रूसी दूर करे संतुलित भोजन

रूसी दूर करे संतुलित भोजन

धान, गेहूं एवं ईसबगोल की ऊपरी परत से निकलने वाले मटमैले तत्व को भूसी कहते है जबकि सिर से निकलने वाले सफेद तत्व को रूसी कहते हैं। अनाज की भूसी काम की होती है जबकि सिर से निकलने वाली रूसी बेकाम की व परेशान कर देने वाली होती है। इस रूसी को डैंड्रफ भी कहा जाता है। हर 10 भारतीयों में से 5-6 के सिर से इस तरह की सफेद-सफेद रूसी निकलती है।
रूसी होने का कारण:- सिर की त्वचा पर तैलीय ग्रंथियों से स्राव होता है जिसकी अधिकता से वहां फफूंद का संसर्ग होने पर पाउडर जैसी परत बनने लगती है जो पहले बालों पर झांकती दिखाई देने लगती है। इसी पाउडर के समान सफेद रंग की परत को रूसी, डैंड्रफ कहा जाता है। यह शीत चक्र , मानसिक तनाव, सौंदर्य प्रसाधन, बालों को ठीक से साफ नहीं करने, असंतुलित आहार, विटामिन्स एवं मिनरल्स की कमी के कारण होती है। यह बच्चे बड़े सबको हो सकती है।

रूसी से परेशानी:- सिर पर रह-रहकर बार-बार खुजली होती है। बालों पर पाउडर जैसी पपडिय़ां झडऩे लगती हैं। यह खुजलाने या कंघी करते समय बालों पर चिपक जाती है। यह सिर की त्वचा से निकलती है। बालों पर चिपके रहने या झडऩे के कारण अच्छा नहीं दिखता।
इससे बाल कमजोर होकर टूटने व झडऩे लगते हैं जिससे गंजापन भी आ सकता है। यह आनुवंशिक भी होता है। बच्चों को सिर की त्वचा पर फंगल इंफेक्शन, फफूंद संक्र मण के कारण होता है। किसी किसी को हार्मोंस में बदलाव के कारण भी होता है। वैसे बच्चों व वयस्कों में यह समस्या कम होती है। यह छूत की बीमारी नहीं है।
रूसी का निदान:- सिर के बालों की नियमित सफाई करें। तेज साबुन या रासायनिक शैंपू व सुगंधित तेल का उपयोग न करें। आहार संतुलित एवं पोषक तत्वों से परिपूर्ण हों। तनाव या आवेग से बचें। रात को सिर की त्वचा की मालिश करें।
- सीतेश कुमार द्विवेदी

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