सुंदर के साथ शुभ भी होते हैं निशान

सुंदर के साथ शुभ भी होते हैं निशान

बाएं पैर की पहली और आखिरी उंगली फड़के तो आपको लाभ होगा। दाएं पैर की उन्हीं उंगलियों का फड़कना अशुभ होता है। पांव की पिंडली शनि और बुध नक्षत्र के अधीन आती है। इसके फड़कने से काम में बाधा आती है और यह शत्रु के पैदा होने का संकेत है। दायां घुटना फड़के तो अशुभ और बायां फड़के तो शुभ होता है।
बायां पांव फड़कना:- यह शुभ होता है। दायां पांव फड़कने से मुसीबतों का अंत होता है। बाई जांघ के फड़कने से दोस्त से सहायता मिलती है जबकि दाई जांघ पकडऩे से शत्रु शांत होते हैं। दाएं हाथ का अंगूठा फड़कने से शुभ समाचार मिलता है जबकि बायां फड़के तो नुकसान होता है।
शरीर के तिल या मस्से:- का संबंध शनि व राहु से माना जाता है। शनि धीरे-धीरे फल प्रदान करता है और राहु अचानक ही शुभ या अशुभ फल दे देता है।
दाएं गाल पर तिल शुभ:- शुभ होता है जबकि बाईं ओर का तिल अशुभ। ठुड्डी पर तिल प्यार में कमी का सूचक है।
दाईं आंख पर तिल हो:- तो खूब प्यार मिलता है। बाईं आंख पर तिल होने से प्यार में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। भौंहों पर तिल होने से घूमने फिरने के मौके मिलते हैं। बांह पर तिल होना हमेशा शुभ माना आता है। दांई बांह पर तिल हो तो अपार धन मिलता है। बाईं तरफ हो तो धन के साथ-साथ पुत्र की प्राप्ति होती है। होंठ पर तिल व्यक्ति के लालची स्वभाव को दर्शाता है।
गले पर तिल:- होने से धार्मिक कार्यों में अधिक रूचि होती है। कान पर तिल होने से धन मिलता है। गर्दन पर तिल आलस्य की निशानी है। कमर पर तिल हो तो बचपन सही बीतता है कि जवानी से बुढ़ापे तक का सफर कष्टकारक होता है। अंगूठे पर तिल उत्तेजना की निशानी है। ऐसी व्यक्ति स्वभाव से तेज मिजाज का होता है।
. कान पर तिल हो तो आभूषण पहनने का सुख मिलता है।
. छाती पर तिल हो तो पुत्र की प्राप्ति होती है।
. जांघ पर तिल हो तो नौकर चाकर का सुख मिलता है।
. पांव पर तिल हो तो विदेश यात्रा का योग रहता है।
. मस्तक पर तिल हो तो हर जगह इज्जत मिलती है।
. नाक पर तिल हो तो वह महिला रूपवान होती है पर घमण्डी रहती है।
- जे.के. शास्त्री

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