समस्या महीने के उन दिनों में

समस्या महीने के उन दिनों में

उम्र के बढऩे के साथ-साथ स्त्रियों में कुछ ऐसे प्राकृतिक परिवर्तन होने लगते हैं जिसके कारण वे बहुत ही परेशान रहती हैं। उन्हीं में से एक है माहवारी। वास्तव में सही जानकारी न होने के कारण शरीर में होने वाली इस प्राकृतिक बदलाव को भी बीमारी समझ लिया जाता है। अगर सही जानकारी हो तो किसी भी रूकावट को खत्म कर महिलाएं अपने लिए मुश्किलें आसान कर सकती हैं। माहवारी पूरी तरह एक प्राकृतिक बदलाव है। बस थोड़ी सी जानकारी से उन पांच छ: दिनों को आप महीने के बाकी दिनों की तरह आसान बना सकती हैं। वैसे सेहत और खूबसूरती को बनाये रखने के लिए महिलाओं को उन दिनों के बारे में पूर्ण जानकारी होनी बहुत ज़रूरी है।
उन दिनों रक्तस्राव होने के कारण महिलाएं यह सोच-सोच कर परेशान रहती हैं कि वे कमजोर हो रही हैं परन्तु ऐसा कुछ नहीं होता है। उन दिनों न तो शरीर में खून की कमी होती है और न ही शरीर कमज़ोर होता है परन्तु जिन महिलाओं को ज्यादा रक्तस्राव होता है, उन्हें इन दिनों में खान-पान का उचित ध्यान रखना होता है नहीं तो वे कभी कभी अनीमिक भी हो जाती हैं।
इन दिनों में चेहरे पर मुंहासे निकल आते हैं जिसके कारण भी महिलाएं परेशान रहती हैं और अनेक प्रकार की क्रीमों का प्रयोग करती हैं। वास्तव में इन दिनों में त्वचा से तेल निकलता है और इसलिए चेहरे पर कभी-कभी फुंसियां निकल आती हैं। स्त्रियों के लिए हल्का-फुल्का व्यायाम करना इन दिनों में बहुत ज़रूरी होता है। व्यायाम करने से माँसपेशियों में जो दर्द रहता है, वह कम हो जाता है।
माहवारी पूरी तरह से एक प्राकृतिक बदलाव है और इस दौरान भी महिलाएं दूसरे दिनों की तरह सामान्य जीवन जी सकती हैं। महीने के अन्य दिनों की तरह ही वे घूमने फिरने जा सकती हैं।
महिलाओं को इन दिनों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए क्योंकि इन दिनों में अनेक प्रकार के संक्रमण होने का खतरा रहता है परन्तु यदि महिलाओं को इस सम्बन्ध में पूर्ण जानकारी है तो किसी प्रकार से परेशान होने की ज़रूरत नहीं पड़ती है और महिलाएं सारा जीवन सुखमय व्यतीत करती हैं।
- आशीष सिंह सचान

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