गर बॉस से न बैठे टयूनिंग तो

गर बॉस से न बैठे टयूनिंग तो

आज के समय में नौकरी करना उतना आसान नहीं जितना पहले था क्योंकि आज के युवा बहुत पढ़कर बहुत ज्यादा किसी बॉस के तानाशाह रवैय्ये में रहकर काम नहीं कर सकते। जब जॉब मिलता है उसे छोडऩा आसान भी नहीं होता। मजबूरी तब आती है जब आफिस का माहौल या बॉस का रवैय्या ठीक नहीं होता या फिर दूसरी कंपनी से अच्छा ऑफर मिलता है, तब जॉब छोडऩी पड़ती है।

कैसे अपने मन को समझाएं कि कब नौकरी छोडऩी चाहिए या नौकरी बदलनी चाहिए। कुछ तथ्यों पर विचार कर फैसला दें कि यह सही समय है नौकरी छोडऩे या बदलने का।

अगर बेमन से आफिस जा रही हैं:-

आफिस जाना और आफिस में पहले जैसे उत्साह से काम करने में अगर रूचि कम हो जाए तो हमें नए जॉब के लिए कोशिश करना प्रारंभ कर देना चाहिए और इस जॉब को छोड़ देना चाहिए। कई बार आफिस में मेहनत आप खूब करते हैं पर बॉस उन पर ध्यान नहीं देता और समय पर इंक्रीमेंट भी नहीं देता जो आप डिजर्व करती हैं तो काम करने का उत्साह स्वाभाविक रूप से कम हो जाता है।

वहीं आपके साथी जो आपके मुकाबले आधा काम करते हैं और उन्हें उचित इंक्रीमेंट समय पर मिल जाता है या विदेश जाने का अवसर और प्रमोशन मिल जाती है तो आपके लिए बहुत बड़ी बोरियत है। इस बोरियत के साथ आफिस जाना और काम करना अपने साथ नाइंसाफी है। ऐसे में जॉब छोडऩा उचित फैसला है। बिना मन के आफिस जाना फिजूल है।

आपके टैलेंट (योग्यता) का सही इस्तेमाल न हो पाना:-

आप काम करने के योग्य हैं पर आपसे उस स्तर का काम न करवा कर ऐसा काम करवाया जाए जिस में आप अपनी योग्यता नहीं दर्शा पा रहे। आपके कहने पर भी आपको कोई चैलेंजिंग या नया काम नहीं दिया जाता जिससे आप अपनी योग्यता का इस्तेमाल कर सकें। कुछ नया सीखने को नहीं मिल रहा हो तो समझें जॉब में बदलाव लाने का समय आ गया है।

जब जॉब असुरक्षित लगे:-

जब महसूस होने लगे कि आप जिस संस्था या कार्यालय में कार्यरत हैं वह सुरक्षित नहीं है जॉब के हिसाब से या व्यक्तिगत सुरक्षा के हिसाब से तो ऐसे में जॉब बदलने या छोडऩे का फैसला आपके लिए उचित होगा।

काम का अधिक दबाव हो और स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़े:-

कुछ आफिसिज में स्टॉफ पर वर्क लोड अधिक होता है जिससे कई बीमारियां जन्म लेने लगती हैं और सीधा प्रभाव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। ऐसे में जॉब बदलना उचित होगा। कई बार काम करने के घंटे भी अधिक होने के कारण आप घर परिवार और आफिस में सही सामंजस्य नहीं बैठा पा रहे हो तो जॉब बदलने के लिए यह उचित समय है।

- सुनीता गाबा

Share it
Share it
Share it
Top