क्यों गड़बड़ी होती है मासिक धर्म में

क्यों गड़बड़ी होती है मासिक धर्म में

स्त्रियों के लिए मासिक धर्म का आना प्रकृति की देन है। हर स्त्री का मासिक धर्म प्रारंभ होने का समय अलग अलग होता है और उसी प्रकार उसके बंद होने का समय भी अलग है। इस बीच कभी मासिक धर्म मिस हो जाते हैं या कभी 15 से 20 दिन बाद फिर से होते हैं।
कुछ न कुछ गड़बड़ी तो सभी के जीवन में आती ही रहती हैं। हम परेशान होते हैं पर अधिकतर ये अपने आप नॉर्मल भी हो जाते हैं। जब नॉर्मल नहीं होते तो हमें स्त्री रोग विशेषज्ञ से मदद लेनी पड़ती है। आइए जानें कुछ कॉमन कारण मासिक धर्म की गड़बड़ी के।
- हम जो भी खाते हैं उसका प्रभाव पीरियड्स पर भी पड़ता है। कुछ लोगों की आदत होती है कि वे अपनी भूख से अधिक खाते हैं और कुछ लंबे समय तक भूखे रहते हैं। दोनों ही आदतें स्वास्थ्य हेतु हानिकारक हैं। पौष्टिक आहार लेने से पीरियड्स सिस्टम अधिकतर ठीक रहता है। अपौष्टिक आहार इस साइकल को बिगाडऩे में मदद करता है।
- वेट का अधिक बढऩा या वेट का कम होना, दोनों ही शरीर पर प्रभाव डालते हैं जिससे पीरियड्स सिस्टम गड़बड़ा सकता है। अपने वजन पर नजर रखें।
- कभी कभी कुछ बड़ी बीमारी होने से भी मेंस्टु्रअल प्रॉब्लम्स आती हैं जैसे टीबी या लिवर का खराब होना। यह एक कारण हो सकता है पर ऐसा कम लोगों के साथ होता है।
- तनावभरी जीवन शैली व बर्थ कंट्रोल के लिए ली जाने वाली दवाइयां भी असर डालती हैं। कभी-कभी हार्मोनल परिवर्तन भी इसका कारण बनते हैं।
- कई बार सभी कारण ठीक होते हैं पर फिर भी डिस्टर्बेंस होती है। ऐसी स्थिति में मुकाबला करें। फिर भी स्थिति कंट्रोल में न आए तो डॉक्टर से सलाह लें।
- ब्रेस्ट फीडिंग करवाने वाली महिलाओं में पीरियड्स मिस होना एक कॉमन प्रॉब्लम है। जो माएं एक साल तक बच्चों को ब्रेस्ट फीड करवाती हैं उनके पीरियड्स अनियमित रहते हैं।
- कुछ दवाएं भी इस परिस्थिति के लिए जिम्मेदार रहती हैं जिससे पीरियड्स या तो बहुत कम होते हैं या हैवी। इस बारे में डॉक्टर से परामर्श करें। बिना डॉक्टरी परामर्श के स्वयं कोई फैसला न लें।
- कीमोथेरेपी, किसी भी तरह की सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी वगैरह से भी ऐसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
- हैवी एक्सरसाइज या बहुत अधिक परिश्रम करने से भी पीरियड्स अनियमित होते हैं।
अपने लाइफस्टाइल पर नजर रखें। नियमित व्यायाम करते रहें, पौष्टिक आहार लें, तनाव को हावी न होने दें। अधिक चाय, कॉफी, अल्कोहल का सेवन न करें। न ही अधिक नमक और चीनी का सेवन करें। तले हुए खाद्य पदार्थ और जंक फूड का सेवन न करें।
- नीतू गुप्ता

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