क्या आप हैं अच्छी गृहिणी?

क्या आप हैं अच्छी गृहिणी?

गृहिणी ही घर की संचालिका एवं निर्देशिका होती है, अत: घर को सुव्यवस्थित करना गृहिणी का प्रथम और मुख्य कर्तव्य होता है जिसका वह पूर्ण निष्ठा के साथ निर्वाह करती है। आज की बालिका ही कल की गृहिणी है। पारिवारिक सुख-समृद्धि हेतु गृहिणी के कुछ उत्तरदायित्व होते हैं जिनको निभाना गृहिणी का परम कर्तव्य है। एक अच्छी गृहिणी ही एक आदर्श पत्नी और मां कहलाने का अधिकार रखती है।
एक सर्वगुण संपन्न आदर्श गृहिणी ही घर को स्वर्ग बना देती है। उसके गुणों में सुखी, स्वस्थ और संवेदनशीलता की भावना व सहनशीलता की शक्ति होती है। एक अच्छी गृहिणी होने के लिए कई ऐसे ही गुण विद्यमान रहना आवश्यक होता है। आज हमारे समाज में एक आदर्श गृहिणी होना परम आवश्यक हो गया है।
कुशल गृहिणी को कर्तव्यों का समुचित ज्ञान होता है। पति से मधुर व्यवहार करना, सास-ससुर का आदर करना, ननद व देवर से स्नेह रखना, अच्छी शिक्षा देना ही एक आदर्श पत्नी का परम कर्तव्य है। प्रत्येक गृहिणी को अपने परिश्रम और अच्छे चरित्र का बच्चों तथा परिवार के सदस्यों पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है। एक अच्छी गृहिणी का चरित्रवान होना परम आवश्यक है।
एक कुशल गृहिणी के लिए भी इन नियमों का ज्ञान होना आवश्यक है-
- अपने से बड़े-बुजुर्गों का आदर-सम्मान करना।
- नर्म तथा मृदुभाषिणी होना।
- छोटों के प्रति प्रेम प्रदर्शित करना तथा प्रेमपूर्वक बातें करना।
- अपने से बड़ों को नाम से सम्बोधित नहीं करना व उनको श्रीमान, भाईसाहब, जी, आप आदि आदर से सम्बोधित करना।
- घर आये अतिथि का आदर-सत्कार करना।
- सखी-सहेलियों से शिष्टाचार पूर्ण एवं मैत्रीपूर्ण व्यवहार करना।
- खांसते, छींकते या जम्भाई लेते समय मुंह पर हाथ या रुमाल रखना।
- दो व्यक्तियों की बातों के बीच हस्तक्षेप नहीं करना।
- अनावश्यक रूप से हंसी-मजाक न करना।
- दूसरों की बात सुनकर ही अपनी बात कहना, किसी की बात को बीच में नहीं काटना।
- स्वयं की भूल को स्वीकार करना तथा दूसरों की भूल को क्षमा कर देना।
- किसी के द्वारा कोई वस्तु करने पर उसे 'धन्यवाद' कहना नहीं भूलना चाहिए।
- किसी से मिलने पर समय का ध्यान रखना।
आज समाज में एक आदर्श गृहिणी में सभी गुणों का होना आवश्यक माना जाता है। आदर्श गृहिणी को प्रेम की देवी का रूप दिया गया है। जिसमें सभी गुण व्याप्त हों, वही एक आदर्श गृहिणी है।
- सुरेन्द्र कुमार

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