व्यर्थ न जाने दें रोमांस के लम्हे

व्यर्थ न जाने दें रोमांस के लम्हे

नवविवाहित युवक-युवतियों के दिलों में उमड़ते प्यार के वह पल रोमाँस के लम्हे बन जाते हैं जब विवाह के प्रारम्भ में कुछ वर्षों तक पति-पत्नी एक दूसरे की जरूरत को जी जान से पूरा करते हैं। वे सदा ही आस-पास के वातावरण से हट कर एकान्त में प्यार को एक दूसरे पर न्यौछावर करने के लिये व्याकुल रहते हैं।
शारीरिक और मानसिक भावनाओं को समझना रोमांस के लम्हों को प्रगाढ़ बनाता है। ज्यों-ज्यों वैवाहिक जीवन में पति-पत्नी का विश्वास एक दूसरे के प्रति बढ़ता है, रोमांस की उमंगें दिल में हिलोरे मारती हैं।
धीरे-धीरे समय के साथ-साथ पारिवारिक जिम्मेदारियां बढऩे से प्यार के लम्हे बोझ तले दबते जाते हैं। आज के आधुनिक युग में भौतिक पदार्थों की चाह और रोज़मर्रा की जि़न्दगी में बढ़ते तनाव के कारण रोमांस कम होता जाता है। अपने वैवाहिक जीवन में जीवन साथी की रोमांस की भावनाओं को हमेशा तरोताज़ा और स्फूर्तिवान बनाये रखने के लिये संकल्प करें जिससे आपके वैवाहिक जीवन में सदा रोमांस की बहार बनी रहेगी।
जीवन साथी के साथ सदा हंस बोल कर अपने समय को गुजारें जिससे जीवन में सदा रोमांस के पल बने रहते हैं। पति-पत्नी एक दूसरे की भावनाओं की कद्र करके रिश्ते की विश्वसनीयता स्थापित करें।
पति-पत्नी के रिश्ते में रोमांस एक सदाबहार प्रेम क्रीड़ा है। इसमें भावनाओं की सजीवता होती है। जि़न्दगी की हर उम्र में रोमांस की तमन्ना बनी रहती है। रोमांस कभी स्थायी नहीं होता। उतार-चढ़ाव की उमंग दिल में हिचकोले लेती रहती है।
जीवन में पति-पत्नी अधिक व्यस्तता के कारण एक दूसरे को समय भी नहीं दे पाते। महीने में एक दिन बच्चों को दादा-दादी, नाना-नानी या सगे संबंधियों के पास छोड़ कर कहीं दूर झील-झरने, गार्डन या होटल आदि में समय बितायें जहाँ एकान्त मिले।
विवाह के बाद प्रेमी और प्रेमिका बने रहना बहुत कठिन होता है क्योंकि घर गृहस्थी की जिम्मेदारी, बुजुर्गों की सेवा व बच्चों की परवरिश आदि करने में समय लगता है, फिर भी पति-पत्नी अपनी परिपक्वता का परिचय देकर हर दिन शयन कक्ष में इकटठे सोयें।
शयन कक्ष को ऐसा बनायें जिसमें बाह्य व्यक्तियों की आवाजाही न हो। यदि पति शयन कक्ष में पहले चला जाये तो पत्नी गृहस्थी के कार्यों से निवृत्त होकर, जिससे बीच में उठना न पड़े, तभी जायें। बैडरूम में बच्चों के सोने के बाद, रोमांटिक गीत, साहित्य फिल्मों के कैसेट देखें व सुनें। स्पर्श करते कराते समय नुक्ताचीनी न करें।
विवाह की सालगिरह पर सरप्राइज गिफ्ट, हँसी मज़ाक व चुलबुली बातों का वातावरण बनायें। नाराजग़ी के वातावरण को उत्पन्न नहीं होने दें।
पति-पत्नी के रिश्ते में रूठना-मनाना बहुत ही आवश्यक है। इससे रोमांस की गरमाहट बनी रहती है। मौके का फायदा उठाकर रसोई, बाथरूम में स्पर्श, चुंबन व आलिंगन आदि करने में न चूकें।
हमेशा एक दूसरे के परिवारों का सम्मान करें। अतिथि सत्कार और बच्चों को सदा प्यार दें। सास-ननद के साथ काम मिलकर करने का अभ्यास करें जिससे आपको गृहस्थी का पूर्ण सुख और आनन्द मिलेगा। पति के साथ रहने का अवसर अधिक प्राप्त होगा।
रोमांस और सैक्स का चोली दामन का साथ है। यदि रोमांस के मूड में आकर सैक्स किया जाता है तो लम्हे ज्यादा यादगार बन जाते हैं। केवल रोमांस ही जीवन में रोमांटिकता उत्पन्न नहीं करता है। भावनाओं की कद्र करना अधिक लुभाने वाला बनता है।
-विकास बिहानियां

Share it
Top