इन्हें अपनाइए: लंबी उम्र पाइए

इन्हें अपनाइए: लंबी उम्र पाइए

आज के समय में हजारों लोग किसी न किसी बीमारी से ग्रस्त होकर एक सजायाफ्ता की तरह जीवन बिताने पर मजबूर हैं जबकि यह सच है कि निरोगी रहकर लंबे समय तक जीना कोई मुश्किल काम नहीं है। अपने खान-पान और रहन-सहन में थोड़ी-सी तब्दीलियां करके जि़दगी का भरपूर लुत्फ उठाया जा सकता है।
ये तब्दीलियां एकाएक और फौरन तो आ नहीं सकतीं परंतु दिनचर्या में थोड़ा-सा बदलाव करके एक लंबे और स्वस्थ जीवन को बिताने के लिए स्वयं को तैयार किया जा सकता है। यहां पर कुछ ऐसे ही सुझाव दिये जा रहे हैं जिन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल करके स्वस्थ एवं लंबी उम्र पायी जा सकती है।
नियमित व्यायाम करें:- कुछ महिलाएं एवं पुरूष अपने कार्यों के अतिरिक्त अन्य किसी भी तरह का व्यायाम नहीं करते। इस कारण उनमें आलस्य के साथ-साथ ही शरीर दर्द,घुटनों एवं जोड़ों के दर्द, पेट की बीमारियों आदि से जूझना पड़ता रहता है। नियमित व्यायाम अच्छे स्वास्थ्य के लिए संजीवनी है अत: दिनचर्या में निम्नांकित कार्यों को अवश्य ही सम्मिलित करना चाहिए।
- थोड़ी-बहुत बागवानी करने का अभ्यास डालें।
- नृत्य (डांस) को जीवन का शौक (हॉबी) बनाएं।
- तैराकी के लिए किसी तालाब में अवश्य जायें।
- साइकिलिंग या स्किपिंग करें।
- प्रतिदिन कम से कम दो-तीन किलोमीटर पैदल अवश्य चलें।
- लिफ्ट का इस्तेमाल न करके सीढिय़ों को चढ़कर पार करने की आदतों को डालकर नियमित रूप से व्यायाम किया जा सकता है।
नशे से स्वयं को दूर रखें:- आज के समय में न सिर्फ पुरूष ही बल्कि कुछ स्त्रियां भी नशीली वस्तुओं की गिरफ्त में फंसती जा रही हैं। विशेषकर शराब का प्रचलन एक सम्पन्न परिवार में दिनचर्या का आवश्यक अंग बनता जा रहा है। तम्बाकू, गुटखा, धूम्रपान, स्मैक, गांजा, चरस, आदि के रूप में ग्रहण किये जाने वाले नशीले पदार्थं तन मन दोनों को ही धीरे-धीरे घुन की तरह खत्म करते चले जाते हैं। अल्कोहल रूपी ज़हर से यथासंभव बचने का प्रयास करते हुए उम्र को बढ़ाया जा सकता है।
आहार में चर्बी की मात्रा कम करें:- चर्बी की अधिक मात्रा 'मोटापे को बढ़ाने में महत्वपूर्ण कारक सिद्ध होती है। मोटापा कई रोगों को बुलावा देता है। इस पर नियंत्रण खान-पान पर संतुलन रखकर ही किया जा सकता है। मोटापे से युक्त जीवन जिन्दा लाश की तरह रह जाता है। चर्बी में कार्बोहाइडे्रट के मुकाबले अधिक कैलोरी होती है, इसलिए अपने भोजन में चर्बी की मात्रा को एकदम कम कर देना चाहिए। इसके लिए निम्नांकित उपाय किये जा सकते हैं-
- शुद्ध दूध की जगह स्किम्ड (मलाई उतारा हुआ) या सेमी स्किम्ड (जिसकी पूरी मलाई न निकाली गई हो) दूध का ही इस्तेमाल करें।
- मक्खन या बनावटी मक्खन की जगह किसी कम चर्बी वाले स्प्रेड का इस्तेमाल करें, वह भी नियमित नहीं।
- जहां तक संभव हो, कम चर्बी वाले दही या पनीर का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
- लाल मांस (मीट) के स्थान पर चिकन का ही इस्तेमाल करना चाहिए। अगर उसमें कोई चर्बी दिखाई देती हो, तो उसे निकाल देना चाहिए।
- खाद्य पदार्थों को फ्राई करने के बजाय भूनना या सेंकना अच्छा होता है।
- हरी तरकारियां-फूलगोभी, पालक, मटर, हरा चना, गाजर, चुकंदर, दालें-मटर, मूंग, चना, फल-तरबूज, अन्नानास, सेब, नाशपाती, केला, रसबेरी, अंगूर, संतरा, मौसम्मी आदि का इस्तेमाल अपने आहार के साथ नियमित रूप से किया जाना चाहिए।
वजन कम करें:- अपना वजऩ सामान्य रखें। इसके लिए कद और वजऩ की तालिका को देखने के बजाय अपनी 'बॉडी मास इन्डेक्स (बी. एम. आई.) को अगर देखें तो बेहतर होगा। उदाहरण के लिए अगर आपका वजऩ 63 कि. ग्राम. है, कद 5 फुट 5 इंच (165 से. मी.) तो आपका बी.. एम. आई. 63.5x2.7x23.5 होगा। अब अगर आपका बी. एम. आई 20 से कम है, तो आपका वजऩ सामान्य से कम है। अगर बी. एम. आई. 20 और 24.9 के बीच है तो आपका वजऩ सामान्य है। बी. एम. आई. 24 से 29.9 हो तो वजन सामान्य से अधिक कहा जाएगा। अगर बी. एम. आई. 30 से 39.9 के बीच है तो आप मोटापे के शिकार हैं और यही अगर 40 है तो उस स्थिति में भयंकर स्थूलता कही जाती है तथा इसे खतरे की निशानी समझा जाता है। अतएव वजन को न बढऩे देने के उपायों को किया जाता रहना चाहिए।
लौह तत्व से रक्त शुद्ध और स्वस्थ रहता है। आयरन की कमी से शरीर में रक्त की भी कमी हो जाती है। इससे कमजोरी आ जाती है तथा रोगों से लडऩे की ताकत बहुत कम हो जाती है अत: अपने भोजन में भरपूर लौह तत्व से युक्त सामग्रियों का प्रयोग करना चाहिए। इस प्रकार अपनी उम्र को कई साल और बढ़ाया जा सकता है।
- आनंद कुमार अनंत

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