त्वचा को दमकाएं कुंदन सा

त्वचा को दमकाएं कुंदन सा

हर मौसम खुली त्वचा पर अपना प्रभाव छोड़ता है। खुली त्वचा को मौसम के प्रभाव से बचा कर रखना चाहिए। गर्मियों में गर्मी से त्वचा झुलस जाती है। सर्दियों में ठंडी शुष्क हवाएं त्वचा को खुरदरा व रूखा बना देती हैं। हमें अपनी त्वचा और खुले अंगों की उचित देखरेख करनी चाहिए ताकि त्वचा कुंदन सी दमकती रहे।
त्वचा की देखरेख:-
स्नान करते समय कभी भी अधिक ठंडे या अधिक गर्म जल से स्नान नहीं करना चाहिए। सर्दियों में हल्के गर्म पानी से स्नान करें और गर्मियों में ताज़े जल से स्नान करें। बाहर से घूमकर आने पर हाथ, मुंह, पैर, बाजू, गर्दन को अच्छी तरह से धोकर नर्म तौलिए से पोंछें। रूखी त्वचा होने पर त्वचा पर माश्चराइजऱ, नींबू मिला ग्लिसरीन या मौसम के अनुसार कोल्ड क्रीम और मलाई लगायें।
त्वचा को अधिक रगड़ रगड़ कर साफ न करें, न ही सख्त तौलिए से पोंछें। रूखी त्वचा होने पर सप्ताह में एक या दो बार मालिश करवाएं या करें। समय कम होने पर नहाने से पूर्व जल में आलिव आयल या ग्लिसरीन की कुछ बूंदें डालें। त्वचा को दमकाने में पौष्टिक भोजन का भी महत्त्वपूर्ण रोल होता है। अपने आहार में प्रतिदिन ताज़े फल, सब्जियां, जूस, सूप, सूखे मेवे, विटामिन्स, खनिज, प्रोटीन और कार्बोहाइडे्रट को शामिल करें।
त्वचा को साफ रखने के लिए रात्रि में रूई की मदद से त्वचा पर क्लींजिंग मिल्क लगाएं। फिर अच्छी तरह से चेहरा व गर्दन साफ करें। बाद में नर्म गीले तौलिए से त्वचा को पोंछ लें। माह में एक बार फेशियल करवाती रहें। सप्ताह में एक बार फेसपैक लगायें। इससे त्वचा को नया जीवन मिलता है।
सर्दियों व गर्मियों में धूप से चेहरे को बचा कर रखें। सर्दियों में धूप सेंकना अच्छा लगता है परन्तु धूप की तरफ पीठ कर के बैठें। मैदे में दूध मिला कर चेहरे तथा खुली त्वचा पर मलें। इससे दिन भर की धूल मिट्टी साफ हो जाती है। सर्दियों में मुल्तानी मिट्टी का पैक न लगाएं। यह त्वचा को और खुश्क बना देगा। खुश्क त्वचा हेतु मलाई का प्रयोग भी कर सकती हैं।
हाथ, पैरों की देखभाल
खुरदरे हाथ पैरों हेतु गुनगुने पानी में हाथ, पैरों को कुछ समय के लिए डुबो कर रखें। फिर नर्म तौलिए से पोंछ कर मौसम के अनुसार कोल्ड क्रीम, माश्चराइजऱ, बॉडी लोशन, नींबू, ग्लिसरीन व गुलाब जल का मिश्रण लगायें। इससे खुरदरापन खत्म हो कर हाथ पांव चिकने व नर्म बनेंगे। हाथों, पैरों पर ऑलिव आयल व नारियल के तेल की नियमित हल्के हाथों से मालिश करते रहें।
कुहनी, घुटने, एडिय़ों को स्क्रबर से रगड़ कर साफ करें। इन पर नींबू के छिलके भी रगड़ कर इनका कालापन दूर किया जा सकता है। हाथों पैरों की सुरक्षा हेतु मैनीक्योर, पैडीक्योर करवाते रहें। इससे इनकी त्वचा को सुरक्षित रखा जा सकता है।
बालों की सुरक्षा
त्वचा के साथ-साथ बालों की सुरक्षा पर भी पूरा ध्यान दें। बालों में रूसी और जुओं को अधिक न पनपने दें। गर्मियों में सप्ताह में दो या तीन बार ताज़े जल से बालों को धोएं। सर्दियों में गुनगुने पानी से सप्ताह में एक या दो बार बालों को धोएं। सप्ताह में एक बार बालों में तेल की मालिश करें।
रूसी हेतु नारियल के तेल में नींबू मिलाकर मालिश करें। कुछ समय बाद अच्छे शैम्पू से बाल धो लें। दो मुंह वाले बालों को समय समय पर कटवाती रहें। बालों में कर्लर, रॉड व स्प्रे का प्रयोग कम से कम करें। बाहर जाते समय बालों को चुन्नी व स्कार्फ से बांधकर निकलें। तेज़ हवाएं और धूप बालों को चमकहीन और बेजान बनाती हैं।
त्वचा को कांतियुक्त बनाने के लिए ताज़ी हवा में सैर और व्यायाम करें। बाज़ार में उपलब्ध प्रसाधनों का प्रयोग त्वचा पर कम से कम करें। जब कभी उपयोग में लाएं तो रात्रि में उन्हें अच्छी तरह उतारकर सोयें। चिंता करने से त्वचा पर असर पड़ता है, अत: तनावमुक्त रहने का प्रयास करें। सदा प्रसन्न रहें। त्वचा की चमक हेतु पौष्टिक आहार लें। इन सब बातों का ध्यान रखने पर आपकी त्वचा कुंदन की तरह दमकती रहेगी।
- नीतू गुप्ता

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