काम के समय बना कर रखें स्वयं को स्वस्थ

काम के समय बना कर रखें स्वयं को स्वस्थ

आधुनिक ऑफिस अधिकतर एअर कंडीशंड होते हैं, साथ ही हर किसी के पास टेबल पर कंप्यूटर भी होता है। लगातार कई घंटों तक कंप्यूटर पर काम करना और ए. सी. वातावरण में कुर्सी पर चिपक कर बैठे रहना कई तरह की बीमारियों को निमंत्रण देता है। हमें इसका पता ही नहीं चलता और बीमारियां धीरे-धीरे हमारे शरीर में अपना स्थान बना लेती हैं।
हमें इन का अहसास तब होता है जब हमारी पीठ, कंधे, गर्दन व सिर में दर्द होने लगता है, आंखें भारी होने लगती हैं, चक्कर आने लगते हैं। फिर भी हम इन परेशानियों को टालते रहते हैं और काम करते रहते हैं। जब ये अपना भयंकर रूप लेना प्रारंभ करती हैं तब हम सावधान होते हैं और भागते हैं डॉक्टरों के पास परामर्श लेने के लिए।
बेहतर यही होगा अगर हम प्रारंभ से काम करने के साथ साथ अपनी सेहत का भी ध्यान ऑफिस में रखें तो हमें इनसे नहीं जूझना पड़ेगा। बस आवश्यकता है कुछ टाइम और वर्क मैनेजमेंट की। थोड़ा सा समय देकर हम स्वस्थ बने रह सकते हैं।
हर आधे या पौने घंटे बाद कुर्सी से उठें:- लगातार कुर्सी पर बैठकर काम करना सेहत की दृष्टि से सही नहीं है क्योंकि हम कई घंटे तक सही पोश्चर में बैठ नहीं सकते। इससे कमर दर्द को बढ़ावा मिलता है। सही पोश्चर कुर्सी की बैक से अपनी बैक को सटा कर बैठना है जो अधिक समय के लिए संभव नहीं। अगर हम आधे पौने घंटे में उठ कर वाशरूम तक या अपने लिए पानी लेने तक उठ जाते हैं तो कमर और आंखों को थोड़ा आराम मिलता है। साथ ही पैरों और टांगों में रक्त संचार सुचारू हो जाता है।
एसी से होता है डिहाइडे्रशन:- एअर कंडीशन रूम में वातावरण सामान्य से कहीं अधिक ठंडा हो जाता है। ठंडे वातावरण में पानी की प्यास कम लगती है और शरीर से प्राकृतिक नमी का भी हृास होता है। इसलिए हमें थोड़ी-थोड़ी देर में थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहना चाहिए। शरीर में खुश्की आने से बालों और त्वचा पर सीधा प्रभाव पड़ता है। बाल निस्तेज और त्वचा खिंची खिंची लगने लगती है।
प्रकृति का आनन्द लें:- अगर ऑफिस के आस-पास हरियाली है तो लंच टाइम में पार्क में जाएं और आनन्द उठाएं हरे हरे पेड़ पौधों का और रंग बिरंगे फूलों का। अगर ऐसा संभव नहीं है तो अपने कमरे के पर्दे या ब्लाइंडस को हटा दें ताकि शीशे से बाहर का नजारा देख सकें। इससे माइंड भी फ्रेश होगा और आंखों को आराम महसूस होगा।
खिड़की से पक्षियों को उड़ता हुआ निहारें, पौधों को झूमता हुआ देखें। अगर ग्रॉसी प्लॉट है तो आंखों को घास देखते हुए खोलें व बंद करें। यह आंखों के लिए एक अच्छा व्यायाम है।
इसके अतिरिक्त आप कुछ व्यायाम अपनी सीट पर बैठे-बैठे समय मिलते ही कर सकते हैं:-
. पांव से चप्पल, जूते उतारें, पैरों को स्टेच करें। बाहर की ओर, फिर अंदर की ओर 5 बार दोनों पैरों को मिलाकर गोल गोल घुमाएं। पूरी तरह खिंचाव बनाते हुए 5 बार क्लाकवाइज, 5 बार एंटी क्लाक वाइज अपनी उंगलियों को पूरी तरह खोलें, बंद करें कम से कम 5 बार। जमीन पर पैर टिके रहने से उनमें रक्त प्रवाह नहीं होता। हल्का-फुल्का व्यायाम आपके पैरों के रक्त प्रवाह को सुचारू रखेगा।
. अपने दोनों कंधों को ऊपर की ओर उठाएं और 15 तक गिनती गिनें, फिर धीरे-धीरे सामान्य लाएं और 15 तक फिर गिनती गिनें। इसी प्रकार 5 बार दोहरा लें। कंप्यूटर पर काम करते हुए कंघों में जकडऩ महसूस नहीं होगी।
. अपनी गर्दन पीछे की ओर ले जाकर रीढ़ पर टिकाएं और 5 तक गिनें, फिर धीरे से सामान्य, फिर आगे की ओर 15 तक गिनें। इसे भी 5 बार दोहरा लें।
. गर्दन को दाएं कंधे पर लिटाएं, कंधा ऊपर न करें। गर्दन जहां तक लेट सके, लिटाएं, 5 तक गिनें, फिर धीरे धीरे सामान्य अवस्था में लाएं, फिर बांई ओर ले जाएं, 5 तक गिनें, फिर सामान्य स्थिति में आएं। इसी प्रकार 3 से 5 बार इस क्रिया को दोहरा लें। इससे आपको गर्दन में मूवमेंट होगी और खून का दौरा भी सामान्य होगा। गर्दन में अकडऩ नहीं आएगी।
. इसी प्रकार गर्दन को धीरे-धीरे क्लाकवाइज, फिर एंटी क्लॉकवाइज घुमाएं। चक्र पूरा करने पर एक दो लंबे गहरे श्वास लें। इस क्रिया को दो बार से प्रारंभ कर धीरे धीरे 5 तक ले जाएं।
. कम से कम 1 घंटे के उपरांत खड़े होकर अपनी पीठ को सीधा करें और थोड़ा रिलेक्स करें। चाहें तो धीरे-धीरे अपनी रीढ़ को पीछे की ओर मोड़ें। कुछ पल रूकें, पुन: सीधा करें। दो बार से प्रारंभ कर 5 बार तक ले जाएं।
. डॉक्टर की सलाह अनुसार कुछ अंतराल बाद अपने टेस्ट करवाते रहें जैसे बी पी, शुगर और कोलेस्ट्राल का चेकअप आदि ताकि समय रहते इन पर काबू पाया जा सके।
. ऑफिस में अगर लंच टाइम 1 घंटे का हो तो सप्ताह में एक या दो बार अपनी आंखें बंद कर सिर मेज पर रखकर थोड़ा आराम कर लें। वैसे दोस्तों से बातचीत कर भी ताजगी आती है पर इससे आपकी नींद भी पूरी हो जाएगी और बाद का हाफ टाइम आप चुस्ती से काम कर पाएंगे।
. ऑफिस में सीढिय़ां हों और आपका ऑफिस ऊपर के तल पर हो तो जहां तक आप सीढिय़ों से चढ़ कर जा सकते हैं, जाएं। बाद में लिफ्ट का प्रयोग कर लें। हार्ट सुचारू रूप से चले, इसके लिए यह एक अच्छा व्यायाम है।
. इन व्यायामों के अतिरिक्त प्रात: आधा घंटा घर पर या पार्क में व्यायाम अवश्य करें ताकि आपका ध्यान पूरी तरह से व्यायाम पर रहे और शरीर स्वस्थ बना रहे।
- नीतू गुप्ता

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