ऐसे करें त्वचा की देखभाल

ऐसे करें त्वचा की देखभाल

त्वचा हमारे शरीर का अति आवश्यक महत्त्वपूर्ण अंग है। हमारे शरीर पर त्वचा एक परत के रूप में उपस्थित होती है जो हमारे शरीर के भीतरी अंगों को सुरक्षा प्रदान करने का कार्य करती है। साथ ही पसीने के रूप में हानिकारक पदार्थों को भी शरीर से बाहर निकालती है। विटामिन डी के निर्माण में भी त्वचा का एक महत्त्वपूर्ण योगदान है।
वास्तव में त्वचा ही मनुष्य के स्वास्थ्य का आइना है। किसी भी व्यक्ति की त्वचा को देखकर ही हम बता सकते हैं कि अमुक व्यक्ति रोगी है अथवा निरोगी। उदाहरण के तौर पर यदि किसी व्यक्ति की त्वचा का रंग पीलापन लिये हुए है तो वह पीलिया का रोगी हो सकता है। त्वचा पर सफेद रंग के धब्बे ल्यूकोडर्मा या सफेद दाग की पहचान हैं।
इसी प्रकार त्वचा पर लाल रंग के धब्बे कुष्ठरोग की पहचान हो सकते हैं। त्वचा का सफेद पड़ा हुआ रंग अनीमिया को दर्शाता है। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि त्वचा हमारे शरीर का अति महत्त्वपूर्ण अंग है इसलिये इसकी सुरक्षा तथा देखभाल के प्रति हमें किसी प्रकार की लापरवाही न बरतते हुए पूर्ण रूप से सजग रहना चाहिये।
लोगों में आम धारणा है कि सिर्फ गोरी रंगत वाले लोग ही खूबसूरत एवं आकर्षक होते हैं परन्तु देखने में आता है कि कई बार गौर वर्ण के लोगों की त्वचा भी उचित देखभाल के अभाव में रूखी-सूखी, बेजान व मुरझाई हुई सी लगती है जबकि सांवली रंगत वाले लोग भी अपनी जवां, खिली-खिली, निखरी हुई स्वस्थ त्वचा के मालिक बनकर सबके आकर्षण का केन्द्र बन सकते है।। जरूरत है तो सिर्फ सही रख रखाव व उचित देखभाल की। तो आइये जानें कुछ उन बातों को जिन्हें अपना कर आप भी बन सकती हैं आकर्षक एवं खूबसूरत त्वचा के मालिक।
- त्वचा की सुरक्षा के लिये सर्वप्रथम हमें उसकी स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिये। प्रतिदिन स्नान अवश्य करें। नहाने के बाद शरीर को तौलिये से रगड़-रगड़ कर न पोंछें। हमेशा नरम टांवेल से शरीर को थपथपा कर ही सुखायें।
- नहाने के लिये हमेशा सौम्य साबुन का ही प्रयोग करें। अधिक कास्टिक वाले साबुन त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
- बगलों व जांघों के जोड़ों तथा पैरों की उंगलियों के बीच से हमेशा पानी को अच्छी तरह सुखाने के बाद ही कपड़े पहनें। नमी बनी रहने से फंगल इन्फेक्शन अधिकांशत: पाया जाता है।
- भोजन में फल, हरी सब्जियां, अंकुरित अनाज, सलाद एवं दालों का प्रयोग बहुतायत से करें। दूध, दही, नींबू पानी, मटठा, नारियल पानी को भी अपने आहार का हिस्सा बनायें।
- मिर्च मसाले दाल व तली भुनी चीजों का प्रयोग कम से कम करें।
- दिनभर में 8-10 गिलास पानी अवश्य पिएं। यह त्वचा के लिये आवश्यक नमी को बनाये रखने में सहायक होता है।
- धूप में निकलते समय हमेशा सनस्क्रीन का प्रयोग करें। सनस्क्रीन बेहतरीन होता है।
- सौंदर्य प्रसाधनों का प्रयोग अधिक न करें। इनमें उपस्थित हानिकारक कैमिकल्स त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। सोने से पहले मेकअप पूरी तरह साफ कर लें। संभव हो तो रात में स्नान कर के सोयें। ऐसा करने में नींद अच्छी आती है जो त्वचा पर अनुकूल असर डालती है।
- मुंहासे आदि होने पर उन्हें कभी भी खुरचें नहीं। अपने आप या सहेलियों, मित्रों आदि से पूछकर स्वयं ही इसका उपचार शुरू न कर दें। इसके लिये किसी कुशल त्वचा रोग विशेषज्ञ को दिखायें उसके परामर्शानुसार ही इलाज शुरू करें। याद रखें सभी लोगों की त्वचा की प्रकृति अलग-अलग होती है तथा विशेषज्ञ ही आपको आपकी त्वचा के अनुरूप सही सलाह व उपचार दे सकते हैं।
- बाजार में मिलने वाले सौंदर्य प्रसाधनों की बजाय घर पर ही तैयार जैसे मुल्तानी मिट्टी, बेसन व हल्दी का उबटन, चोकर, उड़द की दाल तथा फलों से बने हुए उबटन व पैक ही प्रयोग करें। इनसे त्वचा को किसी भी प्रकार के नुकसान की कोई संभावना नहीं होती।
- किसी के भी द्वारा सुनी सुनाई या बताई गई मेडिकेटेड क्रीम का प्रयोग डॉक्टर की सलाह के बिना कभी न करें।
- आर्टीफिशियल ज्वैलरी का प्रयोग न करें। निकिल आदि की ज्वैलरी से त्वचा पर रिएक्शन हो सकता है।
- भरपूर नींद लें। 7-8 घण्टे की नींद त्वचा पर अनुकूल प्रभाव डालती है।
-ज्योति गुप्ता

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