राजनीति: महाराष्ट्र में अब होगी भाजपा की परीक्षा

राजनीति: महाराष्ट्र में अब होगी भाजपा की परीक्षा

आबादी के मामले में देश के दूसरे बड़े राज्य महाराष्ट्र में पहली बार बनी भाजपा की सरकार के युवा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने कार्यकाल का शानदार 4 वर्ष पूरे कर लिए हैं। अब पांचवा वर्ष अर्थात चुनाव वर्ष सामने आ गया है और भाजपा एवं उसके मुख्यमंत्री की परीक्षा की घड़ी नजदीक आती जा रही है।

देश में महाराष्ट्र कांग्रेस के गढ़ के रूप में जाना जाता है क्योंकि 1 मई 1960 को बने इस राज्य के 58 में से लगभग 45 वर्ष तक अकेले कांग्रेस ने यहां राज किया। यहां लगातार उसकी ही सरकारें बनती रही। यहां दो बार राष्ट्रपति शासन लागू हुआ। यहां बीच में एक बार प्रगतिशील डेमोक्रेटिक फ्रंट की सरकार बनी। एक बार 5 वर्ष के लिए भाजपा शिवसेना युति की सरकार बनी और अब यहां अक्तूबर 2014से पहली बार भाजपा की सरकार सत्तारूढ़ है। रॉयल बुलेटिन की नई एप प्ले स्टोर पर आ गयी है।royal bulletin news लिखे और नई app डाउनलोड करें

महाराष्ट्र देश के दक्षिणी मध्य में स्थित राज्य है। यह भारत में उत्तर प्रदेश के बाद आबादी के मामले में दूसरा बड़ा राज्य है। यहां की आबादी लगभग 11.23 करोड़ है। यहां विधान मंडल द्विसदनीय है जिसके विधानसभा के लिए 288 विधायक चुने एवं विधान परिषद के लिए 78 सदस्य चयनित किए जाते हैं। यह उत्तर प्रदेश के बाद दूसरा बड़ा राज्य है जो देश को अधिक संख्या में सांसद एवं राज्यसभा देता है। यहां से 48 सांसद एवं 19 राज्य सभा सदस्य चुने जाते हैं। रॉयल बुलेटिन की नई एप प्ले स्टोर पर आ गयी है।royal bulletin news लिखे और नई app डाउनलोड करें

महाराष्ट्र देश का धनी राज्य माना जाता है। मुंबई यहां की राजधानी है जिसे देश की आर्थिक राजधानी कहा जाता है। देश का छह बड़ा महानगर पुणे यही स्थित है। इसके अलावा यहां अहमदनगर, औरंगाबाद, कोल्हापुर, थाने, शिरडी, अहमदनगर, सोलापुर, नागपुर, नासिक, अकोला, अमरावती, नांदेड़ आदि जैसे शहर हैं।

यहां मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने वाले 48 वर्षीय देवेंद्र फडणवीस पहले नागपुर के मेयर थे। वह अपने कार्यों की बदौलत अपनी पहचान एवं छवि बनाकर यहां तक पहुंचे हैं। उन्होंने वकालत की पढ़ाई करने के अलावा बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। राज्य 36 जिलों में विभाजित है। धनी एवं कृषि संपन्न राज्य होने के बाद भी यहां के किसान कर्ज, अकाल, पानी की समस्या, फसल की बर्बादी आदि के कारण मौत को गले लगाते हैं।

राज्य की आबादी में 79 प्रतिशत हिन्दू, 11 प्रतिशत मुस्लिम, 5.8 प्रतिशत बौद्ध, 1.2 प्रतिशत जैन, 1 प्रतिशत ईसाई, 0.2 प्रतिशत सिख और 0.5 प्रतिशत अन्य हैं। यहां की राजनीति में कांग्रेस, भाजपा, शिवसेना, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना, राकापा आदि का राजनीतिक प्रभाव है। भाजपा के साथ रहकर मलाई खाने वाली शिवसेना कभी भाजपा के साथ रहती है तो कभी विरोध में खड़ी हो जाती है। राकापा भी कभी कांग्रेस तो कभी भाजपा की तरफदारी करती है। रॉयल बुलेटिन की नई एप प्ले स्टोर पर आ गयी है।royal bulletin news लिखे और नई app डाउनलोड करें

वर्ष 2019 के सितंबर अक्तूबर में होने वाले यहां के विधानसभा चुनाव में शिवसेना ने अकेले चुनाव लडऩे का ऐलान कर दिया है जबकि राकापा महागठबंधन या कांग्रेस के साथ जुगलबंदी की फिराक में है। चुनाव में सभी यहां की सत्तारूढ़ भाजपा सरकार एवं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर हमला कर उसे पराजित करने को तत्पर हैं। इसमें अन्य दल भी मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। चुनाव वर्ष होने के कारण सभी की राजनीतिक गतिविधियां जोर पकड़ रही हैं।

जापान एवं ओमान जैसे देश के बराबर महाराष्ट्र में भाजपा के देवेंद्र फडणवीस सरकार के कार्यकाल का कुछ माह शेष है। यह उनके कार्यकाल का पांचवा एवं अंतिम वर्ष चल रहा है। उन्हें अपनी सरकार की स्थिति को मजबूत बनाने के लिए जो कुछ भी करना है इन्हीं कुछ माह के भीतर करना है। दर्जनभर हमलावर दलों के बीच उन्हें अपनी सरकार को बचाना है। जैसे जैसे दिन माह बीत रहे हैं, वैसे वैसे उनकी परीक्षा की घड़ी नजदीक आती जा रही है। चुनाव में अब सभी दल घात - प्रतिघात की स्थिति में चुनाव मैदान में उतरते हैं और भाजपा पर टूट पड़ते हैं जिसमें भाजपा को अपनी पार्टी एवं देवेंद्र फडणवीस को अपनी सरकार बचानी है।

- डा. सीतेश कुमार द्विवेदी

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