उचित जीवनचर्या अपना कर मोटापे से बचा जा सकता है

उचित जीवनचर्या अपना कर मोटापे से बचा जा सकता है

आज के आधुनिक युग में मनुष्य जीवन अनेक परेशानियां तथा बीमारियां झेल रहा है। यदि आज हम केवल बीमारियों की चर्चा करें तो अनायास ही हमारे सम्मुख अनेक नाम उभर आयेंगे जैसे हृदय रोग, मधुमेह, कैंसर, टीवी व आदि लेकिन इन सभी बीमारियों के अलावा भी एक बीमारी है जिसने बहुत से लोगों का जीना दूभर किया है और वह बीमारी है मोटापा जिसकी चपेट में आधी आबादी आ चुकी है। मोटापे के शिकार होने वाले लोगों में महिलाओं की संख्या अधिक पाई जाती है।
मोटापा एक ऐसी बीमारी है जिससे निजात पाने के लिए व्यक्ति हर संभव प्रयास करने के बावजूद भी सामान्यत: नाकाम साबित हो रहा है लेकिन यदि इस बीमारी पर प्रारंभ में ही नियंत्रण पा लिया जाए तो यह अपना ज्यादा मुंह नहीं उठाती। असल में इस बीमारी के मुख्य कारण होते हैं जरूरत से ज्यादा भोजन ग्रहण करना, अल्प श्रम करना तथा मानसिक परेशानी लेकिन कई बार मोटापा आनुवंशिक भी होता है।
महिलाओं में इसके उबरने का प्रमुख कारण है कि अधिकांश महिलायें घर पर रहने के कारण अपना सारा ध्यान खाने में लगा देती हैं जो एक अच्छी आदत नहीं है। मासिक धर्म की अनियमितता भी इसे और बढ़ावा देती है। ऐसे में महिलाओं को चाहिए कि वे डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें। बहुत से डॉक्टरों का कहना है कि भोजन में आमूल चूल परिवर्तन करके तथा अपनी जीवन शैली में परिवर्तन करके इस बीमारी से दूर रखा जा सकता है जैसे:-
- प्रतिदिन समयानुसार भोजन करें तथा सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन तथा रात्रि के भोजन में समान अंतर अवश्य रखें।
- भोजन करते समय पानी का सेवन कम से कम करें और यदि हो सके तो न करें क्योंकि इससे पाचन क्रिया दुरूस्त रहती है।
- यदि आपको सारा दिन कुछ न कुछ खाने की आदत है तो जितनी जल्दी हो सके, अपनी इस आदत से विदा लीजिए।
- मोटापा यदि बढ़ जाए तो भूलकर भी खाने पीने का त्याग न करें क्योंकि इससे आपके शरीर में पोषक तत्वों की कमी आ जाएगी।
- प्रतिदिन आठ से दस गिलास पानी का सेवन अवश्य करें ताकि आपके शरीर से गर्मी निकल सके।
- यदि आप मोटापे का शिकार हो गई हैं तो अपने भोजन में आहिस्ता-आहिस्ता कैलोरी की मात्रा को कम कीजिए।
- मलाई का प्रयोग भी अधिक मात्रा में न करें। फुल क्रीम दूध के स्थान पर मलाई रहित दूध का प्रयोग करें।
- एक गिलास पानी में नींबू निचोड़ कर सुबह सुबह इसे पियें। इससे आपका मोटापा नियंत्रण में रहेगा।
- अपने भोजन में साबुत अनाज, साबुत दालों तथा रेशेदार फल तथा सब्जियों को अधिकाधिक स्थान दें।
- कार्य करते समय शारीरिक श्रम प्रधान कार्य को प्राथमिकता दें।
- अपनी जीवन शैली में शारीरिक व्यायाम तथा मार्निंग वॉक को स्थान दें।
- ललिता रोहिला

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