त्वचा से मित्रता, रोगों से छुटकारा

त्वचा से मित्रता, रोगों से छुटकारा

त्वचा शरीर और स्वास्थ्य का दर्पण होती है मगर चंद असावधानियों एवं कुछ अज्ञानतावश जब भी त्वचा को नुक्सान पहुंचता है, कुछ साधारण और कुछ गंभीर समस्याएं बीमारियों के रूप में सामने आ जाती हैं और लोगों के लिए परेशानी का कारण बन जाती हैं।
सुंदर और बेदाग त्वचा जहां आदमी/औरतों/युवाओं के व्यक्तित्व निखार का कारण बनती है वहीं उन्हें दीर्घकालीन स्वास्थ्य भी प्रदान करती हैं। त्वचा किसी को भी संरक्षण प्रदान कर उसका कायाकल्प करती रहती है, अत: हर किसी को त्वचा की देखभाल अच्छी तरह करनी आनी ही चाहिए। इसके लिए सर्वप्रथम हमें शरीर को पांच भागों में विभक्त करना होगा।
० चेहरे की स्वच्छता एवं साफ सफाई।
० शरीर के विभिन्न हिस्सों की सफाई।
० शरीर के गुप्त अंगों की सफाई।
० शरीर स्थित पैर, एड़ी, पंजे एवं अंगुलियों की सफाई।
० सिर स्थित बालों की सफाई।
शरीर की सफाई, स्वच्छता एवं बेदाग त्वचा हेतु हमें चंद सावधानियां भी बरतने की आवश्यकता होती है। शरीर की स्वच्छता एवं सुरक्षा हेतु प्रतिदिन नियमित स्नान जरूरी होता है।
त्वचा की सफाई हेतु अक्सर और अधिकांशत: सभी लोग साबुन का प्रयोग करते हैं और बालों की सफाई के लिए तरल साबुन का जिसे शैम्पू भी कहा जाता है। साबुन लगाने के बाद सारा शरीर अच्छी तरह मल कर झांवे से रगड़कर पहले शरीर स्थित मैल उतरने देना चाहिए। तत्पश्चात पानी से खूब अच्छी तरह धो लेना चाहिए जिससे सारा साबुन भी मैल के साथ धुल जाए।
अक्सर लोग नहाने के बाद तौलिए से रगड़कर शरीर पोंछते हैं। ऐसा न करके शरीर को थपथपाते हुए पानी को सुखाना चाहिए ताकि रक्त संचार सुचारू रूप से हो सके। अगर शुद्ध रक्त का अभिसरण सही ढंग से पूरे शरीर में होता है तो शरीर स्थित कोश एवं ऊतकों को पर्याप्त मात्र में आक्सीजन मिलती है जिससे त्वचा को पोषण मिलता है और वह निरोगी होती है। त्वचा में चमक तो बढ़ती है और लावण्य निखार भी संभव होता है।
अक्सर चेहरे पर मुंहासे हो जाते हैं। जब मुंहासे हों तो अपना तकिया और उसका गिलाफ हमेशा स्वच्छ रखें। मानसिक प्रफुल्लता एवं संतोष हेतु समय समय पर बदलते रहना चाहिए।
मुंहासों के लिए जरूरी नहीं कि महंगा उपचार किया जाए। सस्ते देसी हर्बल टिप्स से भी अक्सर अनुभव होता हैं। कील मुंहासे भी दूर हो जाते हैं। नीम पोदीना का प्रयोग सबसे सस्ती विधि है।
० जब भी मेकअप करें, मेकअप ब्रश एवं पफ साफ ही रखें।
० फोन के रिसीवर को प्रति सप्ताह अल्कोहल से साफ करना उचित रहता है।
० नहाते समय अत्यधिक गरम पानी का प्रयोग न करें।
० गरम पानी से नहाने के तुरंत बाद ठण्डे पानी से भी नहाना अच्छा होता है। खुल गए रोमछिद्र बंद हो जाते हैं।
शरीर को धूप से बचाना भी अच्छे स्वास्थ्य के लिए निहायत जरूरी होता है वरना त्वचा के झुलस जाने और काले पड़ जाने की असीम संभावनाएं रहती हैं। इससे बचने के लिए घर से निकलने से पहले सनस्क्रीन क्रीम या माइश्चराइजर अवश्य ही लगाना चाहिए।
नहाते समय शरीर के गुप्त अंगों की सफाई अच्छी तरह से करनी चाहिए, वरना गुप्तरोग, यौन रोग एवं चर्मरोग होते देर नहीं लगेगी। हर दो-तीन दिन में बालों को शैम्पू अवश्य करना चाहिए। बालों को शैम्पू करने के बाद अगर उन्हें चाय के पानी या फिर सिरके के पानी से धोया जाए तो उनकी चमक बढ़ जाती है और वे नरम एवं कोमल हो जाते हैं।
नहाते समय एड़ी, पंजों और पोरों तथा उंगलियों के बीच की त्वचा बहुत अच्छी तरह से साफ करनी चाहिए। नहाने के बाद शरीर पोंछ कर कोल्ड क्रीम, वैसलीन अवश्य लगानी चाहिए।
विशेष ख्याल रखना चाहिए कि एडिय़ां कटी फटी न हों, वरना धूल मिट्टी के संसर्ग में आने पर कई संक्रामक रोग हो जाते हैं। एडिय़ां कटी फटी हों तो फौरन उपचार करें।
त्वचा सुंदर व निरोग रहें, इसके लिए निम्न तरीके भी आजमाएं।
0 भरपूर नींद लेने की आदत डालें।
0 अनावश्यक तनाव से बचें।
0 धूम्रपान न करें।
0 नशीले पदार्थों का सेवन न करें।
0 मुंहासों का तुरंत उपचार करें।
0 संतुलित भोजन का सेवन करें।
0 ज्यादा गरम और ज्यादा ठंडे पदार्थों का सेवन न करें।
0 त्वचा संबंधित रोगों से सावधान रहें। कुछ भी हो फौरन उपचार करें।
0 घरेलू उपायों से ठीक न हो रहे हों तो डॉक्टर से सलाह लें।
त्वचा किसी की भी सबसे बड़ी मित्र अथवा सहेली होती है। उसका भरपूर ख्याल रखें ताकि वह आपके व्यक्तित्व को विशेष जामा पहनाने में पूरी पूरी भूमिका निबाहे। साथ ही प्रकृति के प्रकोपों से आप को बचाएं और आपका सौन्दर्य बढ़ा कर आपको लावण्य भी प्रदान करे।
- सेतु जैन

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