सवाल रिश्तेदारों के, परेशानी के सबब

सवाल रिश्तेदारों के, परेशानी के सबब

हर खुशी, हर गम में रिश्तेदारों का साथ मनोबल बढ़ाता है। उनके साथ खुशी बांटना, दुख में सहभागी होना अच्छा लगता है पर कभी कभी कुछ सवाल अक्सर रिश्तेदार पूछते रहते हैं, जिन्हें सुन सुनकर परेशानी बढ़ती है।
कुछ रिश्तेदार ताने देने वाले होते हैं और कुछ बात बात पर टांग अड़ाने वाले। ऐसे रिश्तेदार परेशानी का कारण बनते हैं। आइए देखें रिश्तेदारों के कुछ कॉमन सवाल जो परेशान करते हैं-
वजन बढ़ गया है तुम्हारा:-
अक्सर रिश्तेदार थोड़ा सा भी बदलाव आने पर यह प्रश्न पूछना नहीं भूलते कि क्या तुम्हारा वजन बढ़ गया है जबकि सभी जानते हैं किसी को भी मोटा कहलाना अच्छा नहीं लगता।
हो सकता है उनमें से कुछ तुम्हारी वाकई चिंता करते हों पर अधिकतर रिश्तेदारों को दुखती नब्ज पर हाथ रखने में मजा आता है। अगर आपको ऐसे रिश्तेदारों की पहचान हो गई हो तो उन्हें मजाकिया जवाब देने के लिए तैयार रहें कि हम खाते पीते घर के हैं।
रिजल्ट कैसा रहा तुम्हारा:-
जिस घर में बच्चे पढऩे वाले होंगे? उनका रिजल्ट तो आएगा ही। बच्चे और माता-पिता रिजल्ट आने वाले दिनों में थोड़े तनावग्रस्त रहते हैं और घबराहट भी बनी रहती है।
रिजल्ट आने से जबकि रिश्तेदारों को कोई फर्क नहीं पड़ता पर आदतन पूछना नहीं भूलते बेटा रिजल्ट आ गया तुम्हारा या नहीं। अगर आ गया तो क्या स्कोर है? दुर्भाग्य से रिजल्ट हल्का हो तो बस नसीहतें और अफसोस प्रकट करना उनका कर्तव्य बन जाता है, बिना सोचे समझे कि उनके दिल पर क्या बीत रही होगी।
नौकरी लगी या नहीं
अगर आपकी पढ़ाई पूरी हो गई हो और आप नौकरी की तलाश में हों कुछ रिश्तेदार आपके लिए ज्यादा ही फिक्रमंद हो जाते हैं। जब भी मिलें जब भी मिलेंगे बस पहला प्रश्न होगा कि नौकरी मिली या नहीं। कभी कभी तो लगंता है कि क्या मुझे नौकरी मिलने पर मैं उनको कुछ देने वाला हूं। परेशान मत हो, बस मजाकिया तरीके से जवाब दें कि नौकरी मिलते ही सबसे पहले पार्टी आपको दूंगा।
कितना कमाते हैं
बहुत से रिश्तेदार पहले नौकरी न मिलने पर परेशान रहते हैं और अगर नौकरी मिल जाए तो दूसरा प्रश्न होता है कितने का पैकेज है? इन हैंड कितना मिलता है आदि। उन्हें आपको असहज देखने में मजा आता है।
कोई बायफ्रैंड या गलफ्रैंड बनी क्या
टीनएज पार करते ही बस रिश्तेदार इस ताक में रहते हैं कि कोई बायफ्रैंड बनाया, गर्लफ्रैंड बनाई या नहीं। उनके हिसाब से यह उम्र बायफ्रैंड, गर्लफ्रैंड बनाने की है।
भाई अब तो बायफ्रैंड, गर्लफ्रैंड बना ही लेना चाहिए, देखो फलां ने बना ली है, तुम पीछे क्यों हो? मजे की बात है बार-बार पूछ कर आप से हां में जवाब सुनना चाहते हैं।
शादी कब कर रहे हो
जवां होते बच्चों और उनके माता-पिता को जब भी रिश्तेदारों से मिलना हो या किसी समारोह में उनसे बस एक ही प्रश्न पूछा जाता है कि शादी कब कर रहे हो। बार-बार यह शब्द सुनकर बच्चे और माता-पिता को कितनी परेशानी सहनी पड़ती है, शायद उन्हें इसका अंदाजा नहीं होता।
कब आ रहा है नया मेहमान
बच्चों की शादी होते ही संबंधी जब भी मिलते हैं यही पूछते हैं कि कब खुशखबरी सुना रहे हो जबकि यह अधिकार सिर्फ कपल को है पर फिर भी रिश्तेदार कहां चूकते हैं बिना प्रश्न किए। कई बार खुशखबरी से संबंधित प्रश्न बोझ बन जाता है।
- नीतू गुप्ता

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