नेपाल में बढ़ता देह व्यापार

नेपाल में बढ़ता देह व्यापार

भूकंप की त्रसदी झेल रहा नेपाल अब एक और नया दर्द झेल रहा है। गरीबी और पैसों की किल्लत की वजह से लोग अपनी बेटियों को बेच रहे हैं। कई लड़कियां परिवार को दुख में देख कर खुद को दलालों के हाथों सौंप रही हैं। नेपाल में इन दिनों लड़कियों और बच्चों को काम दिलाने के नाम पर कई दलाल हर इलाके में खास कर राहत शिविरों के आसपास घूम रहे हैं।
दलाल आमतौर पर गरीब बच्चों के मां-बाप को समझाते हैं कि वे बच्चों को मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, पटना जैसे शहरों में नौकरी पर लगवा देंगे। इससे अच्छा पैसा मिलेगा और उनकी जिंदगी बदल जाएगी। खाने-पीने की दिक्कत खत्म हो जाएगी। काम के साथ उनके बेटे-बेटियों की पढ़ाई का भी इंतजाम कर दिया जाएगा। पढऩे के बाद ज्यादा अच्छी नौकरी मिल जाएगी।
गौरतलब है कि कुछ महीने पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर दिल्ली पुलिस ने एयरलाइन के दो कर्मचारियों के साथ दो तस्करों को दबोचा था। वे अपने साथ इक्कीस नेपाल लड़कियों को दुबई ले जाने की कोशिश में थे। लड़कियों ने पुलिस को बताया था कि सभी लड़कियों को दुबई में अच्छी नौकरी देने की बात कही गई थी। लड़कियों के तस्कर गरीब लड़कियों को वेश्यालयों में पहुंचाने के अलावा उन्हें और भी कई तरह के धंधों में झोंक रहे हैं। इन्हें घरेलू कामकाज, भीख मांगने, मजदूरी, सर्कस में मजदूरी आदि के कामों में भी लगाया जाता है। सुंदर और जवान लड़कियों व औरतों को सैक्स के धंधे में धकेल दिया जाता है और बाकी औरतों को दूसरे कामों में भी लगा दिया जाता है।
गौरतलब है कि नेपाल और भारत के बीच 1,750 किलोमीटर लंबी खुली सीमा है। दोनों देशों के लोगों को एक दूसरे देश में आने-जाने के लिए पासपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ती है। बिहार और नेपाल का बॉर्डर काफी संवेदनशील है। भारत और नेपाल के बीच रोटी और बेटी का रिश्ता होने की वजह से दोनों देशों के बीच काफी आवाजाही रहती है। ऐसे में संदिग्धों को पहचानने में जवानों को काफी परेशानी होती है। खुली सीमा का फायदा गैर कानूनी लोग आसानी से उठाने की कोशिश करते रहते हैं। इसे रोकने के लिए सीमा सुरक्षा बल ने बॉर्डर इंटर एक्शन टीम का गठन किया है। इस टीम के लोग सादी वर्दी में लोगों से मिलते-जुलते रहते हैं और संदिग्धों पर नजर रख रहे हैं।
नेपाल लड़कियां 3 से 15 हजार रूपए तक में बेच दी जाती हैं। गरीब पैसों के लालच या परिवार के बाकी लोगों की पेट की आग को बुझाने के लिए बेटियों को दरिंदों के हाथों बेच देते हैं। तस्कर उन लड़कियों को दिल्ली, मुंबई या कोलकाता के बाजारों में डेढ़ से ढाई लाख रूपए तक में बेच डालते हैं। वहां से ज्यादातर नेपाली लड़कियों को अरब, हांगकांग, जापान, कोरिया, अफ्रीका, मलेशिया, थाईलैंड आदि देशों में पहुंचा दिया जाता है। वहां लड़की के सारे पासपोर्ट, वीजा, पहचान पत्र आदि दस्तावेजों को जब्त कर लिया जाता है, ताकि लड़की भाग न सके।
दुनियाभर में देह व्यापार के लिए मानव तस्करी का जाल दिन ब दिन मजबूत होता रहा है। इसमें होती मोटी कमाई के मद्देनजर बीते कुछ सालों में भारत समेत दुनिया के कई देशों में यह तस्करी सबसे बड़े धंधे के रूप में उभरी है। कई देशों में देह व्यापार को कानूनी मान्यता हासिल है तो कहीं सब कुछ गैरकानूनी। कानून से कहीं नजर बचा कर तो कहीं उसे साथ मिला कर यह धंधा अरबों का हो चुका है।
भारत में तो यह गैर कानूनी है लेकिन अन्य देशों की बात करें तो चीन में देह व्यापार का धंधा करीब 73 अरब डॉलर का हो चुका है। हालांकि वहां यह व्यापार गैर कानूनी है। इसके बावजूद दुनिया का सबसे बड़ा बाजार चीन में ही मौजूद है। चीन सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी मसाज पार्लरों, बारों और नाइट क्लबों में यह धंधा धड़ल्ले से चल रहा है।
- नरेंद्र देवांगन

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