क्या आप दिखने में साधारण युवती लगती हैं

क्या आप दिखने में साधारण युवती लगती हैं

आज विज्ञान इतनी तरक्की कर चुका है कि साधारण से साधारण युवती भी सौंदर्य प्रसाधनों एवं मेकअप द्वारा अपनी सुन्दरता को बढ़ा सकती है, अपने नैन-नक्श को आकर्षक बना सकती है एवं उस समस्या से छुटकारा पा सकती है पर यदि किसी युवती को इन सौंदर्य प्रसाधनों से कोई खास फर्क नहीं पड़ता या महंगे एवं अत्यधिक समय खर्च होने के कारण इनमें रूचि नहीं रखती तो स्वार्थ से पूर्ण इस समाज द्वारा किये जाने वाले कटाक्षों एवं दी जाने वाली पीड़ा का सामना करना पड़ता है।
सौंदर्य-प्रसाधनों से परहेज करने वाली साधारण युवतियों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। वे अपनी लग्न, मेहनत व दृढ़-विश्वास द्वारा अपने साधारणपन से आसानी से निपट सकती हैैं।
कहा जाता है कि सबसे सुन्दर पर गुणहीन वस्तु सबसे बेकार होती है और बिलकुल साधारण पर गुणों से भरपूर वस्तु सबसे अनमोल होती है। अत: ऐसी युवतियां अभ्यास द्वारा यदि अपने अंदर कुछ गुणों का विकास करें तो साधारण युवतियां भी सबसे अनमोल एवं गुणों की खान बन सकती हैं।
युवतियों की मुस्कुराहट कुरूपता पर नकाब का कार्य करती है। जिस प्रकार खिलता हुआ पुष्प सभी को अच्छा लगता है उसी प्रकार हंसी न केवल हर एक के मन को भा जाती है बल्कि आपकी हंसी/एक मुस्कुराहट सामने वाले के दिल में आपके प्रति एक सुन्दर-सी छवि बना कर आपका कायल बना देती है। अत: आपका हंसमुख होना ही सुन्दरता का पर्यायवाची बन जाता है।
सहनशीलता एवं धैर्य दूसरा गुण है जो आपको साधारण से सुपीरियर तक बना डालता है। समाज में नोक-झोंक तो होती ही रहती है। अत: हल्की-सी बात पर माथे पर त्यौरियां चढ़ा लेना, मुंह फुला लेना या बात-बात पर मुंह बना लेने से आप सकारात्मक से नकारात्मक की ओर ही जाती हैं। सहनशीलता और धैर्य न केवल आपके व्यक्तित्व को निखारते हैं बल्कि आपमें आत्मविश्वास पैदा करके आपके साधारणपन को गौण बना डालते हैं।
कुछ युवतियां बड़े ही वाचाल स्वभाव की होती हैं। वे बस अपनी ही बात कहे जाती हैं। उनको दूसरे की बातों से कोई सरोकार नहीं होता और न ही वे अपने सामने वाले को बोलने का कोई अवसर देती हैं।
बिना किसी प्रयोजन के यूं ही बोलते रहने से समाज में आप के प्रति गलत प्रतिछाया बनती है। इसी तरह कई युवतियां बहुत ही ऊंची आवाज में बात करती हैं जो उनके व्यक्तित्व को दुष्प्रभावित करता है।
अत: मतलब की बात करने एवं 'सॉफ्ट-स्पोकन' बनना आपके व्यक्तित्व को निखारते हुये आपको बुलंदियों की ओर ले जाता है।
इसके अतिरिक्त गृह/घरेलू कार्यों में दक्षता, सिलाई-कढ़ाई में निपुणता, एक दूसरे के प्रति सम्मान/प्यार की भावना, स्वच्छता, खाली समय में अधिक से अधिक अभिरूचियों जैसे संगीत, लेखन, अध्ययन, फुलवाड़ी इत्यादि का विकास करके आप अपने साधारणपन से छुटकारा पा सकती हैं और आधुनिक समाज के साथ कदम से कदम मिला कर साथ चल सकती हैं।
-विनोद गाबा

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