कम उम्र में मां बनना खतरे से खाली नहीं

कम उम्र में मां बनना खतरे से खाली नहीं

कम उम्र में गर्भवती हो कर प्रसूता होने वाली लड़कियां जान तक गंवा बैठती हैं। यदि सब ठीक भी रहे तो भी ऐसी माताओं की हड्डियां तो अवश्य कमजोर हो जाती हैं। यह चाहे आशंका ही सही मगर बनी रहती है। शोधकर्ता वैज्ञानिकों ने निष्कर्ष पर पहुंचाने के लिए 13 से 18 साल की उम्र की 23 गर्भवती लड़कियों को लिया। सभी 23 का अध्ययन किया गया। बच्चे को जन्म देने के बाद एक तिहाई माताओं में हड्डियां कमजोर होने की शिकायत ने उन्हें चौंका दिया था। शोधकर्ता कहते हैं कि कम आयु में लड़कियों की हड्डियों का विकास होता है। ऐसे में यदि वे गर्भवती हों तो उन्हें और अधिक कैल्शियम की आवश्यकता पड़ेगी। इन वैज्ञानिकों ने अपने निष्कर्ष में यह भी कहा कि लड़कियों को प्रतिदिन कम से कम 1300 मिलीग्राम कैल्शियम की आवश्यकता होती है। इससे गर्भवती मां तथा पेट में पल रहे बच्चे की जरूरत पूरी हो जाती है। शोधकर्ता कहते हैं कि गर्भावस्था के दौरान शरीर में कैल्शियम की खपत बढ़ जाती है। गर्भ में पल रहे बच्चे की हड्डी निर्माण के लिए भी तो कैल्शियम चाहिए।
- सुदर्शन भाटिया

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