आपका पर्स कबाड़ी की दुकान तो नहीं

आपका पर्स कबाड़ी की दुकान तो नहीं

कामकाजी महिलाओं के लिए पर्स की महत्ता कुछ अधिक होती है क्योंकि उन्हें प्रतिदिन उसका भरपूर लाभ उठाना होता है। घर चलने से लेकर घर वापिस पहुंचने तक उसको कई बार खोलना बंद करना पड़ता है। कामकाजी महिलाओं के लिए पर्स मनी बैग, मेकअप बैग, चाबियां रखने का बैग, आवश्यक कागज, रसीदें व लंच रखने वाला बैग है।
महिलाओं का पर्स भानुमति के पिटारे से कम नहीं होता। महिला का पर्स एक मिनी घर और मिनी ऑफिस लिए होता है, इसलिए इतनी महत्ता लिए हुए पर्स की देखभाल रखना आवश्यक है।
अधिक समय तक लाभ उठाने के लिए उसे साफ सुथरा और हल्का रखें। खाली क्षणों में पर्स खोलकर उसका सारा सामान निकालें और अनावश्यक चीजों को पर्स से अलग कर दें।
- पुरानी दवाइयों की पर्चियां, रसीदें और दवा के पुराने पत्ते फेंक दें।
- विजिटिंग कार्डों से डायरी में नाम पता नोट कर के फाड़ कर फेंक दें।
- बालों पर लगाने वाली सुइयां और जूड़े के पुराने पिन जो खराब हों, उन्हें डस्टबिन में फेंके।
- बिंदियों के फालतू पत्ते जिन में एक, दो बिंदियां शेष हैं, उन्हें जरूरत न होने पर फेंक दें।
- लिपस्टिक, आई ब्रो पैन्सिल, शीशा, छोटा कंघा व सेफ्टी पिन एक पॉकेट में रखें। समय समय पर लिपस्टिक बदलते रहें।
- कीमती आभूषण पर्स में न रखें। उन्हें उतार कर अलमारी में रखें। नकली आभूषण, चांदी, मोती के आभूषण पर्स में न रखें। उनकी चमक कम हो जायेगी और मुड़कर टूट सकते हैं।
- अधिक रेजगारी से पर्स भारी हो जाता है, अत: आठ दस रूपये से अधिक रेजगारी न रखें।
- बच्चों के लिए खरीदी गई टॉफी, बिस्कुट व चॉकलेट घर आते ही निकालकर उचित स्थान पर रखें नहीं तो चींटियां आपका पर्स खराब कर देंगी। जिप, बेल्ट खराब होते ही जल्दी ठीक करवा लें नहीं तो नुकसान भी उठा सकती हैं आप।
- पर्स में पानी की बोतल, छाता, सब्जी, चिपकने वाली कोई वस्तु न रखें जिससे पर्स का आकार बिगड़े।
- पर्स को बच्चों की पहुंच से दूर रखें।
- प्रतिदिन दस मिनट या सप्ताह में 30-40 मिनट अपने पर्स को अवश्य दें। बीच बीच में पर्स बदलते रहें। पर्स को जितना हो सके, हल्का रखें। ठंस कर भरा पर्स आपका अधिक समय तक साथ नहीं दे सकेगा।
- चश्मा, पैन व डायरी एक ही जेब में रखें।
- पर्स में अधिक राशि न रखें। कोशिश करें, कुछ नोट अलग जेब में रखें जो आवश्यकता पडऩे पर आपके काम आ सकें।
- सुनीता गाबा

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