Read latest updates about "लेडीज स्पेशल" - Page 4

  • छरहरी काया की दीवानगी

    फिल्म एवं टीवी आज मनोरंजन के सबसे प्रमुख माध्यम बन गए हैं। इनके नायक नायिका एवं कलाकार सबको प्रभावित कर रहे हैं। इनकी नायिकाओं से नारी वर्ग सबसे अधिक प्रभावित है। ये नायिकाओं की छरहरी काया को आदर्श मानकर उसकी दीवानी हो गई हैं और अपनी काया को छरहरी करने के लिए अविवेकपूर्ण डायटिंग कर रही हैं। दैनिक...

  • बच्चे चाहते हैं मां बाप का ध्यान

    अपने बच्चों का भविष्य सुखद बनाने की कल्पना हर माता-पिता करते हैं और वे इस कल्पना को सच बनाने के लिए हर कठिनाई का सामना करते हैं। इसके लिए वह बच्चों के पालन पोषण की ओर विशेष ध्यान देते हैं परन्तु आज शायद बहुत थोड़े माता-पिता हैं जो बच्चे को थोड़ा समय दे पाते हैं। आज की तेज रफ्तार भरी जिंदगी जहां...

  • साड़ी में फाल लगाना भी एक कला है

    फाल साड़ी की शान बढ़ाती है। यदि साड़ी में फाल न हो तो साड़ी की प्लीट्स बनाने में मजा ही नहीं आता। फाल सही रूप से न लगी हो, तब भी साड़ी बांधने का मजा खराब हो जाता है। साड़ी की शान फाल को उचित रूप से मैच कर लगाना चाहिये। फाल लगाना भी एक कला है इसके लिये कुछ विशेष बातें ध्यान में रखनी चाहिये। - फॉल...

  • वाइफ एक्सचेंज - एक घिनौनी प्रथा

    हमारी आधुनिक संस्कृति में सम्पन्न समझे जाने वाले तबकों में 'वाइफ एक्सचेंज' की प्रथा बहुत ही तेजी से पनपती जा रही है। यह प्रथा धीरे-धीरे मध्यमवर्गीय लोगों में भी पनपने लगी है। भारतीय समाज के लिए यह पनपती प्रथा जहां चिंताजनक बात है, वहीं दूसरी ओर इससे स्वस्थ समाज बड़ी तेजी से अस्वस्थता के गड्ढ़े में...

  • ऐसे करें वस्त्रों का चुनाव

    आधुनिक युग सौंदर्य का युग है। आज नारी सौंदर्य के प्रति अधिक सचेत है। उसे तरह-तरह के सौंदर्य प्रसाधनों की आवश्यकता होती है। उसकी इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए कम्पनियां नये उत्पाद बनाने में लगी हैं। महिलाएं श्रृंगार व कपड़ों के प्रति आकर्षित रहती हैं। नया व आधुनिक डिजाइन बाजार में देखते ही...

  • क्या जरूरी है विवाह महिलाओं के लिए?

    विवाह सभ्य समाज के लिए आवश्यक विधान है। भारतीय समाज में विवाहित स्त्री को अधिक सम्मान दिया जाता है। लड़की की जिंदगी में विवाह सिर्फ एक बार घटने वाली महत्त्वपूर्ण घटना है। शास्त्रों द्वारा स्वीकृत सिर्फ यही एक धार्मिक अनुष्ठान है जो स्त्री की पवित्रता को अधिक मूल्य देता है। भारतीय समाज में लड़कियों...

  • स्वयं करें अपना फेशियल

    नारी सदा से ही सुंदरता के प्रति सजग रही है। अपनी सुंदरता को बरकरार रखने के लिए तरह-तरह के साधन अपनाती रही है ताकि वह सुंदर व आकर्षक दिखे। आकर्षक व सुंदर दिखने के लिए त्वचा का सुकोमल होना बहुत ही जरूरी है क्योंकि शुष्क त्वचा से व्यक्ति आयु से अधिक उम्र का दिखता है। अत: त्वचा में झुर्रियां न पड़ें,...

  • अपनी त्वचा को पहचानें

    अक्सर महिलाएं अपनी त्वचा को कभी ऑयली कहती हैं व कभी रूखी-सूखी। गर्मियों में जब पसीने के साथ-साथ त्वचा से तेल निकलता है तो उनका ख्याल होता है कि उनकी त्वचा तैलीय है पर सर्दी के मौसम में वही त्वचा जब शुष्क हो जाती है तो वे सोचती हैं कि उनकी त्वचा रूखी-सूखी है। दरअसल ये बदलाव तो मौसम के कारण आते हैं...

  • गर मंगेतर साथ हो तो

    सगाई होने के बाद तो लाइसेंस मिल जाता है साथ घूमने फिरने का। अगर आप एक ही शहर में हैं तो फिर बात ही क्या। सगाई से शादी तक के अंतराल में कई बार घूमना हो जाता है। अगर आप दूर शहर में हैं तो फिर घूमना मुमकिन नहीं होता। अगर आप अपने मंगेतर के साथ बाहर हैं तो शिष्टता दिखाना भी जरूरी है ताकि आप शिष्ट...

  • डेट को बनाएं यादगार

    आज के समय में डेट पर जाना कुछ अटपटा नहीं लगता। मेट्रो सिटीज में तो यह एक आम बात है। स्कूल टाइम से ही कुछ बच्चे डेटिंग करना प्रारंभ कर देते हैं। कॉलेज पहुंचने पर तो यह सब बहुत कामन है। वर्किंग गल्र्स भी डेट पर जाती हैं सिंगल हैं या शादीशुदा उन्हें भी डेट पर जाने में कोई एतराज नहीं। चाहे आप पहली डेट...

  • ऐसे रहें तनावमुक्त

    जब स्थितियां व्यक्ति के नियंत्रण से बाहर होती हैं तो व्यक्ति तनाव की स्थिति में आ जाता है। तनाव व्यक्ति के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालता है इसलिए तनाव का चाहे कोई भी कारण हो, व्यक्ति को उसके प्रभाव को कम करने का प्रयास करना चाहिए। ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है जिसके जीवन में कभी भी...

  • महकती सांसें

    अनेक टूथपेस्ट के विज्ञापनों में महकती सांसें सबको पास लाएं कहकर प्रचारित किया जाता है किन्तु ऐसा कदापि नहीं होता। टूथपेस्ट से अधिक व्यक्तिगत साफ-सफाई महत्त्व रखती है। दांत, मसूड़े, मुंह एवं पेट के साफ रहने से मुंह एवं सांसें महकती रहती हैं। इनकी ठीक प्रकार से सफाई नहीं करने से, इनमें सडऩ से एवं...

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