जब फटने लगे आपके होंठ

जब फटने लगे आपके होंठ

शीत ऋतु के आगमन के साथ ही अनेक त्वचा रोगों का भी आगमन हो जाता है। अन्य रोगों के साथ ही होंठ फटने की समस्या भी आम होने लगती है। कई मर्तबा होंठ इतने अधिक फट जाते हैं कि उनमें दरारें पड़ जाती हैं जिनसे खून रिसना आरंभ हो जाता है। ऐसी स्थिति में खाने-पीने में भी अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कटे-फटे होंठ चेहरे की सुंदरता पर भी ग्रहण लगा डालते हैं।
शरीर में विटामिन 'ए' तथा विटामिन 'बी' की कमी के कारण मुख्य रूप से होंठ फटने लगते हैं। प्राकृतिक आपदाओं अर्थात् अधिक सर्दी या अधिक बर्फ या पाला गिरने के कारणों से भी होंठ फटने लगते हैं। ठण्डी तेज हवाओं के असर से भी होंठों में दरारें पड़ जाती हैं तथा उनसे खून रिसना प्रारंभ हो जाता है।
अत्यधिक क्रीम, लिपस्टिक लगाने के कारण से भी होंठों में दरारें पड़ जाती हैं। रात में पान खाकर सोने से भी होंठ फट जाते हैं। अत्यधिक मात्रा में तली-गली वस्तुओं को खाने व गरम-गरम भोजन करने से भी होंठ फटते हैं। निरन्तर धूम्रपान करने वालों के होंठ भी सर्दियों में फट जाया करते हैं।
अगर सर्दियों में होंठ न फटें और आप चटपटे व्यंजनों का आनन्द उठा सकें, इसके लिए निम्नांकित उपाय बेहतर साबित होंगे।
- सोयाबीन एवं विभिन्न दालों का सेवन करते रहने से होंठ फटने से बचते हैं तथा होंठों पर एक अलग ताजगी बनी रहती है।
- रात में सोने से पहले दो चम्मच कैस्टर ऑयल में दो चम्मच बोरिक वैसलिन मिलाकर होंठों पर मलते रहने से होंठ फट नहीं पाते हैं।
- ग्लिसरीन में बराबर मात्रा में गुलाबजल मिलाकर होंठों पर मलते रहने से होंठ नहीं फटते हैं।
- खाने में अधिक हरी सब्जियां, मौसम के मुताबिक कुछ फल, दूध, शहद आदि लेते रहने से भी विटामिन 'ए', 'बी' के कारण होंठ फटते नहीं हैं।
- पांच ग्राम बेसन, तीन ग्राम हल्दी व दस ग्राम गुलाबजल को मिलाकर, अच्छी तरह से फेंट कर मलहम की तरह बना लें। रात को सोने से पहले इस लेप को होंठों पर मल लेने से होंठ नहीं फटते।
- फटे होंठों पर ताजा लाल गुलाब की पत्तियों का रस रगड़ते रहने से होंठ नहीं फटते।
- शहद की चार-पांच बूंदों को लेकर उसमें दो-तीन बूंद गरम जल मिलाकर होंठों पर मलते रहने से होंठ नहीं फटते। अगर फट गये हों तो उसे ठीक करने में भी यह बहुत लाभदायक होता है।
- गर्म दूध की मलाई का लेप करने से भी कटे-फटे होंठ गुलाब की ताजी पंखुडिय़ों की तरह खिल उठते हैं।
- रूई के फाहे में जैतून के तेल को भिगोकर हल्के हाथों से होंठों पर मलते रहने से होंठ खुरदरे होने से बचते हैं तथा फटते नहीं हैं।
- तीस मि. ली. शहद में एक छोटा चम्मच ग्लिसरीन एवं जौ का पाउडर मिलाकर हाथ पैरों के साथ ही होंठ पर लगाते रहने से वे फटते नहीें हैं। साथ ही मुलायम व चमकीले भी हो जाते हैं।
- गाजर एवं टमाटर के रस को बराबर मात्र में मिलाकर उसे गर्म कर लें। जब वह ठंडा हो जाये तो फटे हुए होंठों पर हल्के हाथों से लगा दें। दो दिनों में ही होंठ मुलायम हो जाते हैं।
- सरसों का तेल, हल्दी पाउडर, एवं कपूर मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को रात को सोने से पहले होंठों पर अच्छी तरह लगाते रहने पर होंठ फटते नहीं हैं।
- सर्दियों में रात को मुंह ढककर सोने से होंठ तथा चेहरा फटते नहीं हैं। मुंह ढककर सोने की आदत डाल लें।
- पूनम दिनकर

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