हीन भाव से कैसे बचें

हीन भाव से कैसे बचें

मनोविज्ञान में अहम् भाव और हीन भावना का विशेष महत्त्व है। बहुत से लोग इनमें से किसी रोग से ग्रसित होते हैं। बहुधा हीन भावना से ग्रसित लोग नजर आते हैं। यदि आप आत्म विश्लेषण करना चाहते हैं तो निम्न बातों से बच कर रहें

- हीन भावना से ग्रसित व्यक्ति अपनी समस्याओं का रोना रोते रहते हैं और छोटी से छोटी बात का भी स्वयं निर्णय नहीं ले सकते।

- ऐसे लोग मनमुख होते हैं। अपनी ही हांकते हैं, किसी की बात नहीं सुनते।

- ये लोग ईष्र्यालु, जोर जोर से बोलने वाले, क्रोधी, खुशामदपसन्द होते हैं। अपनी प्रशंसा स्वयं करने में नहीं हिचकिचाते।

- हर बात में अपनी व अपने परिवार की ही प्रशंसा में लगे रहते हैं। किसी की बात सुने बिना अपनी बात सुनाने में लगे रहते हैं।

- वे लोग कमजोर स्वभाव के व चिड़चिड़े होते हैं। समस्याओं से भागने का भरसक प्रयत्न करते हैं।

- इन अवगुणों से बच कर अपने आपको प्रकाश स्तम्भ बनना चाहिए।

- विजेन्द्र कोहली गुरदासपुरी

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