लंबे घने बालों का पारंपरिक रहस्य

लंबे घने बालों का पारंपरिक रहस्य

आकर्षक व्यक्तित्व का राज है सुन्दर लम्बे, काले-घने, घुंघराले बाल। काले लम्बे और रेशमी बालों को हमारे यहां सदैव नारी सौंदर्य का एक प्रमुख आकर्षण माना जाता रहा है।
जितना महत्व चेहरे के सौन्दर्य को दिया जाता है उतना ही बालों को भी देना चाहिए। बाल चेहरे की सुन्दरता में एक निराला सा आकर्षण पैदा करते हैं और व्यक्तित्व को चार चांद लगा देते हैं।
अपने व्यक्तित्व में निखार लाने के लिए आपको बालों की बारीकी से देखभाल करनी होगी। थोड़ी सी भूल से बालों की कई समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं मगर वर्तमान समय में कुछ तो बाल झडऩे की समस्या, कुछ व्यस्त दिनचर्या के बीच लंबे बालों की देखभाल तथा रखरखाव एक झंझट ही लगता है।
पहले अपने बालों को पहचानिए कि आपके बाल सामान्य, तैलीय या शुष्क हैं -फिर उसके आधार पर शैंपू का प्रयोग करना चाहिए।
सामान्य बाल:- ऐसे बालों के लिए जो न अधिक शुष्क हों और न ही तैलीय, कोई भी शैंपू इस्तेमाल कर सकती हैं।
इनके लिए आमतौर पर शिकाकाई, रीठा और आंवले के शैंपू का प्रयोग किया जाता है।
तैलीय बाल:- ऐसे बाल समस्या प्रधान होते हैं। ये बहुत जल्दी चिपचिपे से हो जाते हैं। ऐसे बालों के लिए लैमन यानी नींबू का शैंपू उपयुक्त होता है जो अतिरिक्त शुष्कता प्रदान करता है।
शुष्क बाल:- तैलीय बालों के विपरीत, शुष्क बाल जल्दी बिखर जाते हैं। रूखे और बेजान लगते हैं। ऐसे बालों के लिए अंडे वाला शैंपू उपयुक्त रहता है।
रूसी या सीकरी बालों की एक आम समस्या है। यह समस्या जितनी जल्दी शुरू होती है उतनी ही रफ्तार से फैलती है। आपके बाल देखने में अच्छे हों यानी काले, घने व लम्बे हों किंतु उनमें रूसी हो तो उनका सारा आकर्षण खत्म हो जाता है। रूसी की कभी उपेक्षा नहीं करनी चाहिए क्योंकि इससे आप बालों की अन्य समस्याओं से भी ग्रसित होते जायेंगे। रूसी होने पर सिर में खुजली होती है। इसके अतिरिक्त बाल टूटने व झडऩे लगते हैं।
रूसी दूसरों के केश सौन्दर्य प्रसाधन व कंघी इत्यादि से हो जाती है। इसके लिए विशेष एंटीडैंड्रफ यानी रूसी दूर करने वाला शैंपू भी मिलता है। इसके अलावा नींबू का रस या सिरका लगाने से भी रूसी जाती रहती है और प्रतिदिन बालों को धोने से रूसी जाती रहती है।
शैंपू के साथ-साथ हफ्ते में एक बार घरेलू वस्तुओं का भी प्रयोग करें। उनकी कार्यक्षमता पर शंका नहीं की जा सकती। ये कम असरदार नहीं होते। अत: यदि आपके बाल सामान्य हैं तो रीठा, शिकानाई, आंवला तीनों को मिलाकर पीसकर भिगोकर उनका प्रयोग करें। बाल तैलीय हैं तो मुलतानी मिट्टी, नींबू का रस या सिरका लगाएं और यदि शुष्क हैं तो अंडे की जरदी व दही आदि का प्रयोग करें।
यदि शैंपू करने के बाद बाल उलझें या उनमें गांठें सी पड़ जाएं तो इसका कारण शैंपू का गलत तरीका है। यदि शैंपू के बाद आपके बाल उलझे होंगे तो वे टूटेंगे भी अधिक। इससे बचने का सबसे सरल तरीका यह है कि आप बाल खोलकर पानी से गीला करें, फिर शैंपू पानी में घोल लें और बालों में डालें। इससे शैंपू भी बरबाद नहीं होगा और प्रयोग करने में आसानी भी रहेगी। अब बालों को अच्छी तरह धोयें ताकि बालों में शैंपू बिलकुल न रहे। यदि बालों में शैंपू रह जायेगा तो रूसी पैदा करेगा।
अब बात आती है सप्ताह में कितनी बार शैंपू करना चाहिए। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपके बाल किस किस्म के हैं। यदि बाल तैलीय हैं तो एक दिन छोड़ कर दूसरे दिन शैंपू करें। शुष्क और सामान्य बालों के लिए हफ्ते में दो बार शैंपू करना पर्याप्त होता है।
बालों की देखभाल के अन्तर्गत सिर्फ उनकी सफाई ही नहीं बल्कि मालिश भी शामिल है क्योंकि सिर की ऊपरी त्वचा पर जो बाल होते हैं उनकी जड़ें अन्दर गहराई तक जाती हैं। हर बाल की जड़ के सिरे पर एक गोल थैली होती है जिसे हेयर पेपिला कहते हैं। प्रत्येक बाल को पोषक तत्व यहीं से मिलता है।
बालों का बढऩा, उनका सौन्दर्य, चमक-दमक, शरीर की आतंरिक क्रिया प्रणाली से अनुशासित होते हैं इसलिए वे आपके सामान्य शारीरिक स्वास्थ्य पर निर्भर करते हैं। इसलिए पौष्टिक भोजन, शुद्ध व ताजा हवा तो इसके लिए जरूरी हैं ही, साथ ही बालों की उचित मालिश भी सुंदर केशराशि के लिए अत्यन्त आवश्यक है।
यदि आपके बाल सामान्य हैं तो हफ्ते में एक बार मालिश करें। मालिश करने के लिए नारियल, सरसों, जैतून या बादाम का तेल लें। महंगा तेल बालों को लाभ पहुंचा सकता है बशर्ते आपका मालिश करने का तरीका सही हो, इसलिए उंगलियों की पोरों से मालिश करें। इससे रक्त संचार बढ़ता है।
आकर्षक केश सज्जा भी अच्छा व्यक्तित्व प्रदान करती है। यदि आपके पास तैयार होने का समय कम है तो इसका अर्थ यह नहीं कि बिखरे बालों के साथ ही चली जाएं। वैसे सामान्य व विशेष अवसरों पर आसान व आकर्षक केश शैलियां अपनाएं।
सुंदर बाल सुंदरता का प्रतीक हैं। सुंदर लजीले और दमकते बाल नारी ही नहीं वरन पुरूषों के भी व्यक्तित्व में निखार लाते हैं। बालों से आपके स्वास्थ्य का पता चलता है। थोड़ी सी सावधानी से बालों के स्वास्थ्य और उनके मिजाज को ठीक रखा जा सकता है।
-विजया पांडेय

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