कहीं समय से पीछे न रह जाएं

कहीं समय से पीछे न रह जाएं

आज की इस भागदौड़ की जिंदगी में सभी समय के साथ चलना चाहते हैं। कोई भी समय बर्बाद कर पीछे नहीं रहना चाहता। जो लोग समय बर्बाद करते हैं वे हाथ मलते रह जाते हैं। सभी के पास भगवान द्वारा दिए 24 घंटे ही हैं पर कोई उनका सदुपयोग करता है तो कोई दुरूपयोग कोई धीरे चल कर काम पूरा नहीं कर पाता और कोई उचित समय प्रबंधन नहीं कर पाता।
बहुत से लोग यह कहते सुने जाते हैं कि मुझे यह करना है, वह करना है पर समय की कमी के कारण नहीं कर पाया। काश मेरे पास चौबीस घंटे के स्थान पर तीस या छत्तीस घंटे होते। बस आवश्यकता है समय की कीमत समझने की और उसको सही तरीके से प्रयोग करने की।
यदि आप वर्किंग वूमन हैं तो प्रात: के नाश्ते और टिफिन के लिए क्या बनाना है, इसका फैसला रात्रि में कर कुछ तैयारी रात्रि में ही कर लें। यदि आप नॉनवर्किंग हैं तो भी सुबह के खाने का रात्रि में ही सोच लें ताकि सुबह समय बर्बाद न हो।
सुबह के लिए पति, बच्चों और अपने लिए कपड़े निकाल कर सोयें ताकि सुबह का बहुमूल्य समय यह सोचते हुए बर्बाद न हो कि क्या पहन कर जाना है। अपनी और पति के ड्रेस के साथ की एक्सेसरीज भी निकाल कर रखें ताकि सुबह उन्हें ढूंढने में समय न लगे। घर पर भी रहते हैं तो बच्चों की यूनिफार्म, जूते, जुराबें, रूमाल, पानी की बोतल निकाल कर बैग के साथ रखें। पति महाशय के भी जूते, रूमाल जुराबें, टाई निकाल कर रखें ताकि खाना बनाते समय आपको भागदौड़ न करनी पड़े।
चाबियों के लिए भी एक सुनिश्चित स्थान रखें। चाबियों का स्टैंड या कोई छोटी बास्केट मेन दरवाजे के साइड पर रखें ताकि घर, कार,स्कूटर की चाबी उसमें रख सकें। सभी परिवार के सदस्यों को आदत डालें कि चाबी उधर ही रखनी है ताकि सुबह सुबह चाबी ढूंढने में मन और समय खराब न हो।
कमरे के एक कोने में प्रेस करवाने वाले कपड़ों का लांड्रीबैग रखें ताकि वहीं से प्रेस वाले को कपड़ों उठा कर दे दिए जाएं।
अपने मेकअप बॉक्स में बस वही चीजें रखें जिनका प्रयोग प्रतिदिन आप करती हों। बाकी मेकअप का सामान अन्य बाक्स में रख दें जिनका प्रयोग कभी-कभी होता हो।
रसोई की स्लैब पर वही किचन गैजेट्स रखें जिनका प्रयोग अधिक होता है। जिनका प्रयोग कभी-कभी होता हो उन्हें बंद वार्डरोब में रखें। इसी प्रकार किचन में बर्तन भी उतने ही आसपास रखें जिनकी आवश्यकता हर समय रहती हो। बड़े-बड़े बर्तन और डिनर सेट वार्ड रोब में ही रखें।
किचन टावेल, झाडऩ, फायल आदि ऐसे स्थान पर रखें जिन्हें ढूंढना न पड़े। हो सके तो एक स्टैंड इन चीजों का लगवा लें ताकि इनका प्रयोग करना आसान हो जाए। प्रात: अपने फोन को आंसरिंग मशीन पर लगा दें ताकि शाम को उन्हें सुनकर आवश्यक फोनों की जानकारी मिल सकें। मोबाइल आदि रात्रि में चार्ज कर लें और मोबाइल अपने हाउसकोट की जेब में रख लें ताकि जरूरी काल अटैंड करने में समय व्यर्थ न हो।
