बात फूलों की

बात फूलों की

घर, दफ्तर या परिवार में किसी प्रकार की खुशी का कोई मौका हो, ऐसे में माहौल को खूबसूरत बनाने और उसे महकाने के लिये ताजगी भरे फूलों से बढ़कर कुछ और हो ही नहीं सकता। किसी भी बाग में टहलते हुए जब हमारी नजर सुंदर फूलों को देखती है तो झट से उन्हें तोड़ कर अपने पास रखने का मन करता है।
प्रेमी-प्रेमिका की पहली मुलाकात हो या नेता जी की जीत का कोई जश्न, ताजगी भरे सुंदर फूलों के बिना सब कुछ अधूरा सा लगता है। लिखने वाले ने भी फूलों की किस्मत न जाने किस कलम से लिखी है कि एक ही बगीचे से निकले हर प्रकार के फूल कभी आशिक-महबूबा को खुश करते हैं।
इसमें कोई दो राय नहीं हो सकती कि हर किसी को खुशी, खूबसूरती और अच्छी सेहत देने वाले छोटे-बड़े हर रंग के फूल कुदरत के सबसे अनमोल तोहफों में से एक हैं। यही नहीं, जहां कुछ बीमारियों के लिये कोई इलाज संभव नहीं हो पाता, वहां फूलों की मदद से बनी कुछ दवाएं हमारे जीवन में फिर से रौनक ले आती हैं।
प्यार से सुंदर फूलों को निहारते समय ऐसा महसूस होता है कि जैसे यह सारी मानव जाति को संदेश दे रहे हो कि जीवन में कितनी ही परेशानियां क्यूं न हों, सदा ही उन्हें हंसते-खेलते झेलना चहिये। फूलों को मंद-मंद मुस्कुराते देख न सिर्फ आपके मन को खुशी मिलती है बल्कि आप दूसरों के जीवन में भी आशा की किरण संचारित कर देते हैं।
गुलाब का फूल दुनियां को खुशी देते हुए अपना सारा जीवन कांटों के बीच भी सुरक्षित गुजार देता है। क्या हम में किसी ने खुद को इस तरह ढालने का विचार किया है?
सच्चा आनन्द किसी को पीड़ा पहुंचाने में नहीं बल्कि उसे सहते हुए हर तरफ अच्छे कर्मों की खुशबू फैलाने में है क्योंकि यह दुनियां इंसान हो या फूल, हर किसी को केवल उसके अच्छे कर्मों से ही पहचानती है।
- जौली अंकल

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