ऐसे करें सही पैंटी का चुनाव

ऐसे करें सही पैंटी का चुनाव

आज की महिलाएं न केवल अपने बाहरी पहनावे के प्रति बल्कि अतंर्वस्त्रों के बारे में भी काफी जागरूक हैं।
बाजार में हर उम्र की महिलाओं के लिए उन के आकार प्रकार के अनुसार अंतर्वस्त्र मौजूद हैं। इनमें खासतौर से हर रोज़ पहने जाने वाली पैंटीज की खरीदारी और चुनाव के बारे में महिलाओं में काफी सजगता आ गई है।
पहले जहां औरतों को स्वयं पैंटीज खरीदने में झिझक होती थी, वहीं आज वे चाहे विवाहित हों या अविवाहित, बड़े विश्वास के साथ अपनी पसंद और क्वालिटी से संतुष्ट हो कर ही इसे खरीदती हैं। अलग-अलग डिजाइन की पैंटीज जैसे फ्लोरल, लेस लगी हुई आदि काफी लोकप्रिय हो गई हैं।
लोकप्रियता के अनुसार विदेशी ब्रांड की पैंटीज की मांग अपने देश में काफी है। ये भारतीय ब्रांड के मुकाबले अधिक आरामदायक होती हैं। पैंटीज खरीदते समय निम्न बातों को विशेष तौर से ध्यान में रखना चाहिए:-
मासिक धर्म और गर्भावस्था के दौरान और उस के बाद पहनी जाने वाली पैंटीज आम दिनों की पैंटीज से अलग होनी चाहिएं।
इस का कारण यह है कि इन दिनों त्वचा की संवेदनशीलता बढ़ जाती है, अत: मुलायम फैब्रिक की बनी पैंटीज ही पहननी चाहिए।
पैंटीज हमेशा मौसम के अनुकूल ही खरीदनी और पहननी चाहिए। गरमियों में कभी भी नायलान की बनी पैंटीज न पहनें। अधिक पसीने के कारण नायलन से त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है। इस मौसम में काटन की बनी पैंटीज ही पहनने के लिए उपयुक्त होती हैं।
अपनी त्वचा के अनुकूल ही पैंटीज खरीदें। आमतौर पर देखा गया है कि जो महिलाएं इस बात पर ध्यान नहीं देती, उन्हें कई प्रकार की तकलीफें जैसे दाद, खारिश आदि की शिकायत हो जाती है।
पैंटीज के सही रंगों का चुनाव भी काफी महत्त्वपूर्ण है। जैसे बाहरी वस्त्र मौसम के अनुसार गाढ़े अथवा हल्के रंगों के पहने जाते हैं, वैसे ही पैंटीज भी वस्त्रों के रंगों के अनुसार ही पहननी चाहिए।
पैंटीज हमेशा अच्छी क्वालिटी की ही खरीदें। इन का इलास्टिक ढीला नहीं होता, रंग 'फेड' नहीं होते और ये लंबे समय तक चलती हैं।
पैंटीज के साथ 'पैंटीलाइनर' अवश्य पहनें। इससे पैंटीज साफ रहती हैं।
मनोवैज्ञानिकों के अनुसार अच्छी और सुंदर पैंटी पहनने से विवाहित महिलाओं को अपने शयनकक्ष में आत्मविश्वास की अनुभूति और कामोत्तेजना में वृद्धि होती है।
यदि उपर्युक्त बातों को ध्यान में रखकर आप पैंटी का चुनाव करेंगी तो त्वचा को नुक्सान नहीं पहुंचेगा और आप को स्वयं भी सुखद एहसास होगा।
- कर्मवीर अनुरागी

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