Read latest updates about "लाइफ स्टाइल" - Page 3

  • खतरनाक रोग है जुकाम

    आमतौर पर लोग जुकाम को साधारण रोग समझ कर इसका उचित उपचार नहीं कराते, मगर यह रोग पुराना हो जाने पर भयंकर रूप अख्तियार कर लेता है व अन्य कई बीमारियों को पैदा करने में मुख्य भूमिका निभाता है। जुकाम के विषाणु जब बढ़ जाते हैं तो इनका आकार बढ़ जाता है जिसकी वजह से श्वास नलिका में सूजन होने के कारण सांस...

  • सुखद बुढ़ापे के लिए 10 टिप्स

    - सुखद बुढ़ापे के लिए संतुलित आहार लें ताकि शरीर को फल और सब्जियां उचित मात्रा में मिलती रहें। - अपने को कब्ज से बचा कर रखें। कब्ज बहुत सी बीमारियों का घर है। इसके लिए ईसबगोल का प्रयोग नियमित करें और यदि माफिक आये तो रात्रि को सोने से पहले एक कप गर्म दूध लें। - नियमित व्यायाम करें। सुबह शाम पास...

  • प्रकृति और आपका स्वास्थ्य

    हमारा देश दुनियां के सभी देशों में स्वास्थ्य की दृष्टि से उत्तम माना गया है क्योंकि यहां एक वर्ष में बारह मास होते हैं तथा बारह माह में छह ऋतुएं होती हैं। प्रत्येक ऋतु में प्रकृति ने विभिन्न प्रकार के फल तथा सब्जियां प्रदान की हैं जो हमारे शरीर के लिए स्वाथ्यवर्धक ही नहीं, स्वास्थ्य रक्षक भी हैं।...

  • 12 फरवरी: आज ही के दिन अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन का जन्म हुआ था

    नयी दिल्ली । भारत और विश्व के इतिहास में 12 फरवरी की प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं:1742 - मराठा राजनीतिज्ञ बलाजी जनार्दन भानु उर्फ नाना फडणवीस का जन्म। 1762 - ब्रिटिश नौसेना ने कैरेबियाई द्वीप मार्टिनिक पर कब्जा किया। 1771 - गुस्टाव तृतीय स्वीडन के राजा बने। 1809 - अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति...

  • नियमित व्यायाम से तेज होता है दिमाग

    व्यायाम न सिर्फ शरीर व स्वास्थ्य के लिए महत्त्वपूर्ण है अपितु यह मस्तिष्क के लिए भी महत्त्वपूर्ण है। नियमित व्यायाम से शरीर व स्वास्थ्य ठीक रहता है, साथ ही इससे दिमाग भी तेज होता है। पिट स्कूल आफ मेडिसिन के शोध अध्ययन के अनुसार नियमित व्यायाम से मस्तिष्क की सक्रियता बढ़ती है। रक्त प्रवाह बढ़ता है,...

  • भोजन देर रात न करें

    आधुनिक जीवनशैली के कारण लोगों को रात्रि का भोजन लेने में विलम्ब हो जाता है। जैविक घड़ी के मुताबिक रात्रि का समय निद्रा अर्थात विश्राम आराम के लिए होता है इसीलिए आहार क्रम के अनुसार प्रात: का नाश्ता पौष्टिक हो। मध्यान्ह के समय दिन का भोजन संपूर्ण आहार वाला हो। यह उपयुक्त होना चाहिए किंतु अधिक कदापि...

  • बड़े काम की हैं हरी सब्जियां

    आहार में शाकाहार को सदैव उपयुक्त बताया गया है। हरी सब्जियां कई बड़ी बीमारियों से बचाती हैं। इनमें शरीर के लिए आवश्यक सभी पौष्टिक तत्व होते हैं। हरी सब्जियों के सेवन से कई बीमारियों के आक्रमण का खतरा कम हो जाता है। हरी सब्जियां प्राकृतिक होती हैं जिनके सेवन के बाद पौष्टिक तत्वों को शरीर जल्द स्वीकार...

  • प्लास्टिक का असर दिमाग पर

    प्लास्टिक से बनी चीजों का उपयोग दैनिक जीवन में बढ़ गया है। प्लास्टिक से बने बोतल, बर्तन एवं पाउच में खानपान की चीजें रखी जाती हैं जिससे खाद्य वस्तुएं प्रभावित होती हैं जिसका असर कालांतर में सेवन कर्ता के दिमाग में भी आने लगता है। गर्भवती महिला की संतान पर यह असर आगे भी दिख सकता है। अच्छे स्वास्थ्य...

  • फल सब्जियों फेफड़ों को कैंसर से बचाते हैं

    दैनिक खानपान में मौजूद फल सब्जियों के गुणों से सभी परिचित हैं। ये हमारे शरीर एवं स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं, साथ ही ये हमको निरोग रखते हैं। नीदरलैंड में किए गए एक शोध अध्ययन के मुताबिक विविध प्रकार के फल सब्जियों के खाने से लंग कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है। यहां यह ध्यान रखें कि धूम्रपान करने...

  • राजनीति : कठिन है सबरीमाला की राजनीतिक राह

    भारतीय समाज की संरचना में जिस तरह से दलित और आदिवासी सामाजिक रूप से उपेक्षा के शिकार रहे हैं ठीक उसी तरह से यहां की पचास फीसदी आबादी यानी नारी जगत भी उपेक्षित रहा हैं। भारत में पुरूष प्रधान समाज होने के चलते अभी भी नारियों को अपने धार्मिक अधिकारों की स्वतंत्रतता नहीं है। भारतीय पुरूषों में महिलाओं...

  • 11 फरवरी:आज ही के दिन भारत में पहली बार अखबारों का प्रकाशन शुरू हुआ था

    नयी दिल्ली । भारत और विश्व के इतिहास में 11 फरवरी की प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं:1613 - मुगल बादशाह जहांगीर ने ईस्ट इंडिया कंपनी को सूरत में कारखाना लगाने की अनुमति दी। 1720 - स्वीडन तथा प्रशिया के बीच शांति समझौता। 1793 - प्रशिया की सेना ने नीदरलैंड के वेनलो पर कब्जा किया। 1814 - यूरोपीय देश...

  • कुछ तो गड़बड़ है मी लार्ड

    किसी संस्था की साख उसके अपने अस्तित्व से अधिक महत्त्वपूर्ण होती है। अगर उसकी साख ही चली जाए तो फिर उसका अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाता है। यूं तो बहुत पहले से ही सर्वोच्च न्यायालय की साख पर इक्का दुक्का अंगुलियाँ उठती रही हैं किन्तु विगत कुछ वर्षों से देश में प्रजातंत्र के इस सबसे सशक्त स्तम्भ की...

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