Read latest updates about "लाइफ स्टाइल" - Page 3

  • मौन: वार्तालाप की एक अनमोल कला

    सदियों से मानव पर हो रहे शोधों की अनवरत प्रक्रिया में यह पाया जाता रहा है कि 'मौनम् स्वीकार लक्षणम् एवं मौनम् अस्वीकार लक्षणम'। मौन इन दोनों विरोधाभासी परिस्थितियों का परिचायक होता है। बहुधा ऐसी परिस्थिति बन जाती है कि हम मुखर होकर समर्थन करना चाहते हैं किन्तु शर्म, संकोच या मितभाषी होने के कारण...

  • सांस की बीमारी गंभीर रूप धारण कर सकती है

    प्रदूषित वातावरण मिलावटी खाद्य पदार्थ तथा बदलती जीवन शैली के कारण सांस की बीमारियां काफी तेजी से बढ़ रही हैं। सांस की बीमारियों की बढ़ती रफ्तार को देखकर लगता है कि आने वाले दिनों में एड्स और कैंसर के बाद दुनियां की तीसरी खतरनाक जानलेवा बीमारी यही होगी। 'क्रानिक आब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज' सांस...

  • प्राकृतिक तरीकों से करें इलाज एक्ने, पिंपल्स और ब्लैकहेड्स का

    चेहरे की त्वचा पर कोई भी दाग-धब्बा, पिंपल, एक्ने हो उससे चेहरे की सुंदरता पर ग्रहण लगता है। अपनी त्वचा को सुंदर और दागहीन बनाने के लिए प्राकृतिक चीजें बहुत लाभप्रद हैं क्योंकि बाजारी क्रीमों में कई तरह के कैमिकल्स होते हैं जो थोड़े समय तक तो उन्हें दबा देते हैं, फिर से अपना कुुप्रभाव दिखाते हैं।...

  • सर्दियों में जऱा संभल के

    सर्दियां जितना लुभाती हैं उतनी ही परेशानियां भी लेकर आती हैं। छोटी-मोटी परेशानियां तो हर मौसम के बदलने पर होती ही हैं लेकिन ठंड के मौसम में परेशानियां अन्य मौसमों से थोड़ी ज्यादा हो जाती हैं। फिर सभी लोग इस प्यार भरे मौसम का खुल के लुत्फ नहीं उठा पाते लेकिन अगर छोटी छोटी बातों का ख्याल रखा जाए तो...

  • कैंसर से बचाने हेतु सहायक हैं फल

    कैंसर एक ऐसा गंभीर रोग है कि जब इसका पता चलता है तो रोगी और उसके निकट संबंधियों को धक्का लगता है और वे दहशत में आ जाते हैं। यदि कैंसर का शुरूआत में ही पता चल जाए तो इसका सफलतापूर्वक इलाज किया जा सकता है। जब तक किसी निकट संबंधी को कैंसर नहीं हो जाता, तब तक कोई भी इसे रोकने की कोशिश नहीं करता। यह...

  • 14 नवंबर- आज ही भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का जन्म हुआ था

    भारतीय और विश्व इतिहास में 14 नवंबर की प्रमुख घटनाएं नयी दिल्ली। भारत एवं विश्व इतिहास में 14 नवंबर की प्रमुख घटनायें इस प्रकार हैं.. 1681....ईस्ट इंडिया कंपनी ने बंगाल से अलग रियासत बनने की घोषणा की। 1889....भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का जन्म। उनके जन्मदिन के मौके पर बाल दिवस...

  • राजनीति: राहुल गांधी कांग्रेस के बहादुरशाह जफर

    भाजपा के प्रवक्ता अक्सर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तुलना अंतिम मुगल सम्राट बहादुरशाह जफर से करते हैं। यह उनकी प्रवंचना या टीवी डिबेट जीतने की शैली हो सकती है परंतु जफर केवल मुगलिया सल्तनत के पतन के ही नहीं बल्कि कमजोर नेतृत्व के भी ऐतिहासिक प्रतीक कहे जा सकते हैं। तख्त पर वे अवश्य बैठे थे...

  • विश्लेषण: रक्षा व सैन्य प्रतिष्ठानों में फैलता पाक जासूसों का जाल

    देश के रक्षा और सैन्य प्रतिष्ठानों में पाकिस्तानी जासूसों का जाल जिस कदर फैलता जा रहा है, वह बेहद चिंता का विषय है। सबसे बड़ी चिंता की बात तो यह है कि न केवल सेना के जवान बल्कि अब तो सेना और रक्षा प्रतिष्ठानों के बड़े-बड़े अधिकारी, वैज्ञानिक और यहां तक कि राजनयिक भी देश के साथ गद्दारी करते पकड़े जा...

  • मुद्दा: 'मी-टू' अभियान ने बढ़ायी महिलाओं की हिम्मत

    'मी-टू' अभियान ने जिस तरह तेजी पकड़ी है उससे ऐसा आभास होता है कि आने वाले दिनों में कई और नामी-गिरामी लोग इसके फेर में फंसेंगे। मामले की शुरूआत बालीवुड अभिनेत्री तनुश्री दत्ता से हुई थी। तनुश्री दत्ता ने मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर पर उत्पीडऩ का आरोप लगाए किन्तु जल्दी ही मी टू (मैं भी) नामक मुहिम के...

  • बाल कहानी: धन से बढ़कर नाम

    प्राचीन काल में भारत के एक नगर में शिवरतन नामक एक पंडित रहते थे। वह बहुत विद्वान थे। लेखन उनका व्यवसाय था। उन्होंने अपनी रचनाओं के द्वारा धन ही नहीं, यश भी कमाया था। उनकी रचनाएं देश प्रेम, चरित्र निर्माण और मानवता आदि गुणों से ओतप्रोत थीं। उस समय वीरसिंह नामक एक भयंकर डाकू का आतंक चारों तरफ छाया...

  • जब जल्दी में हों बच्चे

    कभी-कभी बच्चे एक दम शोर करते हैं कि भूख लगी है, जल्दी कुछ खाने को दो तो अक्सर मांओं को कुछ परेशानी सी लगती है कि क्या दें नन्हें मुन्नों को जो कुछ नया भी हो। कई बार जब बच्चे अपने मित्रों के साथ घर आते हैं तो भी मां को सोचना पड़ता है कि क्या रखें ताकि बच्चे अपने दोस्तों में मां की निपुणता की धाक जमा...

  • बाल जगत/जानकारी: बहुत उपयोगी है बांस

    कहने के लिए तो बांस एक रूखा-सूखा और फल से विहीन, पतला और लम्बा वृक्ष भर है। इसकी पत्तियां 5 से.मी. से लेकर 30 से.मी. तक लंबी होती हैं, जो आरम्भ में चौड़ी एवं आखिर में पतली व नुकीली होती हैं। बांस में प्राय: 30 से.मी. के अन्तर पर गांठें होती हैं जिनमें से पतली टहनियां निकली होती हैं। बांस के...

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