आप भी सुंदर हैं

आप भी सुंदर हैं

सुंदर दिखना कौन नहीं चाहता पर कितने लोग वाकई सुंदर होते हैं? शायद बहुत कम। आज तन के सौंदर्य को जितना महत्त्व दिया जाता है, मन के सौंदर्य को शायद उतना ही कम। आज मेकअप, ब्यूटी पार्लर व सौंदर्य प्रसाधन सुंदर दिखने में हमारी मदद कर रहे हैं पर क्या सौंदर्य इन चीजों का मोहताज है?
सौंदर्य तो प्रकृति और फूलों की तरह सुंदर है जो अपनी महक बिखेर कर लोगों को आकर्षण में बांध लेता है। उसे किसी उपकरण की आवश्यकता नहीं। आज सौंदर्य के प्रति युवतियों का बढ़ता हुआ क्रेज उनकी वास्तविक सुंदरता को नष्ट कर रहा है। तन के साथ-साथ मन का सुंदर होना बहुत ही आवश्यक है।
ईश्वर ने सबको कुछ न कुछ अच्छा अवश्य दिया है। आवश्यकता है उस सुंदरता को महसूस करने की। क्या हुआ अगर आप तन से सुंदर नहीं। मन तो आपके वश में है। उसे तो आप सुंदर बना सकती हैं। अगर आप का मन स्वच्छ व निर्मल है, आप मिलनसार हैं, आप सबके बारे में अच्छा सोचती हैं तो आप सुंदर हैं।
लोग आपको सुंदर कहें, इससे पहले आप खुद को सुंदर लगें, यह बहुत जरूरी है। स्वयं को सुंदर महसूस करना ही असली सुंदरता है। क्या हुआ अगर आपका रंग बहुत गोरा नहीं है। शायद भगवान ने आपको बहुत सुंदर आंखें दी हों, या हो सकता है आपके बाल बहुत घने, लंबे व सुंदर हों, या आपकी फिगर बहुत अच्छी हो मगर आप में कोई कमी है तो अच्छाई भी अवश्य होगी। भूल जाइये इन सब कमियों को और सोचिए सिर्फ उस अच्छाई को। हो सकता है आपकी वो एक अच्छाई सब कमियों को पीछे धकेल कर और स्वयं आगे उभर कर आपको बहुत ही सुंदर बना दे।
ईश्वर ने जो सौंदर्य आपको दिया है, उसे महसूस कीजिए और उससे अपने व्यक्तित्व को निखारिये। उसके प्रति लापरवाह मत बनिए। मेकअप कीजिए पर ऐसा मेकअप जो आपके सौंदर्य को बढ़ाए, उसे भद्दा न बनाए। मेकअप कीजिए सुंदर विचारों का, मधुरता का, मेकअप कीजिए अपने व्यवहार से सबको खुश रखने का। इन कलाओं में आप जितनी निपुण होंगी, आप उतनी ही सुंदर दिखेंगी। स्वयं को भी, औरों को भी।
तन का सौंदर्य तो क्षणिक है पर मन का सौंदर्य तो शाश्वत है। तन के सौंदर्य के चले जाने के बाद भी मन का सौंदर्य आपकी सुंदरता की महक को बिखेरता रहेगा। यह महक न केवल जीवन भर बल्कि इस जीवन के बाद भी आपकी सुंदरता की अमिट छाप लोगों के दिलों में छोड़ जाएगी।
आप अगर ऐसा कर सकीं तो आपके सामने मिस यूनिवर्स भी फीकी पड़ेगी और आपके लिए सौंदर्य का एक नया उपमान ढूंढना पड़ेगा। तो मैं चलती हूं आपके सौंदर्य के लिए एक नया उपमान ढूंढने और आप..........।
- सोनी मल्होत्रा

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