलफनामे में दागी नेताओं की संख्या को देखकर तो लगता है कि देश में अच्छे दिन तो नहीं हैं जहां इतनी संख्या में दागी नेता है। यदि उत्तर प्रदेश की बात की जाये तो यहां 248 दागी सांसदों-विधायकों के खिलाफ 539 मुकदमे लंबित है। इन आंकड़ों में सभी दलों के नेता शामिल...

  • विश्लेषण: संघ बनाम कांग्रेस

    भारत का आम नागरिक नहीं जानता किन्तु वास्तविकता यह है कि इंडियन नेशनल कांग्रेस की स्थापना एक ब्रिटिश नागरिक ए ओ ह्यूम द्वारा भारत में राज कर रहे ब्रिटिश तानाशाहों की नीतियों और कार्यप्रणाली को समर्थन देने के लिए, मैकाले की अंग्रेजी शिक्षा प्रणाली के माध्यम से पढ़े और अंग्रेजों को दुनिया का सबसे सभ्य...

  • मुद्दा: घटिया दवाओं के निर्माताओं को कड़ी सजा मिलनी चाहिए

    देश में स्वास्थ्य क्षेत्र में आजकल महंगाई व चिकित्सकों में व्याप्त लालच हावी हो गया है। आम नागरिक किसी भी प्रकार अपनी चिकित्सा नहीं करवा पा रहा है जिस कारण वह हताश व निराश होकर मेडिकल स्टोर से सस्ती व घटिया दवाई क्रय करता है जिससे वह स्वस्थ तो हो जाता है परन्तु दवाई के साइड इफेक्ट से वह कालान्तर...

Share it
Share it
Share it
Top