मौसम के बदलाव के साथ-साथ अपने, पति और बच्चों के वार्डरोब तैयार कर लें ताकि मौसम के अनुसार वस्त्र आसानी से मिल सकें। वार्डरोब तैयार करते समय परिवार के अन्य सदस्यों की मदद लें।
सभी बिलों को वॉल स्टैंड में रखें और प्रयास कर आनलाइन पेमेंट करें ताकि समय को बचाया जा सके। हाउस वाइफ हैं तो ड्राप बाक्स में चैक को बिल के साथ लगाकर भुगतान करें ताकि कैश काउंटर पर लाइन में न खड़ा होना पड़े।
घर पर हो या आफिस, अपने पेपर्स को जांचते रहें। जो बेकार के पेपर हों, उन्हें रद्दी की टोकरी में फाड़कर फेंकें और जरूरी कागजों की उचित फाइलिंग कर संभालें ताकि जरूरत पडऩे पर ढंूढना न पड़े। फाइल को भी बीच-बीच में स्टडी करते रहें।
इंशोरेंस प्रीमियम, हेल्थ प्रीमियम, कार प्रीमियम के लिए अपने बैंक को इंस्ट्रक्शन दें ताकि समय पर भुगतान हो जाये और आपको उसके लिए समय न गंवाना पड़े।
आफिस में पहले काम निपटायें, फिर बातें करें। काम के समय बातों में समय व्यर्थ न गवाएं।
नेल्स फाइलिंग आप चार्टर्ड बस में बैठकर भी कर सकती हैं। उससे समय का सदुपयोग होगा। दिन भर क्या करना है, इसकी लिस्ट बस में बैठे बना लें। रसोई का कौन सा सामान खत्म है, उसे बस में बैठे नोट कर लें। घर पर रहते है तो टीवी देखते हुए मेनीक्योर पेडीक्योर करें और नेल पॉलिश बदल लें। मटर छील सकते हैं, सब्जियां काट सकते हैं। आयरन किए कपड़े वार्डरोब में रख सकते हैं, कपड़े तह लगा सकते हैं। एक ही समय में अन्य काम कर समय का सदुपयोग कर सकते हैं।
अगर आप व्यवस्थित होकर काम करेंगे तो तनाव कम होगा और काम भी शीघ्र निपट जाएगा।
काम की प्लानिंग रात में कर लें। क्रमानुसार काम करें ताकि अगले काम को सोचने में समय व्यर्थ न जाए।
आप काम में बहुत व्यस्त हैं और कोई आपका समय खामखां बर्बाद कर रहा हो, ऐसे में थोड़ी सी बात कर अपने काम में मशगूल हो जाएं। दूसरा भी समझ जाएगा। यदि फिर भी वो व्यर्थ की बातें कर रहा है ऐसे में स्पष्ट रूप से बता दें कि माफ कीजिए अभी मैं बहुत व्यस्त हूं। मैं आपकी बातों पर ध्यान नहीं दे सकूंगी/सकूंगा।
काम करते समय काम को मजबूरी न मानें। उसे एंज्वाय करें। ऐसे में काम शीघ्र निपट जाएगा।
यदि काम अधिक हो तो ऐसे में सोशल कमिटमेंट कम कर पहले अपने कामों को निपटाएं ताकि गाड़ी स्मूद चलती रहे।
सबके साथ ईमानदार रहें। यदि आपके सच में समय की कमी है तो स्पष्ट कर दें और अपनी समस्या बता दें ताकि दूसरा आपसे झूठी उम्मीद लगा कर न बैठे।
यदि आपके बस में कुछ करना नहीं है तो झूठी शान शौकत बनाए रखने के लिए न अपना समय बर्बाद करें, न दूसरे का।
अपना घर और आफिस टेबल व्यवस्थित रखें ताकि काम शुरू करने और खत्म करने में समय व्यर्थ न जाये।
-नीतू गुप्ता

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