ताकि ऐसी न बने आफत

ताकि ऐसी न बने आफत

गर्मियों में एसी अब आवश्यकता बनाता जा रहा है। बड़े शहरों में पेड़ काटकर बनी मल्टीस्टोरीज बिल्डिंग व जरूरत से अधिक वाहन शहर में गर्मी व तापमान को बढ़ा रहे हैं। जब तक एसी ठीक काम कर रहा है तब तक तो उसकी ठंडक बहुत सुहाती है पर कभी कभी एसी जानलेवा भी हो सकता है अगर उसकी ठीक से देखभाल न की जाए।

- एसी में प्रयोग होने वाला आन आफ स्विच हमेशा अपनी पहुंच में होना चाहिए ताकि कोई भी एमरजेंसी होने की स्थिति में आप ऑफ कर सकें।

- गर्मी के मौसम की शुरूआत में ही एसी की सर्विस करवा कर जांच करवा लें कि सब कुछ ठीक है। एसी की सर्विस हर साल करवाएं।

- एसी के एअरफिल्टर को समय-समय पर साफ करते रहें ताकि धूल मिट्टी जमा न हो सके।

- अगर एसी आपका इनवर्टर या जनरेटर से चलता है तो बिजली आने के तुरंत बाद इनवर्टर या जनरेटर से स्विच आफ कर दें।

- एसी की तारों को गरम सतह से दूर रखें क्योंकि इससे आग लगने का खतरा बन सकता है।

- एसी स्विच के पास किसी भी तरह का पानी का कोई सोर्स नहीं होना चाहिए, न ही सजावट का सामान उसके पास रखें।

- एसी में से किसी भी तरह की आवाज आने पर तुरंत एसी बंद कर दें और एसी इंजीनियर को बुलाकर जांच करवाएं।

- घर में नया एसी इंस्टाल करवाते समय प्रोफेशनल या कंपनी के इंजीनियर से लगवाएं।

- एसी के सॉकेट की भी जांच करवाते रहें ताकि शॉक का खतरा न रहे।

- एसी को कभी एक्सटेंशन कॉर्ड पर न लगाएं क्योंकि एसी की पावर अधिक होती है। इससे शॉर्ट सर्किट होने का खतरा बरकरार रहेगा।

- गैस पाइप पर भी ध्यान दें ताकि गैस सही से प्रवाह होकर ठीक काम कर सके।

- एसी का तापमान ऊर्जा मंत्रलय की सलाह के अनुसार 24 डिग्री सैल्सियस पर रखें, इससे बिजली बचेगी।

पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार भारत में एसी का तापमान 26 डिग्री सैल्सियस रखना चाहिए। इसलिए एसी का मापमान 24 से 26 डिग्री के बीच ही रखें जो सही होगा।

- सुनीता गाबा

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