हम अपने बच्चों को क्या दे रहे हैं?

हम अपने बच्चों को क्या दे रहे हैं?

एक जमाना था जब माता-पिता अपनी आवश्यकतानुसार संतान पैदा करते थे। पहले स्वयं इस योग्य बनते, फिर संतान उत्पादन की प्रक्रिया में संलग्न होते थे। सहवास-सम्भोग एक क्रीड़ा मात्र नहीं होता था अपितु समाज को श्रेष्ठ संतति प्रदान करना प्रत्येक युवा दंपति का ध्येय होता था। फलस्वरूप भारतभूमि में अनगिनत, सूरमा, देशभक्त और ईश्वर के अवतार हुए।
अब जमाना बदल गया है। विवाह पूर्व ही सहवास, प्रजनन और परिवार बसाने की परंपरा चल पड़ी है। उन्मुक्त यौनाचार, लव-अफेयर, जैसे शब्द शर्मनाक नहीं माने जाते। मां-बाप अपने बच्चों के 'हनीमून' की प्लानिंग करते हैं। ज्यादा बच्चे होने की स्थिति में 'गर्भपात' की सलाह देते हैं। 'कंडोम' और सेनिटरी पैड का प्रचार टी.वी. आदि पर मजे से होता है, होना भी चाहिए क्योंकि सही जानकारी के अभाव में एवं गोपनीय रखने की तथाकथित पुरानी मान्यता के चलते ही आज 'सेक्स' जैसा विषय तरह तरह के रोगों और अपराधों का कारण बन गया है।
किन्तु क्या हम अपने बच्चों को सही तरीके से सेक्स का ज्ञान दे पा रहे हैं? क्या हमारा सिखाने का ढंग सही है? इस सवाल पर हमें चिंतन करना है।
सेक्स विषयक पुस्तकें और फिल्में निस्संदेह हमें जानकारी देती है कि सहवास कैसे करना चाहिए, यौन रोग कैसे होते हैं, यौन-समस्याओं का समाधान क्या हो, आदि-आदि किन्तु कोई भी यह नहीं बताता कि संयम के क्या लाभ हैं? ब्रह्मचर्य धारण से मनुष्य असीमित मेघा और शक्ति का पुमज बन सकता है जैसे आइंस्टीन, टैगोर, विवेकानंद हुए।
कहीं ऐसा तो नहीं कि कण्डोम, नेपकिन, बाजीकरण औषधि बनाने वाली कंपनियों एवं मर्द बनाने वाले लालची चिकित्सकों ने समाज को लूटने के लिए यह हथकंडा अपनाया हो। यदि ऐसा नहीं है तो फिर क्यों सर्वत्र बहिन बेटियां बलात्कार का शिकार हो रहीं हैं।
विवाहिता अपने ही पति से यौन-पीडि़त हो रही है। निश्चित ही हमारे यौन-शिक्षण में कमी है और अतिगोपनीय से अति खुलापन लाने का प्रयास अनुचित है। ज्यादा अच्छा होता यदि हम अपने बच्चों को संयम की शिक्षा देते, शरीर के सम्पूर्ण अंगों का सांकेतिक गुणधर्म समझाते और भले-बुरे पक्ष की जानकारी देते। आश्चर्य है कि हम अपने बच्चों को सही जानकारी देने में झिझक और शर्म महसूस करते हैं लेकिन अपने पड़ोसियों की लड़कियों को अपनी यौनतुष्टि का माध्यम बनाते हैं।
- पं. घनश्याम प्रसाद साहू

Share it
Share it
Share it
Top