लहसुन और प्याज भी करते हैं दवा का काम

लहसुन और प्याज भी करते हैं दवा का काम

एक बहुत पुरानी कहावत है कि आप जैसा खाते हैं, वैसे ही हो जाते हैं। अब तो साइंस में भी इस बात को लेकर खोज हो रही है कि कितना और क्या खाना हमारी सेहत को किस तरह प्रभावित करता है।
चिकित्सा वैज्ञानियों के अनुसार खाने वाली चीजों और दवा में कोई साफ विभाजक रेखा नहीं खींची जा सकती। कोई भी खाने की चीज अच्छी दवा हो सकती है।
खाने की कई चीजों में ऐसे रसायन होते हैं जो शरीर में जज्ब हो जाने के बाद दवा जैसा काम करते हैं।
वीजमन इंस्टीट्यूट इजरायल के अनुसार लहसुन का गुण कभी भी नष्ट नहीं होता, फिर भी इसका कच्चा इस्तेमाल किया जाए तो ज्यादा लाभदायक है। लहसुन विभिन्न प्रकार के जीवाणुओं की रोकथाम तथा उन्हें नष्ट करने में सहायक होता है। यदि इनके रस का सेवन प्रत्येक तीन घंटे के पश्चात किया जाए तो टायफायड की गंभीर अवस्था को किसी अन्य जीवाणुनाशक औषधि की अपेक्षा नियंत्रित किया जा सकता है।
न्यूर्याक के एल्बनी में स्थित विश्वविद्यालय की दो शोध रिपोर्टों के अनुसार प्याज के रसायनिक तत्व श्वास रोग तथा जलन में भी लाभप्रद साबित हुए हैं। प्याज में अनेक अद्भुत गंधक यौगिक होते हैं जो कभी रासायनिक संगठन से बनाए गये थे। अनुसंधानों से यह भी पता चला है कि प्याज और लहसुन के इस्तेमाल से जानवरों में कैंसर रोग की रोकथाम की जा सकती है।
वे व्यक्ति जो खाली पेट रोज सुबह प्याज खाते हैं, उन्हें किसी प्रकार की पाचन समस्यायें नहीं होती और दिनभर ताजगी महसूस करते हैं।
आधुनिक औषधियों के जन्मदाता हिप्पोहक्रेटल ने टायफायड, निमोनिया एवं आक्रामक रोगों में लहसुन का इस्तेमाल किया था। इसका इस्तेमाल उच्च रक्तचाप में भी किया जाता है।
- चंद्रमोहन

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