सजना संवरना जरूरी है बेडरूम में भी

सजना संवरना जरूरी है बेडरूम में भी

अधिकतर महिलाओं का सजना संवरना पार्टी, समारोह, शादी-ब्याह के अवसर पर ही होता है या दिन में जब हम काम से फ्री होकर नहा धोकर साफ वस्त्र पहन कंघी आदि कर बिंदी या लिपस्टिक लगाते हैं पर जो महिलाएं समझदार हैं और अपने पति को प्रसन्न रखना जानती हैं वे रात्रि में सोने जाने से पहले नाइट डे्रस पहन कर नहा धोकर हल्का सेंट लगाकर जाती हैं।
जो महिलाएं पति को प्रसन्न करने की यह ट्रिक नहीं जानती, उन्हें यह सब देख सुनकर अजीब लगता है। उन्हें लगता है कि श्रृंगार तो बस बाहर वालों पर अपना प्रभाव दिखाने के लिए करना चाहिए। रात्रि में सोते समय किस को दिखाना है यह सब। वे भूल जाती हैं कि पति को भी अपना प्रभावशाली व्यक्तित्व दिखाना जरूरी है। आखिर इस सब सुंदरता और बनाव श्रृंगार का असली हकदार तो वही है।
मिसेज शर्मा का कहना है उनकी आदत है कि किसी समारोह में जाना हो तो वे घंटों लगाती हैं तैयार होने में क्योंकि उन्हें अपने मेकअप कौशल की प्रशंसा सुनने में मजा आता है। जब अन्य महिलाएं कहती हैं, मिसेज शर्मा आपका मेकअप तो लाजवाब है, आप अपनी उम्र से कितनी कम लगती हैं किंतु घर पर मिसेज शर्मा कोई भी मेकअप करना पसंद नहीं करती और रात्रि में तो बस पूछो ही नहीं। किन्हीं भी कपड़ों में अस्त व्यस्त हुई सो जाती हैं।
क्या मिसेज शर्मा का यह रवैय्या ठीक है, नहीं। घर में परिवार के अन्य सदस्य साथ होते हैं और सबसे महत्त्वपूर्ण रात्रि में पति का साथ होता है। ठीक है हैवी मेकअप की आवश्यकता तो सोने से पहले बिलकुल नहीं होती पर संवरे बाल, धुले हाथ मुंह, नाइट गाउन साफ सुंदर, बाडी लोशन लगा हुआ, अगर सेंट की खुशबू दोनों को पसंद हो तो हल्का सेंट लगाकर बेडरूम में जाने से पति देव को कितना अच्छा लगेगा, इसका अंदाजा शायद आप नहीं लगा सकती। चाहे पतिदेव आपकी सुंदरता की रोज-रोज प्रशंसा न करें पर मन से वे बहुत अच्छा महसूस करते हैं कि उनकी अद्र्धांगिनी साफ सुथरी उनके पास है।
अपने पति से हर समय अधिक प्रशंसा की उम्मीद न रखें पर समीपता के लिए बनाव श्रृंगार एक बहुत बड़ी भूमिका निभाता है, इस बात का ध्यान रखें।
साफ सुथरी पत्नी के साथ सोना अच्छा लगता है। प्रसन्न चित्त मुद्रा में रात भर रह कर अच्छी नींद ले सकते हैं। पति के मूड पर भी इसका अच्छा प्रभाव पड़ता है। थका हारा पति अपनी परेशानियों को दर किनार कर राहत की सांस लेकर अपनी सहचरी के साथ विश्राम के पलों का पूरा आनंद उठा पाएगा।
आपका सही अंदाज बेडरूम की शोभा को और बढ़ा देता है जिससे आप एक दूसरे के प्रति अधिक आकर्षण महसूस करते हैं और एक दूसरे के लिए समर्पण भाव भी दिखाई देता है।
शयनकक्ष में श्रृंगार करके जाना कोई गुनाह नहीं है बल्कि शयनकक्ष ही तो पति पत्नी का मिलन स्थल होता है। वैसे वहां अच्छे बन कर जाना दोनों का ही फर्ज होता है। शयनकक्ष को समस्याएं सुलझाने का स्थान न मानकर मिलन स्थल ही मानें तो आप अधिक आनंद का अनुभव ले सकते हैं।
सैर करते समय चाहे आप गंभीर समस्याओं को सुलझाने का प्रयास करें पर घर आते ही बेड रूम में जाने से पहले सभी तनाव बेड रूम से बाहर रखकर फ्रेश मूड में जाएं।
मिसेज गाबा का मानना है कि बेडरूम में बीवी का सज धज कर जाना किस पति को पसंद नहीं होगा। यह तो पति की हौंसला अफजाई का जरिया है। इसलिए हर बीवी को कम से कम साफ सुंदर कपड़ों और हल्के बनाव श्रृंगार के साथ रूम में जाना चाहिए।
अधिकतर परिवारों में महिलाएं विवाह के कुछ साल तक तो अपने बनाव श्रृंगार का ध्यान रखती हैं पर बच्चे होने के बाद उनका ध्यान बनाव श्रृंगार की ओर कम हो जाता है। संवेदनशील पति इस बात को गंभीरता से लेते हैं और कई बार समस्या खड़ी हो जाती है दांपत्य जीवन में।
अपने पति की प्रशंसा से वंचित न हों। प्रशंसा का कोई भी मौका हाथ से न निकलने दें। कभी-कभी हल्का मेकअप महिलाओं में चार चांद लगा देता है और पति को भी यह कहने का मौका नहीं मिलता कि कभी हमारे लिए भी सज धज लिया करो रानी। सजना संवरना महिला का हक है। उस हक से हम वंचित क्यों रहें।
- नीतू गुप्ता

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