सेक्स की गलतफहमियां कहीं वैवाहिक संबंधों में दरार तो पैदा नहीं कर रही हैं

सेक्स की गलतफहमियां कहीं वैवाहिक संबंधों में दरार तो पैदा नहीं कर रही हैं

हालांकि सेक्स के बारे में सबसे ज्यादा लिखा और कहा जाता है, इसके बावजूद इस विषय पर अभी भी कई मिथ्याएं हैं। गलतफहमियों के चलते पति पत्नी में दूरियां बढऩे लगती हैं और दांपत्य जीवन में कड़वाहट आने लगती है।
आपके साथ ऐसा न हो और सेक्स को लेकर आपके मन में जो गलतफहमियां हैं वो दूर हो जाएं, इसी उद्देश्य से हम यहां कुछ सामान्य सेक्स मिथ्याओं और उनसे जुड़ी हकीकत के बारे में बता रहे हैं। यकीन मानिए ये सारी बातें जानने के बाद आपका सेक्स जीवन और भी आनंददायक बन जाएगा और आप दोनों के बीच प्यार और भी बढ़ जाएगा।
पुरूषों की तुलना में औरतों को सेक्स में कम रूचि होती है?
यह केवल मिथक है जबकि पुरूषों की तुलना में स्त्रियों के पास चार गुना ज्यादा काम शक्ति होती है और अगर औरतों का स्वास्थ्य अच्छा हो और उन्हें उपयुक्त वातावरण व आजादी मिले तो कामक्रिया में वे पुरूषों की बराबरी कर सकती हैं।
दरअसल हमारे समाज में लड़कियों को बचपन से ही सिखाया जाता है कि शर्म लड़की का गहना होता है। पिया की बात फौरन मत मान जाना, थोड़ा ना नूकुर करना, लजाना, शर्माना वरना बेशरम कहलाएगी जबकि लड़कों के मन में हमेशा यह बात भरी जाती है कि स्त्रियों पर हमेशा हावी रहना, इसीलिए लड़कियां खुलकर अपनी इच्छा के बारे में बता नहीं पाती। हालांकि आज जमाना बहुत बदल गया है लेकिन फिर भी पारंपरिक सोच से बंधी ज्यादातर औरतें शर्मवश सेक्स के बारे में खुल कर बात नहीं कर पाती जिसे उनकी अरूचि समझ लिया जाता है।
एक ही पार्टनर के साथ सालों तक सेक्स करने से सेक्स का आनंद धीरे-धीरे खत्म हो जाता है?
सेक्स विशेषज्ञों के अनुसार यह अनुभूति होना कि यह मेरा जीवन भर का साथी है, सेक्स संतुष्टि को बढ़ा देता है। किसी अनजान या नए के साथ सेक्स तो बहुत ही बोर लगता है और उसके साथ व्यक्ति खुलकर सेक्स क्रियाएं भी नहीं कर सकता और फिर बहुत कम समय में इंसान एक दूसरे से कोई रिश्ता कैसे कायम कर सकता है? जिस रिश्ते में जीवन भर के साथ का वादा हो, पूरी उम्र प्यार मिलने का यकीन हो, उसी रिश्ते से प्यार करने में संतुष्टि मिलती है। हां, ऐसे में पति पत्नी दोनों को सेक्स में प्यार में नवीनता लाने को कोशिश करनी चाहिए ताकि हर दिन नया अनुभव हो।
सेक्स में ज्यादा एग्रेसिव या खुलकर सेक्स में पहल करने वाली औरतें पुरूषों को नपुंसक बना देती हैं?
पुरूषों में नपुंसकता की वजह औरतें हो ही नहीं सकती। हां, पुरूषों में असुरक्षा की भावना का संबंध उनकी नपुंसकता से हो सकता है। वैसे ज्यादातर पुरूष ऐसी पार्टनर चाहते हैं जो उनके साथ सेक्स की हर क्रिया में न सिर्फ सहयोग दे बल्कि उन्हें और ज्यादा उत्तेजित करे। जो औरतें अपने पति को सेक्स में सहयोग नहीं देती और सेक्स में रूचि लेने की बजाय निष्क्रिय बनी रहती हैं उनके पति मानसिक नपुंसकता का शिकार हो जाते हैं।
सेक्स तभी कामयाब कहलाता है जब दो लोगों के बीच भावुक कामुक और शारीरिक जुड़ाव होता है और जब वे पूरी तरह एक दूसरे के प्रति समर्पित हों?
यह सब तो सिर्फ किस्से कहानियों में मुमकिन है। हकीकत में सेक्स कभी एकदम जंगली हो सकता है तो कभी एकदम हल्का फुल्का। यह अच्छा भी हो सकता है और बुरा भी। कभी आपको चरम सुख मिल सकता है तो कभी आपको स्पर्श के सुख से ही संतोष करना पड़ सकता है।
सेक्स विशेषज्ञों का कहना है कि बेशक सेक्स भावनात्मक जुड़ाव भी है लेकिन इसमें सिर्फ और सिर्फ भावनात्मक जुड़ाव नहीं हो सकता अगर आप ऐसी उम्मीद करेंगे तो आपके हाथ निराशा ही लगेगी।
- एम. कृष्णा राव 'राज'

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