बढ़ाइये अपनी गर्दन की सुंदरता

बढ़ाइये अपनी गर्दन की सुंदरता

प्रकृति सौंदर्य की प्रतीक है तथा सौंदर्य की निर्मात्री भी। इस सृष्टि को कुदरत ने जी भर कर सौंदर्य प्रदान किया है। सुंदर निर्जीव प्राकृतिक पदार्थों के साथ-साथ सजीव सृष्टि को भी उसी कुदरत ने भरपूर सुंदरता दे रखी है। दरअसल कुदरत भी सौंदर्य ही चाहती है।
यदि गम्भीरता से विचार किया जाये तो यह बात बड़ी आसानी से हम सब समझ सकते हैं कि किसी चीज को सुंदर मानना तथा किसी को असुंदर समझना, यह सब दृष्टि का भेद है। यह भी संभव है कि हम किसी चीज को सुंदर मानें, कोई उसे असुंदर करार दे। इसका मतलब यही निकलता है कि पसन्द अपनी-अपनी, यानी हरेक की भिन्न-भिन्न रूचि होती है, भिन्न-भिन्न नजरिया होता है। इस रूचि और नजरिये के अनुसार ही हम सुंदरता और असुंदरता में भेद देखते हैं।
प्रकृति ने स्त्री शरीर को स्वाभाविक सौंदर्य से परिपूर्ण किया है। उस सुंदरता को बनाए रखने के लिए स्त्रियां दिन-रात प्रयत्नशील भी रहती हैं। वक्षस्थल का सौंदर्य, चेहरे का सौंदर्य, केशों का सौंदर्य, गर्दन का सौंदर्य, आंखों का सौंदर्य, नाखूनों का सौंदर्य, होंठों का सौंदर्य, कमर व पेट का सौंदर्य बढ़ाकर स्त्रियां आकर्षण का मुख्य केन्द्र बन जाती हैं।
यदि स्त्रियों की हार्दिक इच्छा को देखा जाय तो प्रत्येक स्त्री सदा अपने सौंदर्य को बढ़ाने की इच्छा रखती है। इसके लिए पाउडर, लिपस्टिक आदि का प्रयोग करती है जो सुंदरता को तो नहीं बढ़ाते परन्तु प्राकृतिक सुंदरता को भी नष्ट कर देते हैं। यह भी सत्य है कि स्त्रियां अपनी सुंदरता से सिर्फ पति को ही नहीं लुभाना चाहती बल्कि उनकी कामना होती है कि समस्त देखने वालों को अपनी ओर आकर्षित कर सकें। वस्तुत: आकर्षण के दायरे को बढ़ाने के लिए युवतियां, स्त्रियां बनाव-श्रृंगार की ओर अपना कदम बढ़ाती हैं।
स्त्रियों की सुंदरता में गर्दन का सुंदर होना भी आवश्यक होता है क्योंकि चेहरे की तरह गर्दन भी उनके व्यक्तित्व का महत्त्वपूर्ण भाग होता है। अधिकतर महिलाएं चेहरे का तो खूब बनाव-श्रंृगार कर लेती हैं, परन्तु गर्दन की उपेक्षा करती हैं। शायद वे यह नहीं जानती कि गर्दन की सुडौलता ही चेहरे को आकर्षण प्रदान करती है।
गर्दन की सुंदरता के लिए सर्वप्रथम गर्दन की रोज क्लींजिंग मिल्क से सफाई करनी चाहिए क्योंकि गर्दन पर अक्सर धूल व मिट्टी के कण जम जाते हैं। क्लींजिंग मिल्क से सफाई करने से रोम छिद्रों से जीवाणु, धूल तथा अतिरिक्त चिकनाई दूर हो जाती है। इससे त्वचा पहले से भी अधिक ताजा व आभायुक्त नजर आती है।
अधिक तेज धूप में बाहर आने-जाने से गर्दन काली हो जाती है। इसके लिए आपको हर पन्द्रह दिन बाद गर्दन की ब्लीचिंग करवानी चाहिए। वैसे ब्लीचिंग घर पर भी की जा सकती है। ब्लीचिंग पाउडर किसी भी कॉस्मेटिक्स की दुकान पर या हाइड्रोजन पैराक्साइड व अमोनिया कैमिस्ट की दुकान से खरीदा जा सकता है।
