Read latest updates about "लेडीज स्पेशल" - Page 3

  • आपसी रिश्तों में मिठास बनाए रखें

    परिवार की एकता और खुशहाली, पारिवारिक रिश्तों की मिठास से ही कायम रह पाती है। ऐसे कितने ही सामाजिक एवं पारिवारिक रिश्ते होते हैं जिन्हें मधुर बनाये रखने के लिए एक दूसरे के हित-अहित, मान-सम्मान को ध्यान में रखना पड़ता है। 'अहम' के मामले में रिश्ते कभी-कभी टूटने के कगार पर पहुंच जाते हैं। अहम् से ही...

  • जरूरी है हाथ पैरों की देखभाल

    महिलाओं को सौंदर्य के मामले में मुख्यत: चेहरे की चिंता रहती है। हाथ पैर भी सुंदर हों, इस ओर ध्यान कम रहता है। फलस्वरूप अक्सर हाथ-पैरों की उपेक्षा करने वाली औरतों को दूसरी औरतों के सामने शर्मिंदा होना पड़ता है। हमारे पैर सर्वाधिक उपेक्षा का शिकार होते हैं। असल में भारत और तमाम अन्य एशियाई देशों में...

  • जब हो जाए प्यार में ब्रेकअप

    प्यार एक सहज अनुभूति है। प्यार किया नहीं जाता, हो जाता है। इक_े घूमते फिरते, मौज मस्ती, करते करते कब आपको प्यार हो जाता है, पता ही नहीं चलता। प्यार एक ऐसा अहसास है जिसके होने पर लगता है मानो सारा जहान आपको मिल गया है। दुख आपसे दूर और सुख आपके साथ होता है, दुनियां खूबसूरत लगती है परंतु जब प्यार...

  • हेयर डाई के खतरे हाई

    सफेद बालों को डाई करने एवं अच्छे भले बालों का रंग उड़ाकर उन्हें कलर करने का प्रचलन इन दिनों बहुत ज्यादा बढ़ गया है। सबके बाल असमय एवं अल्प आयु में सफेद होते जा रहे हैं। काले बाल जवानी के एवं सफेद बाल बुढ़ापे के द्योतक माने जाते हैं इसलिए इन्हें डाई किया जाने लगा है। कम आयु के किशोर भी बालों के सफेद...

  • सौंदर्य का अभिन्न अंग हैं नाखून

    हर औरत का सौंदर्य सिर्फ उसके चेहरे से ही नहीं बल्कि प्रत्येक अंग से होता है। यदि कोई अंग कुछ बेतरतीब हो तो आकर्षण घट जाता है। सुन्दर हाथ-पैर तब दूसरे को आकर्षित करते हैं जब उसके नाखून सुंदर हों। नाखूनों की सुंदरता आपके सौंदर्य में चार चांद लगा सकती है। आइए, हम आपको नाखूनों की देखभाल के बारे में...

  • घर परिवार: जब बच्चा वहमी या सनकी हो

    कभी कभी बच्चे एक ही अनचाहे ख्याल या काम को बार बार दोहराने लगते हैं हमें लगता है बच्चा वहमी या सनकी हो गया है जबकि ऐसे बच्चों को अपने व्यवहार पर कंट्रोल नहीं होता। कुछ भी काम खत्म करने पर बार बार देखेंगे कि पूरा काम खत्म हुआ या नहीं। किसी भी काम की धुन सवार होना किसी को भी सनकी बना देता है उसे...

  • बच्चों में पढ़ाई के प्रति रूचि कैसे बनाएं

    भागदौड़ के इस युग में सभी माता-पिता बच्चों के प्रति चिंताग्रस्त रहते हैं कि उनके बच्चे का पढऩे में मन नहीं लगता। ये बातें ज्यादातर पांच साल से दस साल की उम्र वाले बच्चों में ही होती हैं। एक ओर माता-पिता इस समस्या को लेकर परेशान हैं तो दूसरी ओर शिक्षक भी इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि बच्चे जो...

  • अब घरेलू महिला नहीं, होममेकर कहिए

    अधिकतर लोगों का नजरिया, कामकाजी महिलाओं की तुलना में घरेलू महिलाओं को हीन समझना होता है। घर की जिम्मेदारियों के प्रति पूर्ण समर्पित रहने के बावजूद नौकरी करती महिलाओं जितना, सम्मान व इज्जत नहीं मिलती घरेलू महिलाओं को। आखिर यह पक्षपातपूर्ण रवैय्या क्यों? माना कि नौकरीपेशा औरतें आय में योगदान देती...

  • देवरानी-जेठानी में हो परस्पर प्यार

    संयुक्त परिवार सास-ससुर, देवर-देवरानी, जेठ, जेठानी और पति पत्नी के परस्पर प्यार और सामंजस्य पर ही टिका हुआ है। इनमें सर्वाधिक संवदेनशील संबंध होते हैं। अकसर देखा गया है कि सास-बहू और देवरानी-जेठानी की पटरी परस्पर नहीं बैठ पाती और परिवार विखंडित हो जाता है। परिवार की एकता और सुख-शांति के लिए...

  • त्वचा की ब्यूटी के लिए मिल्क फेशियल

    अभी तक दूध का प्रयोग त्वचा की सफाई हेतु प्रयोग किया जाता था। अब मिल्कं फेशियल आधुनिक फैशन का नया टें्रड है जिससे त्वचा को पौष्टिकता मिलती है, ब्लड सर्कुलेशन में सुधार आता है, त्वचा जवां, चमकदार और नमी से भरपूर लगती है, त्वचा लूज होने से भी बचती है। इतने फायदे हैं मिल्क फेशियल के। आइए जानें कैसे...

  • जरूरी है कामकाजी महिलाओं के लिए सौंदर्य समीकरण

    चंचल चितवन, निर्मल त्वचा और स्वस्थ तथा सुदृढ़ शरीर और उस पर सलीकेदार वस्त्र विन्यास ही स्त्री के सौंदर्य की पहचान है। आज के भौतिकवादी युग में हर कोई सुन्दर दिखना चाहता है लेकिन सही अर्थों में सुंदरता क्या है, इसकी कोई सर्वमान्य परिभाषा नहीं है। फिर भी, यदि हम सुंदरता के मापदंडों को सरसरी तौर पर...

  • आधुनिकता में उलझ रहा रक्षासूत्र

    भारतीय संस्कृति में त्यौहारों का विशेष महत्व है। त्यौहार हमारे रिश्तों के बंधन को मजबूत बनाते हैं। इसी क्रम में भाई और बहन के पवित्र रिश्ते को अटूट बनाने का पर्व है रक्षाबंधन। राखी के पवित्र धागों का त्यौहार रक्षाबंधन भाई बहन के अपार स्नेह का प्रतीक होने के साथ ही प्रतिज्ञा और बलिदान का अटूट बंधन...

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