Read latest updates about "लाइफ स्टाइल"

  • पर्यटन : गर्मी से राहत दिलाते हिल स्टेशन

    गर्मी के मौसम में जब चिलचिलाती धूप एवं असहय गर्मी पडऩे लगती है तब मनुष्य इससे मुक्ति पाने कहीं जाने के लिए बेचैन हो जाता है। ऐसे में हिल स्टेशन सबसे अच्छी जगह सिद्ध होती है। ऐसे पर्वतीय क्षेत्र हरे - भरे एवं सुंदर दृश्यों से भरपूर होते हैं जहां गर्मी की छुट्टियां को आराम से बिताया जा सकता है।...

  • 24 मई- सैयद अहमद खान ने आज ही के दिन अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना की थी

    नयी दिल्ली। भारतीय एवं विश्व इतिहास में 24 मई की प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं- 1875...सैयद अहमद खान ने अलीगढ़ में मुहम्मदीन एंग्लो ओरिएंटल स्कूल की स्थापना की जो आगे चलकर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के नाम से प्रसिद्ध हुआ। 1954....माउंट एवरेस्ट पर फतह हासिल करने वाली प्रथम भारतीय महिला बछेंद्री पाल...

  • ऐसे बनाएं अपने बाथरूम को साफ सफाई कर आकर्षक

    वैसे तो अपने घर को स्वच्छ बनाए रखने की तमन्ना हम सभी को खूब होती हैं, परंतु अनेक कारणों के चलते हम ऐसा कर पाने में असमर्थ साबित होते हैं। इस बारे में अनेक बुद्धिजीवियों का कहना है कि स्वच्छता घर के हरेक कोने से दूर-दूर तक साफ नजर आनी चाहिए ताकि घर अन्य लोगों की तुलना में कहीं...

  • बातें कुछ काम की

    - पूरी नर्म बनाने हेतु आटा गूंथते समय थोड़ी चीनी मिला दें। -सब्जी में नया स्वाद लाने के लिए पिसे हुए मिश्रण को घी में डालने के बाद एक बड़ा चम्मच मलाई डाल कर मसाला भूनें।- सूजी और दलिये में जल्दी कीड़ा लग जाता है। इनको हमेशा हल्का भूनकर ठंडा करके डिब्बे में भरें। अब निश्चिंतता से इसे...

  • घटती सहभोज की परंपरा, दूर होते रिश्ते

    संयुक्त परिवार हो या सीमित परिवार, सभी के घर के सदस्यों का मिल-बैठकर भोजन करना पारिवारिक जीवन में लाभकारी होता है। सह-भोज से परिवार के सदस्यों में परस्पर विश्वास, प्यार और सहयोग की भावना बढ़ती है और परिवार में अनुशासन होता है। यह विचारणीय तथ्य है कि भोजन की मेज ऐसा एक स्थान है जहां व्यक्ति...

  • 23 मई- आज ही के दिन बछेंद्री पाल माउंट एवरेस्ट पर पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं थी

    नयी दिल्ली। भारतीय एवं विश्व इतिहास में 23 मई की प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं-1420- सीरिया और आस्ट्रिया से यहूदियों को बाहर निकाला गया। 1785- बेंजामिन फ्रेंकलिन ने एक पत्र में लिखा कि उसका आविष्कार द्विभाषी था। 1788- दक्षिण कैरोलिना को आठवें राज्य के रूप में अमेरिकी संविधान में शामिल किया गया।...

  • क्यों होता है प्यार बड़ी उम्र की महिलाओं से

    यह इंसानी फितरत है कि वह हमेशा कुछ नये सुख व आकर्षण की खोज में रहता है। अब इस नये टे्रंड को ही लें जहां एक ग्रेसफुल सलीकेदार मृदुभाषिणी स्त्री उम्र के चौथे पांचवें दशक में अपने से बरसों छोटे युवकों को अपने आकर्षण में बांधने लगी हैं। समाज में ऐसी अनगिनत औरतें हैं जो खेली खाई होने के कारण...

  • लिव-इन रिलेशन को रखें सुरक्षित

    आप किसी मजबूरीवश या प्यार के रहते किसी के साथ लिव-इन रिलेशन में हैं तो उसे छिपाएं नहीं बल्कि ओपन रखें। इस आधुनिक युग में लिव-इन में रहना बुराई नहीं है। अब यह कामन होता जा रहा है। कामन होने के बावजूद भी यह रिश्ता आसानी से समाज में माना नहीं जाता क्योंकि समाज इस रिश्ते को क्या नाम देकर स्वीकार करे,...

  • महिलाएं किस्म-किस्म की

    एक महिला के लिए भी महिलाओं को समझना और उनके बहुपक्षीय व्यक्तित्वों को समझना कठिन है। फिर भी इस लेख के माध्यम से महिलाओं को उनके आचरणों के आधार पर वर्गीकृत किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। महिलाएं मुख्यत: इन सात वर्गों में रखी जा सकती हैं-चंचला, लज्जावती, करूणा, कलहप्रिया, शान्ता, पतिव्रता व...

  • अंतर्राष्ट्रीय: सीरिया पर मित्र राष्ट्रों का आक्रमण और भारत की भूमिका

    तो क्या सचमुच विश्वयुद्ध प्रारंभ हो गया है? लिहाजा सीरिया पर अमेरिकी मित्र राष्ट्रों की सेना ने हवाई हमला कर निस्संदेह रूप से रूस को उकसाया है। रूस की अगली कार्रवाई क्या होगी, यह देखना अभी बाकी है लेकिन इतना तो तय है कि अब रूस भी प्रतिरक्षात्मक रवैय्या अपनाने में अपने आप को असहज महसूस करेगा। कतिपय...

  • परफ्यूम से महकाएं-तन मन को

    परफ्यूम का इस्तेमाल हमें हर मौसम में तरोताजा रखता है। फ्रैश रखने के साथ-साथ यह पसीने की दुर्गंध को भी दूर भगाता है। परफ्यूम की खुशबू मन-मस्तिष्क को ही नहीं वरन् माहौल को भी खुशनुमा अहसास से भर देती है। परफ्यूम को लोग सुगंध के आधार पर खरीद लेते हैं पर उन्हें यह पता नहीं होता कि वह उन्हें माफिक भी आ...

  • मुद्दा : महापुरूषों को भी डस रहा है-जातिवाद

    गणतंत्र भारत में जैसे जैसे लोकतंत्र मजबूती की ओर अग्रसर होता जा रहा है वैसे वैसे ही देश में छोटी व बड़ी सभी जाति अपना वोट बैंक उजागर कर अपनी राजनीतिक शक्ति प्रगट करने हेतु अपने अपने जातिगत संगठन बना रहे हैं। स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के अधिसंख्य राजनेता अपनी अपनी जातिगत पहचान बताते हुए...

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