क्या आप बढ़ती उम्र से परेशान हैं?

क्या आप बढ़ती उम्र से परेशान हैं?

उम्र बढऩे के साथ महिलाओं में यह तनाव भी बढ़ता जाता है कि अब उनकी ओर कोई देखता ही नहीं। शायद वे बूढ़ी हो गई हैं। तीस-पैंतीस की उम्र आते ही महिलाएं अपने बारे में काफी सतर्क हो जाती हैं। अगर आप भी उम्र के इस दौर से ही गुजऱ रही हैं तो नीचे दिए गए कुछ टिप्स को अपनाकर आप भी काफी हद तक जवान दिख सकती हैं:-
- प्रसन्नता व्यक्ति के लिए वरदान स्वरूप है। शायद आप यक़ीन नहीं मानेंगे कि जो लोग प्रसन्न रहते हैं, उनके चेहरे पर झुर्रियां पडऩी देर से शुरू होती हैं और जो लोग सदा दुख और चिंताओं से घिरे रहते हैं उन पर बुढ़ापा भी जल्दी दिखने लगता है। इसलिए सबसे पहले जीवन का एक नियम बना लीजिए कि आप सदा प्रसन्न रहेंगे। माना कि इस जीवन के भी दो पहलू हैं लेकिन अगर आप कोशिश करें तो आप दुख से जल्द ही उबर जाएंगे क्योंकि 'चिंता चिता समान होती है'। अपनी सोच को हमेशा पाजि़टिव रखें। निगेटिव सोच को अपने पास फटकने न दें, न ही कभी यह सोचें कि आप सामने वाले से कम हैं।
- समय के महत्त्व को समझते हुए अपना वक़्त यूंही न बिताएं। खाली रहने से मन में कई तरह के बुरे विचार आते हैं जो आपके स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। खाली रहने से शरीर पर मोटापा भी चढ़ता है जिससे अकारण ही आप की उम्र ज़्यादा दिखने लगती है। अगर आप वर्किंग नहीं हैं तो भी कोई ऐसा हुनर जैसे ब्यूटीशियन, सिलाई आदि सीखकर आप घर पर रहकर भी अपने समय का सदुपयोग कर सकती हैं जिससे शरीर फुर्तीला बना रहे।
- सभी को चाहत होती है अच्छी और चिकनी त्वचा की। त्वचा की देखभाल में कोई कोताही नहीं करनी चाहिए।
- ज्यादा से ज्यादा पानी पीजिए। गर्मी में क्योंकि पसीना अधिक आता है इसलिए दिन में 8-10 गिलास पानी पिएं। धूप में जाने से पहले रात को सोने से पहले एंटी रिंकल क्रीम लगाएं। सनस्क्रीन लोशन का प्रयोग करें। बढ़ती उम्र का प्रभाव सबसे पहले आंखों पर पड़ता है। रात को सोते समय चेहरे के साथ आंखों का मेकअप भी हटाना चाहिए।
अगर काम करके आंखें थकान से बोझिल हों तो उन पर ठंडे पानी के छींटे मारें मगर आंखों में दर्द हो तो लेट कर आंखें बंद कर लें और उन पर ठंडे आलू (फ्रिज से निकले) रखें। बहुत अधिक सोचने से बचें क्योंकि सोचने से आंखों के आस-पास काले घेरे पड़ जाते हैं। त्वचा पर पाजि़टिव असर लाने के लिए आपको अपनी सोच भी पाजि़टिव करनी होगी।
- उम्र के साथ खान-पान में परिवर्तन लाना बहुत जरूरी है। कई बार महिलाएं उम्रदराज़ होने के बाद भी तला-भुना खाना नहीं छोड़ती। उम्र के साथ अपने खाने-पीने में बदलाव लाएं और खाने में पौष्टिक आहार जैसे सलाद आदि को लें। मीठी वस्तुएं जैसे मिठाइयां या आइसक्रीम न खाएं। घर के खानों में भी तेल कम से कम डालें। ऐसा न हो कि उन्हें स्वादिष्ट बनाने के चक्कर में आप अपने स्वास्थ्य के साथ नाइंसाफी कर बैठें।
- कहते हैं कि अच्छा व्यक्तित्व सभी को प्रभावित करता है। कई बार उम्र के बढऩे के साथ महिलाओं में कपड़ों के प्रति आकर्षण कम हो जाता है। हमेशा इस सोच के साथ जीना चाहिए कि आपका दिल अभी भी जवान है। यह ज़रूरी नहीं कि आप लाल या हरे रंग के कपड़े ही पहनें। लाइट कलर्स की अपनी ही आभा होती है।
इन सब बातों के ऊपर भी एक बात है और वह है 'दृढ़ संकल्प'। अगर आपने यह सोच लिया है कि आप बढ़ते वक़्त के साथ अपने कदम मिला कर चलेंगी तो आपको कोई बूढ़ा कह ही नहीं सकता।
- तरन्नुम अतहर

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