गर्भावस्था में भरपूर नींद लें

गर्भावस्था में भरपूर नींद लें

गर्भावस्था का समय नारी के लिए नित नवीन बदलाव वाला होता है। गर्भ का विकास उसकी दिनचर्या को गड़बड़ा देता है। वह दिन रात परेशान एवं दुविधापूर्ण स्थिति से अनेकों बार गुजरती है। खानपान से लेकर पाचन तक गड़बड़ा जाता है। उसे न दिन में चैन न रात में नींद नसीब होती हैं। ऐसे अवसर में डाक्टर नर्स से लेकर परिवार की बड़ी बूढ़ी महिलाएं एवं दाईयां मददगार सिद्ध होती हैं। उनका अपना अनुभव गर्भवती के लिए मार्ग दर्शक होता है।
गर्भकाल में भरपूर नींद से महिला एवं गर्भ के शिशु दोनों को लाभ मिलता है। यदि पेट के बढ़ते आकार से परेशानी हो तो दोनों पैर के बीच नर्म तकिया रखकर सोएं। एक पैर को मोड़ कर सोएं। तनाव भटकाव से बचें, शंका समाधान कर उहापोह से बचें। शांतचित्त व स्थिर रहें। हल्का फुल्का काम एवं व्यायाम करें। एक समान सांस लें। रात को चैन की नींद सोने का हर संभव प्रयास करें। इससे जच्चा बच्चा दोनों को लाभ मिलेगा।
कीटनाशकों से घट रही है दिमागी क्षमता
खाद्यान्न, खाद्य पदार्थों के उत्पादन, भंडार एवं प्रोसेस करने में कीटनाशकों का उपयोग बढ़ गया है। कोल्ड ड्रिंक्स व पैक्ड वाटर में भी इनका उपयोग बढ़ा है। यही सब मानव शरीर में जाकर विकार पैदा कर रहे हैं। ये दिमागी क्षमता को प्रभावित कर रहे हैं। ये मानव भू्रण, गर्भस्थ शिशु, नवजात एवं बड़े, सभी की मस्तिष्क क्षमता को कमजोर कर रहे हैं, ऐसा न्यूयार्क में हुए एक हालिया शोध में पाया गया है।
- सीतेश कुमार द्विवेदी

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