कैसी पत्नी हैं आप?

कैसी पत्नी हैं आप?

पत्नी को भारतीय परम्परा में अद्र्धांगिनी व अंग्रेजी में 'बैटर हाफ' कहा गया है। कहते हैं कि शादी अवश्य करो। यदि पत्नी अच्छी होगी तो घर स्वर्ग बनेगा और यदि झगड़ालू हुई तो आप दार्शनिक तो बन ही जाएंगे।
जरा आप सोचिए कि क्या आप अपने घर को स्वर्ग बना रही हैं या पति को दार्शनिक बना रही हैं? यूं इसमें हमने यह ध्यान भी रखा है कि कामकाजी महिलाओं की अपनी ही समस्याएं होती हैं। वे गृहणियों की भांति पूर्ण समर्पित नहीं हो सकती।
क्या आप सौन्दर्य सज्जा व अच्छे पहनावे का ध्यान रखती हैं?
याद रखिए पुरूष मन स्वभावत: सौन्दर्य की ओर आकर्षित होता है। बहुत सी स्त्रियां समय के साथ व्यक्तिगत रख रखाव व सौन्दर्य की ओर ध्यान देना छोड़ देती हैं। वे यह सोचती हैं कि अब विवाह तो हो गया है, फिर रख रखाव की क्या आवश्यकता है।
कुछ स्त्रियां केवल बाहर घूमने के लिए जाते समय अपने व्यक्तित्व की ओर ध्यान देती हैं। घर में वे अनाकर्षक बनी रहती हैं या गाउन आदि पहने रहती हैं। क्या आप सौन्दर्य प्रसाधन दूसरों को दिखाने हेतु करती हैं या पति को दिखाने हेतु।
क्या आप पति की प्रतिष्ठा बना कर रखती हैं?
बहुत सी स्त्रियां अपने पति के विषय में सखियों, रिश्तेदारों आदि को उलटी सीधी बातें कहती रहती हैं 'ये तो घर का कोई काम नहीं करते', 'इनको तो दुनिया का कुछ नहीं पता', 'ये तो बच्चों की ओर कोई ध्यान नहीं देते।' यही नहीं, इससे भी बहुत बड़ी बातें कह दी जाती हैं। यह आदत आपके पति को दूसरों की नजर में और आपको पति की निगाह में गिराएंगी।
आप कैसी सेज संगिनी हैं?
सैक्स विवाहित जीवन का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण अंग है। अधिकतर भारतीय महिलाएं इस अंग की सर्वाधिक उपेक्षा करती हैं। प्राय: पतियों की नासमझी की वजह से या अज्ञानतावश पत्नियों के मन में सैक्स के प्रति वितृष्णा पैदा हो जाती है जिस कारण वे पति के साथ यौन संबंधों में दिल से साथ नहीं दे पाती। या तो वे यौन संबंधों हेतु पति को विभिन्न बहानों से मना कर देती हैं या अनिच्छा से पति को शरीर सौंपती हैं जिससे पति को अपेक्षित आनन्द प्राप्त नहीं होता और वह भटकने लगता है।
पत्नियों को होश तब आता है जब पति उनके हाथ से निकल जाने लगते हैं पर तब तक देर हो चुकी होती है। बेहतर हो यदि पत्नी इस ओर विशेष ध्यान दे ताकि पति को बाहर झांकने की न तो फुरसत मिले और न ही आवश्यकता हो।
क्या आप शक्की हैं?
बहुत सी पत्नियां पति को सदैव शक की निगाह से देखती हैं। संभवत: कई पति चंचल प्रकृति के भी होते हैं और अवसर मिलने पर विवाहेत्तर संबंध भी बना सकते हैं। तो भी शक न होने पर जो एक सुखी वैवाहिक जीवन होता है, शक के कारण बरबाद हो जाता है। अत: यदि आपका स्वभाव शक्की हो और पति चंचल स्वभाव के हों तो बात बात में शक कर अपना गृहस्थ जीवन खराब न करें।
क्या आप अच्छा खाना पकाती हैं?
अंग्रेजी की कहावत है, पति के दिल को जीतने का रास्ता उसके पेट में से है। यदि आप अच्छा खाना बनाएंगी तो पति को अपनी ओर आकर्षित रखेंगी। दूसरी ओर पति बाहर के खाने की ओर आकर्षित नहीं होगा और उसका स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा।
क्या आप झगड़ालू हैं?
पत्नियां किसी न किसी बात पर पति से झगड़ती ही रहती हैं। वे पति को दबाकर रखने में ही विश्वास रखती हैं। ऐसी पत्नियों के पति सुबह जो घर से निकलते हैं तो रात देर से ही घर लौटते हैं ताकि चिकचिक से दूर रह सकें।
क्या आप हंसमुख हैं?
सदैव गम्भीर रहने वाली पत्नी के पति भी बोर हो जाते हैं। हंसी व मुस्कान साधारण चेहरे को भी आकर्षक बना देती है और उन्हें भी प्रसन्न रखने में सहायक सिद्ध होगी।
क्या आप पति के रिश्तेदारों को अपना समझती हैं?
पति के रिश्तेदारों को अपने रिश्तेदारों के समान ही समझें। अधिकतर स्त्रियां अपने मायके के सम्बन्धियों को अधिक अपना समझती हैं और पति के सम्बन्धियों पर नाक भौं चढ़ाती रहती हैं। ऐसा व्यवहार पति के मन में वितृष्णा पैदा करके आपके प्रति प्यार कम करता है।
क्या आप सनकी हैं?
बहुत सी स्त्रियों को घर को साफ सुथरा रखने की सनक होती है। वे पति को सोफे पर बैठने या लेटने से भी मना कर देती हैं। कई स्त्रियों को अपने बनाव सिंगार से फुरसत नहीं मिलती। किसी भी चीज की अति अच्छी नहीं होती। ऐसा न हो कि पति आपकी इन सनकों से बोर होकर घर से दूर होने लगे।
क्या आप अपना प्यार जतलाती हैं?
पति को प्यार करना ही काफी नहीं, प्यार जतलाना भी आवश्यक है। आपके व्यवहार से पति को ऐसा लगना चाहिए कि आपका सारा प्यार व सारा अस्तित्व उसी के लिए है। यह आवश्यक है कि प्यार शारीरिक व मानसिक दोनों रूपों में जतलाया जाए। यह घाटे का सौदा नहीं। बदले में आप पति का प्यार जीतने में सफल होंगी।
ये बातें अपने जीवन में लाकर आप पति को अपनी ओर अधिक आकर्षित कर पाएंगी। यह भी सम्भव है कि उसे जोरू का गुलाम कहलाने में गर्व हो। संभव है, इनमें से बहुत से गुण आप में पहले ही मौजूद हों। ध्यान देने पर आप शेष गुण भी अपने अन्दर ला सकेंगी।
यह न सोचें कि इन सबसे पति बिगड़ जाएंगे। यह भी हो सकता है कि वे आपके गुलाम ही बन जाएं।
- अशोक गुप्त

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