गर्दन की ब्लीचिंग का पेस्ट तैयार करने के लिए दो छोटे चम्मच ब्लीचिंग पाउडर ले लीजिए। उसमें डेढ़ चम्मच हाइड्रोजन पैराक्साइड व दो-तीन बूंदें अमोनिया की डाल दीजिए और ब्रश से इन तीनों को मिलाकर पेस्ट तैयार कर लीजिए। इस पेस्ट को गर्दन पर 15 मिनट तक लगाइये, फिर ठंडे पानी से धो लीजिए।
बढ़ती उम्र के साथ झुर्रियां सबसे पहले गर्दन पर ही पड़ती हैं जो अधिक आयु का आभास कराती हैं। इन्हें दूर करने के लिए नियमित रूप से मालिश करनी चाहिए। मालिश के लिए जैतून का तेल लेकर अंगुलियों की सहायता से गर्दन पर नीचे से ऊपर की दिशा में मालिश करना लाभप्रद होता है। मालिश हमेशा ऊपर की दिशा में तीव्र गति से ही करनी चाहिए। इससे रक्त संचार तेज होता है। नियमित रूप से मालिश करने से गर्दन सुडौल हो जाती है और झुर्रियां नहीं पड़ती।
कई महिलाओं की गर्दन पर रेखाएं पड़ी होती हैं जिन्हें दूर करने के लिए फेस क्रेयोन का इस्तेमाल किया जा सकता है। फेस क्रेयोन को उंगलियों की सहायता से गरदन पर लगाया जाता है। मेकअप के माध्यम से भी गर्दन की सुंदरता को बढ़ाया जा सकता है। मेकअप के कुशल प्रयोग से गर्दन के दोषों को भी छिपाया जा सकता है।
मोटी गर्दन:- अगर गर्दन मोटी हो तो गर्दन के सामने के हिस्से पर हल्के रंगत की फांउडेशन लगाइये व गर्दन के दोनों ओर गहरी रंगत की फाउंडेशन का इस्तेमाल करिए। फाउंडेशन लगाने की दिशा नीचे से ऊपर की ओर होनी चाहिए। इस प्रकार मोटी गर्दन पतली दिखने लगती है।
अधिक लम्बी गर्दन:- बहुत अधिक लम्बी गर्दन होने पर फाउंडेशन की रंगत गहरी होनी चाहिए और दाईं ओर से लगाते हुए बायीं ओर की तरफ लगाना चाहिए। इस प्रकार लम्बी गर्दन छोटी दिखने लगती है।
छोटी गर्दन:- अगर गर्दन छोटी हो तो चेहरे की अपेक्षा गर्दन पर हल्की रंगत (शेड) की फाउंडेशन लगाने से गर्दन लम्बी दिखाई देने लगती है। फाउंडेशन नीचे से ऊपर की ओर लगाया जाना चाहिए।
इसके साथ ही निम्नांकित उपायों को भी करना चाहिए।
- भ्रमण, व्यायाम तथा प्रसन्नता को हरदम बनाए रखिए।
- प्रात: काल स्वच्छ वायु में लम्बा श्वांस खींचकर अन्दर रोकिए एवं अन्दर के श्वांस को धीरे-धीरे नाक के छिद्रों से निकालिये।
- खटाई, खट्टे चूर्ण, बाजारी मिठाई, अचार और बासी रोटी सौंदर्य को बिगाड़ देते हैं अत: इनसे परहेज कीजिए।
- गाना, नाचना और व्यायाम करना सौंदर्य को बढ़ाते हैं अत: इनका अभ्यास कीजिए।
- कब्ज और मासिक धर्म के रोग सुंदरता को बिगाड़ देते हैं अत: इनके प्रति सचेत रहिए। इन उपायों से गर्दन की सुंदरता को बढ़ाकर सौंदर्य को निखारा जा सकता है।

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