खाना खराब क्यों?

खाना खराब क्यों?

रमेश की शादी में गया। वधू पक्ष ने खाने का अच्छा इंतजाम किया था। अनेक तरह के पकवान टेबिलों पर रखे थे। लोगों ने प्लेटें उठाई और एक प्लेट में सभी पकवान रख लिये। अनेक लोगों ने प्लेटों में आधे से ज्यादा खाना जूठा छोड़ दिया जिसे देखकर मुझे दुख हुआ।
पहले दावत पत्तल दोने की होती थी। लोगों को बैठाकर खाना परोसकर खिलाया जाता था। आजकल उसका सथान बुफे ने लिया है। आजकल ज्यादातर बुफे पद्धति से ही खाना खिलाया जाता है। इस पद्धति में खाने के विभिन्न व्यंजनों को मेजों पर सजाकर रख दिया जाता है। जिसको जो व्यंजन जितना खाना हो, अपनी पसंद और जरूरत के हिसाब से ले सकता है।
बहुत से लोग जरूरत से ज्यादा खाना प्लेट में रख लेते हैं और खा नहीं पाते तो जूठा छोड़ देते हैं। यह गलत है।
आप अगर किसी दावत में जायें तो याद रखें आपके द्वारा जूठा छोड़ा खाना बेकार चला जायेगा। अगर आप जूठा नहीं छोड़ेंगे तो वह किसी और के काम आ सकता है।
-किशन लाल शर्मा

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