गीत गाइए, तनाव दूर भगाइए

गीत गाइए, तनाव दूर भगाइए

सतयुग व आध्यात्मिक युग में जैन धर्माचार्य कहा करते थे कि कण-कण में भगवान हैं लेकिन वर्तमान भौतिकवादी कलियुग में जीवन के प्रत्येक क्षण में तनाव (टेंशन) व्याप्त है। व्यक्ति जन्म से लेकर मृत्यु तक तनाव (टेंशन) में रहता है।
तनाव मनुष्य की सेहत का एक सबसे बड़ा शत्रु है पर आज की तेज-रफ्तार जिंदगी में आप तनाव से बच भी नहीं सकते हैं।
ब्रिटिश डॉक्टरों का मानना है कि एक सीमित अनुपात में अल्प समय के लिये तनाव शरीर के लिये नुक्सानदेह नहीं हैं। वस्तुत: कम तनाव की स्थिति में आपको किसी कार्य को तेजी से करने की प्रेरणा मिलती है जैसे आपको समय पर टेऊन पकडऩी है और समय आपके पास कुछ कम है तो इस सूरत में आप जल्दी जल्दी सामान पैक कर स्टेशन की ओर चल देंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक तनाव आपके लिये कई शारीरिक व मानसिक समस्याएं पैदा कर सकता है। इसलिये तनाव को मात देने के लिये कुछ सकारात्मक प्रयास करना जरूरी है।
इस संदर्भ में ब्रिटिश डॉक्टरों द्वारा किसी एक सर्वेक्षण के अनुसार तनाव को कम करने का एक सरल उपाय है गीत गुनगुनाना या फिर संगीत सुनना। इसलिये यह आदत डालें कि जब कभी आप तनावग्रस्त हों तो अपने किसी पसंदीदा गीत को गुनगुनाना शुरू कर दें।
- अनोखी लाल कोठारी

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