प्रेम बहुत सोच विचार कर करें

प्रेम बहुत सोच विचार कर करें

हमारे युवा वर्ग पर एक नयी बीमारी प्रेम का भूत सवार है। प्रेम करना कोई गुनाह नहीं है मगर फिल्मी टाइप का प्रेम या कच्ची उम्र का प्रेम व्यक्ति को कहीं का नहीं रखता। प्रेम, आकर्षण, सेक्स तथा विवाह अलग-अलग वस्तुएं हैं। हमारा युवा वर्ग प्राय: आकर्षण को ही प्रेम समझ बैठता है जबकि सत्य यह है कि दो विपरीत सेक्स के व्यक्तियों में एक दूसरे के प्रति आकर्षण होना अति साधारण तथा स्वाभाविक बात है।
प्रेम में भावुकता तथा अत्यधिक कल्पनाशीलता होने पर व्यक्ति मानसिक रोगों का शिकार हो जाता है। किसी व्यक्ति को मात्र एक ही मुलाकात में अपना दिल दे बैठना तथा उसके लिए सभी कुछ समर्पित कर देना भारी मूर्खता तथा दीवानापन से अधिक कुछ नहीं है। किसी अजनबी पर विश्वास कर आप भारी धोखे का शिकार हो सकते हैं। प्रेम के क्षेत्र में आपको बहुत सोच-विचार कर ही पग रखना चाहिए।
आप युवा हैं? या युवती, जिसे अपना दिल देने जा रहे हैं, पहले उसकी हकीकत जान लीजिए। कहीं ऐसा न हो कि आपका एक गलत कदम आपको जीवन भर रोने के लिए मजबूर कर दे। दो युवा हृदयों के टकराव से आकर्षण होना उतना ही स्वाभाविक है जितना कि आकाश में दो बादलों के टकराने से बिजली उत्पन्न होना। आप जिसे दिल-जान से चाहने जा रहे हैं हो सकता है वह कोई फरेबी, धोखेबाज तथा जालसाज निकले? वह प्रेम का चेहरा लगाए कोई शैतान भी हो सकता है, अत: पहले उसकी सच्चाई से भली प्रकार अवगत हो जाएं, तभी दिल का सौदा करें।
कच्ची उम्र का प्रेम खतरनाक:- कच्ची उम्र का प्रेम बहुत ही खतरनाक सिद्ध हो सकता है। कच्ची उम्र की लड़कियों को इस रोग का सर्वाधिक शिकार पाया जाता है। वे टयूशन पढ़ाने वाले लड़कों आदि की ओर आसानी से आकर्षित हो सकती हैं। कभी-कभी तो वे भागने जैसी भूल कर बैठती हैं। कच्ची उम्र के लड़के लड़कियों पर अभिभावकों को विशेष ध्यान रखना चाहिए।
प्रेम के चक्कर में शिक्षा तथा व्यक्तित्व के विकास में बाधा नहीं पडऩी चाहिए। प्राय: ऐसा देखने में आता है कि प्रेम के चक्कर में व्यक्ति न तो अपनी शिक्षा ही पूर्ण कर पाता है, उसके व्यक्तित्व का भी सही तथा पूर्ण रूप से विकास नहीं हो पाता। प्रेम करने से पूर्व अपनी शिक्षा तथा व्यक्तित्व का पूर्ण विकास हमें अवश्य ही कर लेना चाहिए। अपने कैरियर के निर्माण में किसी भी बाधा को कोई स्थान नहीं देना चाहिए।
प्रेम और आकर्षण दो भिन्न वस्तुएं हैं। दो युवाओं के मिलने पर आकर्षण होना तो स्वाभाविक ही है मगर इस आकर्षण पर मर मिटना आत्मघाती सिद्ध हो सकता है। अधिकांश लड़कियां विकास से पूर्व ही सेक्स संबंध बना लेती हैं जो उनके लिए घातक सिद्ध होते हैं? यह सेक्स संबंध अपने मित्र, सहपाठी नजदीक के रिश्तेदारों के साथ हो जाते हैं। लड़कियों को सेक्स के प्रति सदा ही सतर्क रहना चाहिए।
अधिकांश लड़कियां विशेषकर कच्ची उम्र की लड़कियां प्रेम पत्र लिखने के मामले में बहुत आगे होती हैं। यह अपने प्रेमी के साथ अश्लील फोटो भी खिंचवा लेती हैं। ये फोटो तथा प्रेम पत्र विवाह के पश्चात विशेष संकट उत्पन्न कर सकते हैं?
अत्यधिक भावुकता तथा कल्पनाशीलता के कारण ही बहुत से व्यक्ति मानसिक रोगों का शिकार हो जाते हैं। युवा छात्र-छात्राओं में मानसिक रोग का प्रमुख कारण प्रेम ही है। यदि हम से कोई हंस बोल दे, मुस्करा दे, हमारा उसे परिचय हो तो उसे प्रेम का रूप नहीं समझना चाहिए।
प्रेम के क्षेत्र में अपना तथा अपने प्रेमी के आर्थिक स्तर को अवश्य ही देख लेना चाहिए। आर्थिक स्तर समान होने पर ही प्रेम निभ सकता है। आर्थिक स्तर में बहुत अधिक अन्तर होने पर विवाह संबंध सफल होने की संभावना कम ही है।
अन्य सावधानियां:- हमें अपनी खुशियों में अपने माता-पिता को अवश्य ही शरीक करना चाहिए। किसी से विवाह करने से पूर्व माता-पिता की सहमति अवश्य लेनी चाहिए। हमें किसी भी दशा में आत्मनिर्भर होने से पूर्व विवाह नहीं करना चाहिए। आत्मनिर्भर होने से पूर्व किया विवाह हमारे तथा हमारे परिवार के दुख: का कारण बनेगा। हमें व्यवहारिक रूप से संतुलित होकर ही कोई कदम उठाना चाहिए।
- रजत कुमार

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