कहीं आप कुपोषण के शिकार तो नहीं

कहीं आप कुपोषण के शिकार तो नहीं

कई बार शरीर थका सा और चेहरा सुस्त लगता है पर हम समझ नहीं पाते कि क्या कारण है। खा भी रहे हैं, सो भी रहे हैं, फिर भी किसी काम को करने की इच्छा नहीं होती। मन बुझा रहता है, थकान होती है। इसका कारण यह है कि आप कुपोषण के शिकार हैं। आइये जानें कुपोषण होने पर शरीर पर क्या प्रभाव पड़ते है।
-जो लोग पौष्टिक आहार नहीं लेते, कुछ समय बाद वे थकान और कमजोरी महसूस करते हैं।
-ऐसा महसूस होता है कि शरीर में ताकत नहीं है काम करने की। मन करता है कि कुछ न किया जाए।
-आसानी से वजन नहीं बढ़ता।
-नींद पूरी नहीं होती, हर समय आंखों में नींद भरी रहती या आंखें थकी थकी रहती हैं। हमेशा उनींदा महसूस करते हैं।
-पाचन क्रिया कमजोर हो जाती है और शरीर में वाटर रिटेंशन की समस्या हो जाती है।
-बात बात पर मूड खराब हो जाता है और डिप्रेस रहते हैं।
-त्वचा अधिक खुश्क होने लगती है या आयली होने लगती है।
-बाल अधिक टूटने लगते हैं।
-कभी कभी ऐसा लगता है जैसे उल्टी होने वाली हो या पेट दर्द की शिकायत रहती है।
-मांसपेशियों में अकडऩ हो जाती है या लो बेक पेन की समस्या हो जाती है।
-मुंह के किनारे पर जख्म हो जाता है या क्रेक्स पड़ जाते हैं।
-नाखून टूटने लगते हैं।
ये सब पहचान हैं कुपोषण के लिए।
यदि ये लक्षण अनुभव हों तो किसी डाक्टर की सलाह ले कर पौष्टिक भोजन का सेवन करने की आदत डालें़। फिर देखिये आपकी ये शिकायतें चुटकी बजाते ही गायब हो जायेंगी।
-मेघा

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