ऐसा होता है कुशल गृहिणी का रसोईघर

ऐसा होता है कुशल गृहिणी का रसोईघर

हर व्यक्ति चाहता है कि उसका घर-परिवार हमेशा खुश व स्वस्थ रहे। इसके लिए हर सदस्य की पसंद का ध्यान रखना भी आवश्यक होता है। हर महिला चाहती है कि उसके परिवार में किसी व्यक्ति को किसी चीज की कमी न रहे लेकिन जब तक रसोई की छोटी-छोटी बातों पर ध्यान नहीं देगी, तब तक यह संभव नहीं हो सकता। अगर आप रसोई की बातों पर ध्यान देंगी तो आपका परिवार स्वस्थ बना रहेगा। परिवार स्वस्थ होगा, तभी आप सफल कहलायेंगी।
- रसोई की सफाई पर ध्यान रखें। साथ में अपने हाथों की सफाई रखें। गैस पर काम करते समय अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें। रेशमी-सिल्क के कपड़े पहन कर रसोई में काम न करें।
- काम करने के पश्चात सभी बर्तनों व मसालों के डिब्बों तथा गैस का चूल्हा भी अच्छी तरह साफ कर दें या किसी कपड़े से झाड़कर ही रखें।
- दाल चावल बनाने से पहले उन्हें अच्छी तरफ साफ करके, पानी में भिगोकर रखें। पकाते समय इसी पानी का प्रयोग करें।
- सब्जियाँ पानी से धोने के बाद ही छिलें। सब्जी काटने के बाद पानी से साफ करने से सब्जी के सारे पौष्टिक तत्व नष्ट हो जाते हैं।
- चावल का मांड या पानी न निकालें।
- दूध ज्यादा उबालना नहीं चाहिए।
- खाने के सोडे का प्रयोग करने से विटामिन 'सी' की मात्रा नष्ट हो जाती है।
- सब्जी काटने के लिए स्टील के चाकू का प्रयोग करें। लोहे के चाकू में जंग लग जाता है। जंग के साथ अनेक जीवाणु भोजन में प्रवेश कर सकते हैं।
- जितने पानी में सब्जी बन सकने का अनुमान हो, उतना ही पानी डालें। ज्यादा पानी में पकाने से पौष्टिक तत्वों की मात्र खत्म हो जाती है।
- सामान इक_ा करने के बाद ही गैस जलायें।
- बच्चों की रूचि के अनुसार भोजन बनायें। एक ही खाना खाकर सभी बोर हो जाते हैं इसलिए विभिन्न प्रकार की डिश, स्वीट डिश, इत्यादि बनाकर भी आप दे सकते हैं।
- सप्ताह में एक बार उबला हुआ भोजन अवश्य करें। हरी सब्जियों की विभिन्न डिश बनाकर भी खिला सकते हैं। इससे जहां आप हरी सब्जी खिलाने में सफल रहेंगी, वहीं बच्चों को नई चीज खाने को मिलेगी। सूप, चटनी, परांठे, सैंडविच, विभिन्न प्रकार के रायते तथा अंकुरित दालें आदि पौष्टिक भोजन अवश्य दें। दूध से बने व्यंजन, पनीर, अण्डा इत्यादि भी भोजन में शामिल होने चाहिएं। इससे बच्चों को हर चीज मिल जायेगी।
- मसाले इत्यादि के डिब्बों पर स्लिप लगा दें ताकि सामान जल्दी मिल जाये।
- अचार, मुरब्बे इत्यादि को समय-समय पर धूप दिखाते रहें और अगर तेल कम है तो उसमें और डाल दें।
- सूजी अधिक दिनों तक चलानी हो तो उसे (सूजी) भून कर डिब्बे में भर कर रखें।
- घर का सामान ऐसे स्थान पर रखें जहां आपको आसानी से मिल सकें।
- ताजी सब्जी व फल खरीदें। सब्जी कहीं से कटी नहीं होनी चाहिए। ऋतु के अनुसार सब्जी खरीदें।
- घर की सभी वस्तुओं का ध्यान रखें। जो सामान थोड़ा रह गया हो, उसको डायरी में लिख लें ताकि बाजार जाते समय आपको याद रहे कि आपको क्या-क्या खरीदना है।
- भोजन पौष्टिकता को ध्यान में रखकर बनायें। ज्यादा चटपटे मसालेदार भोजन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।
- घर में स्थान है तो बागवानी भी कर सकती हैं। हरी सब्जियां अपने घर में भी लगा सकती हैं।
- गेहूं का संग्रह करना है तो नीम की सूखी पत्तियाँ डाल कर रखें।
- चावल के संग्रह में हल्दी की गांठ भी रख सकते हैं।
- लाल मिर्च में नमक की डली डालने से लालमिर्च पाउडर में नमी नहीं आयेगी।
- मैदा या बेसन में करेले के छिलके सूखे हुए डालें। कीड़ा नहीं पड़ेगा।
एक कुशल गृहिणी के लिए यह आवश्यक है कि उसकी रसोई में वे सब चीजें हों जिनकी कभी भी आवश्यकता पडऩे पर उसका प्रयोग कर सके। उसे तुरन्त बाजार में या पड़ोसी के घर मांगने न जाना पड़े और अपने परिवार को पौष्टिक भोजन दे सके।
-नीलम गुप्ता

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