लिव-इन रिलेशन को रखें सुरक्षित

लिव-इन रिलेशन को रखें सुरक्षित

आप किसी मजबूरीवश या प्यार के रहते किसी के साथ लिव-इन रिलेशन में हैं तो उसे छिपाएं नहीं बल्कि ओपन रखें। इस आधुनिक युग में लिव-इन में रहना बुराई नहीं है। अब यह कामन होता जा रहा है। कामन होने के बावजूद भी यह रिश्ता आसानी से समाज में माना नहीं जाता क्योंकि समाज इस रिश्ते को क्या नाम देकर स्वीकार करे, अभी तक यह लोगों की समझ से बाहर है।
इसके बावजूद बहुत से लोग 'लिव-इन' मेें रहते हैं पर इस रिश्ते में सेफ्टी नहीं है। पिछले दिनों दो चार ऐसे बड़े मर्डर हुए जो इन रिश्तों की मजबूरी बयां करते हैं। ऐसे में समाज का फिक्रमंद होना स्वाभाविक है। इन रिश्तों में रहकर मार-पिटाई, पुरूषों का गैर जिम्मेदाराना स्वभाव आदि कई समस्याएं सामने आती हैं।
अगर इन सब के बावजूद भी आप 'लिव-इन' में रह रही हैं तो अपनी सेफ्टी का पूरा ध्यान रखें। अपने पाटर्नर को अपने वजूद का अहसास कराएं। आर्थिक रूप से उस पर निर्भर न रहें। अपनी सोच स्ट्रांग बना कर रखें। अपना रोल टिपिकल विवाहित स्त्री वाला न बना कर रखें। शेष दुनियां से अपने आप को अलग न रखें।
अगर आप 'लिव-इनÓ में हैं तो इसे छिपाएं नहीं। अपने बोल्ड स्टेप के बारे में अपने क्लीग्स, फ्रैंडस और परिवार के लोगों को बताएं। इस स्टेप से आपके पार्टनर को अहसास रहेगा कि आपके रिश्ते के बारे में काफी लोगों को पता है। इससे आपके रिश्ते सुदृढ़ रहेंगे। अगर आप परिवार के सदस्यों को सीधे रूप से नहीं बता सकती तो किसी अपनी क्लोज़ दोस्त का सहारा लें जो आपके परिवार को सूचित कर सके और कुछ गड़बड़ होने पर आपकी दोस्त और आपका परिवार आपकी मदद कर सके।
लिव इन में होने का अर्थ है कि आप साधारण लड़कियों से भिन्न हैं। आपकी सोच बोल्ड है। ऐसे में बहुत अधिक कंप्रोमाइज करने की आवश्यकता नहीं है। आप कितनी बोल्ड हैं, उसका अहसास उसे हमेशा होना चाहिए। अगर आपको लगता है कि आपका पार्टनर कहीं गलत है तो उसे उसी समय टोक दें नहीं तो उसे अपनी गलतियों का अहसास नहीं होगा। अगर मन में होगा भी तो वो उसे मानेगा नहीं और उसे हल्के में लेने लगेगा जो ठीक नहीं।
अपने पार्टनर के आफिस के बारे में आपको पता होना चाहिए और उसके मित्रों के बारे में भी। वो किन कलीग्स या दोस्त के साथ समय बिताता है, इस पर नजर रखें। आंख मूंद कर भरोसा न करें।
अगर वो गलत हुआ तो आपको भुगतना पड़ेगा।
अगर आपको उसके स्वभाव में कहीं भी गड़बड़ लगे तो समय रहते अलग हो जाएं। आपकी उसके साथ कोई कमिटमेंट नहीं है, न ही उसके साथ किसी रिश्ते के रूप में बंधी हैं। आप अपने तरीके से जीना चाहती हैं और फैसले लेना जानती हैं। अपने पार्टनर के साथ शारीरिक संबंध बनाने से बचें क्योंकि एक बार भावनाओं के दबाव में ऐसा करेंगी तो वो आपको इमोशनली ब्लैकमेल करता रहेगा। अपनी सेक्सुअल इमोशंस को काबू में रखें। और अलर्ट रहें।
पैसा हर संबंध में अहम भूमिका निभाता है और कड़वाहट भी घोलता है। अपने और परिवार की आर्थिक स्थिति को उसके आगे डिस्कस न करें। लिव-इन रिश्तों में न तो ज्वाइंट एकाउंट खोलें, न कुछ मिल कर इंवेस्ट करें, न ही खरीदारी करें। घर के खर्चे पहले ही तय कर लें कि उन्हें कैसे शेयर करना है।
अगर रिलेशंस सुधरने के स्थान पर खराब हो रहे हों तो हालात के सुधरने का इंतजार न करें। अलग हो जाएं। यह सब झेलने की आवश्यकता नहीं है आपको। अगर आपको पार्टनर शादी लायक लगता है और वो भी राजी है तो सब मुद्दों पर पहले विचार कर फिर फैसला लें। एकदम फैसला न लें।
कभी कभी रिश्तों में गलतफहमियां घर कर जाती हैं। ऐसे में कॉमन फ्रैंड का सहारा लें और खुलकर अपना पक्ष सामने रखें और उसकी भी सुनें। तब भी बात स्पष्ट न हो तो किसी सलाहकार से सलाह लें और अपनी उलझन दूर करें। जब तक उलझन पूरी तरह से दूर न हो, उसकी बातों पर विश्वास न करें।
हर मुद्दे पर शांत स्वभाव से सोच समझ कर चलें। अपनी कमियां या सीक्रेट्स उससे डिस्कस न करें। इन बातों का लाभ उठाकर आपको दबा सकता है। मार-पिटाई, गाली-गलौज की स्थिति न आने दें। अगर वो हाथ उठाता है या गाली देता है तो उसे सख्ती से स्पष्ट कह दें कि आपको यह सब पसंद नहीं है। फिर भी वो इन आदतों को जारी रखें तो अलग हो जाएं।
इन बातों को ध्यान में रख कर आप अपने 'लिव-इन रिलेशन' को सुरक्षित रख सकती हैं।
- नीतू गुप्ता

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