देशहित मेें हैं ट्रकों पर लिखे संदेश

देशहित मेें हैं ट्रकों पर लिखे संदेश

आमतौर पर हमारे समाज में ट्रक ड्राइवरों को अच्छी नजर से नहीं देखा जाता है लेकिन ट्रक ड्राइवरों के सबसे मजबूत पहलू जो देश की एकता और तरक्की में इनके योगदान की ओर इशारा करता है, की ओर बहुत कम लोगों का ध्यान जाता है। जी हां, हम बात कर रहे हैं ट्रकों के पीछे लिखे हुए संदेशों और उनमें छिपे मतलब की। आइए, कुछ नमूने देखते हैं।

'बुरी नजर वाले तेरा मुंह काला', 'हम दो हमारे दो', 'हम सब एक हैं', 'दहेज लेना-देना पाप है', 'बीवी से प्यार करो, तलाक मत दो।'

हम सब रोजाना ट्रकों पर ऐसी लाइनें लिखी देखते हैं। ये हमारा ध्यान अपनी ओर खींच ही लेती हैं। ट्रक ड्राइवरों की मानें तो ये संदेश उनकी मस्ती और सोच को जाहिर करते हैं।

ट्रक ड्राइवर देश की समस्याओं पर अपनी राय इन लाइनों द्वारा ही जाहिर करते हैं, चाहे वह दहेज प्रथा हो या तलाक प्रथा। वे इन सभी की खिलाफत कुछ इस तरह से करते हैं, जैसे 'दहेज लेना या देना जुर्म है', 'कुत्तो, दहेज मत मांगो' आदि।

अगर ऐसे नारे समाज में बढ़ रही इन बुराइयों को थोड़ा भी कम करने में मदद कर रहे हैं तो हम इसे ट्रक ड्राइवरों का समाज की ओर योगदान मान सकते हैं। ट्रकों पर लिखे कुछ नारे बढ़ती आबादी की समस्या की ओर भी इशारा करते हैं। 'हम दो हमारे दो' जैसे नारे परिवार नियोजन कार्यक्र म में भी भागीदारी करते हैं।

देशभक्ति को बढ़ावा देने में इन ट्रक ड्राइवरों का कोई सानी नहीं जैसे 'हम सब एक हैं', 'हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, आपस में हैं भाई-भाई'। हां, इनके कुछ नारे अंधविश्वास बढ़ाने वाले भी होते हैं जैसे 'बुरी नजर वाले तेरा मुंह काला'।

ट्रक एक जगह से दूसरी जगह जाकर देश को तो जोड़ते ही हैं, साथ ही अपने पीछे लिखे नारों से देश की एकता को भी बढ़ावा देते हैं। 'कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत एक है', 'स्वदेशी वस्तुओं को खरीदो' कुछ ऐसे ही नारे हैं। 'प्रणाम शहीदों को, जय जवान, जय किसान', इस संदेश में एक साथ शहीद, जवान और किसान तीनों की जयकार की गई है।

कई ट्रकों पर तेल बचत करने व शराब की बुराई से जुड़े संदेश भी लिखे रहते हैं, जैसे 'देशहित में तेल बचाएं', 'मैं बहुत सुंदर हूं जीवन भर साथ दूंगी, बस इतनी गुजारिश है, मुझे पी कर मत चलाना' आदि।

इसके अलावा ट्रक ड्राइवर हिन्दी की तरक्की में भी खास योगदान देते हैं। पूरे देश में घूमने वाले ट्रक ड्राइवर अपने कामकाज में हिन्दी का ही इस्तेमाल करते हैं चाहे बिहार का ट्रक ड्राइवर तमिलनाडु जाए या केरल या आंध्र प्रदेश का ट्रक ड्राइवर पश्चिम बंगाल, सभी हिन्दी का ही इस्तेमाल करते हैं। इस तरह हम समझ सकते हैं कि देशहित में ट्रक ड्राइवरों का रोल बहुत निराला है।

- नरेंद्र देवांगन

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