पति पत्नी और आर्थिक नियोजन

पति पत्नी और आर्थिक नियोजन

जब आवश्यकताएं पूरी नहीं हो पाती तो गृहस्थ जीवन में अशान्ति रहती है। गृहस्थ जीवन के लिए मुख्य आवश्यकता रूपया ही है। रूपये के बिना मान सम्मान बनाये रखना असम्भव हो जाता है। इस कारण जिन्दा रहने के लिए यह महत्त्वपूर्ण बन जाता है।
फिर भी सोचने की बात यह है कि वित्त से जुड़ी आपसी कहा सुनी या झगड़े परिवार के बिखराव का कारण बन जाते हैं। पैसा खर्च करने के मामले में बहुत सतर्क रहने की जरूरत है और उद्देश्यपूर्ण ढंग से रूपये का इस्तेमाल करना एक सफल जीवन यात्रा में मदद करेगा।
यह भी देखा गया है कि धनवान व्यक्ति भी अतृप्त अवस्था में रहते हैं। आप अल्प आय के द्वारा भी खुशहाल जीवन जी सकते हैं। सब कुछ इच्छाओं पर निर्भर करता है। एक परितृप्त जीवन जीना सीखें। खास जरूरत के अनुरूप ही रूपये को महत्त्व दें। रूपया मात्र ही जीवन के लिए सर्वश्रेष्ठ नहीं है।
विचार विनिमय का अभाव:- पति पत्नी होने के नाते अंतरंग रूप में वार्तालाप करें। परस्पर जरूरतों और गृहस्थ जीवन की वित्तीय अवस्था को समझें। प्राय: दंपति वित्तीय आवश्यकताओं के लिए तू-तू मैं-मैं करते रहते हैं। ऐसा क्यों होने लगता है। क्या आप इसका कारण जानते हैं।
इसका कारण यह है कि प्राय: पति-पत्नी घर की आर्थिक स्थिति के बारे में विचार विमर्श नहीं करते या बताने में गलती करते हैं। ऐसे मामले में एक ही जीवन साथी रूपये का इस्तेमाल एवं आदान प्रदान करता रहता है जबकि दूसरा वित्तीय जरूरतों के प्रति नादान बना रहता है। फलस्वरूप दूसरा जीवन साथी चीजों की मांग करना शुरू कर देता है जिसे परिवार में आय में समाहित नहीं किया जा सकता।
निदान के उपाय:-
- अकेले खर्च करने से परहेज करें। गृहस्थ जीवन जीने में यह अत्यन्त लाभदायक है कि दोनों पति पत्नी वित्तीय आय और व्यय के बारे में जानकारी रखें।
- एक साथ कुछ क्षण बैठें और आपस में सारी आवश्यकताओं के बारे में सलाह मशवरा करें।
- दृढ़ प्रतिज्ञा कर लें कि रूपये संबंधी विषयों के सारे निर्णय सिर्फ तब ही लिये जायें जब दोनों जीवन साथियों का वार्तालाप में तालमेल हो जाये।
परिपक्व योजना सूझ-बूझ से बनायें:-
- अपनी आय व व्यय की लिस्ट बना लें। योजना सूझ बूझ के साथ न बनाने से एक दूसरे के अहम से जरूर टकरायेगी।
- आवश्यकताओं की चीजें खरीदने एवं व्यय करने में पहले सूची तैयार कर लें।
- ऐसी बेकार वस्तुएं खरीदने से परहेज करें जो आपके लिए नितान्त आवश्यक नहीं हैं। आरामदायक या दिखावटी चैन पाने के लिए वस्तुएं उधार लेकर सौदा करना विशेष तौर पर कलह और विवादों को बढ़ायेगा। अपनी आय के मुताबिक ही चलने की कोशिश करें
सिर्फ पतियों के लिए समझने योग्य बातें:-
- अपनी पत्नी की राय के बिना वित्तीय मामलों को अपने हाथों में लेने से विमुख रहें।
- अपनी पत्नी पर आधिपत्य प्रदर्शित करने के लिये रूपये को अकेले अपने हस्तगत करके उसका इस्तेमाल न करें। आपके लिए जो प्यार और आदर भाव है, उसे समाप्त न होने दें।
- अपनी पत्नी से किसी प्रकार वित्तीय समस्याओं को छिपाने की कदापि भूल न करें। पत्नी को सब बातें बताने से उसे परिस्थिति को परिपक्व रीति से समझने में मदद मिलेगी जिससे वह सीमाओं के अन्दर ही रहने वाली बन जायेगी।
- यदि ऐसा समय आता है कि जो आपकी जीवन संगिनी चाहती है उसे क्रय करने की आपमें सामथ्र्य नहीं है तो उसे इसका कारण अवश्य बतायें कि यह आप उसके लिए क्यों नहीं क्रय कर सके थे।
सिर्फ पत्नियों के लिए समझने योग्य बातें:-
- अपने घर की वित्तीय स्थिति को समझने की कोशिश करें।
- अधिक व्यय करने वाली गृहिणी न बनें। आरामदायक चीजें खरीदने से परहेज करें।
- लोभ को नियन्त्रण में रखें। यह परिवार में कलह और समस्याएं खड़ी कर देगा। जो पैसा आपका पति कमा नहीं सकता, उसे खर्च न करें।
- पूर्ण सन्तुष्ट बने रहना स्वीकार करें। आपके लिए जो कुछ भी आपका पति लाता है या देता है, उसी में सामन्जस्य कर लें। अपने पति द्वारा अर्जित आय या आमदनी के भीतर ही स्वयं को ढालना या समर्पित करना सीखें।
- आदेश देने या मांग करने की अपेक्षा विनम्र निवेदन करना फलप्रद होगा।
- यदि आपको किसी चीज की सख्त जरूरत है तो पहले देख लें कि इसे क्रय करने के लिए आपके पति के पास पर्याप्त पैसा है या नहीं और तभी खुद से ही सवाल करें कि क्या वाकई इसकी आवश्यकता है या नहीं।
करने योग्य बातें:-
- एक पति के रूप में आज ही अपनी पत्नी के संग बैठें और उसे घर की दैनिक वित्तीय दशा के बारे में बतायें।
- एक पत्नी के रूप में आप अपने पति से घर की वित्तीय दशा के बारे में पूछें।
- अगर आपने वित्तीय संबंधी बातें कभी भी शेयर नहीं की तो आज ही एक साथ बैठ कर विचार विमर्श करें।
- एक दंपति के रूप में बीते हुए माह के खर्चो का विश्लेषण करें और अगले माह के लिए विचार विमर्श करें।
-अजय कुमार मलिक 'तड़प'

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